Vintage Doordarshan newsreader presenting a bulletin in a studio with the DD logo in the background.
Veteran Doordarshan news anchor Sarla Maheshwari died at 71

Summary: रदर्शन युग की प्रतिष्ठित न्यूज़रीडर सरला माहेश्वरी नहीं रहीं

दूरदर्शन की वरिष्ठ समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, जिससे भारतीय टीवी पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।

Sarla Maheshwari: भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के स्वर्णिम दौर की पहचान रहीं वरिष्ठ समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का 12 फरवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि दूरदर्शन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की, वहीं उनके लंबे समय के सहयोगी और मित्र शम्मी नारंग ने भी इस दुखद समाचार की जानकारी साझा की।

भारतीय टीवी पत्रकारिता की सशक्त पहचान

सरला माहेश्वरी उन चुनिंदा अग्रणी समाचार वाचकों में शामिल थीं जिन्होंने दूरदर्शन के शुरुआती दौर से लेकर आधुनिक प्रसारण युग तक अपनी पहचान बनाए रखी। उन्होंने वर्ष 1976 में दूरदर्शन जॉइन किया और लगभग तीन दशकों तक, 2005 तक, संस्था से जुड़ी रहीं। उनकी आवाज़ की कोमलता, शुद्ध हिंदी उच्चारण ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। उस दौर में जब टेलीविजन सीमित था, लोग विशेष रूप से समाचार बुलेटिन देखने के लिए समय निकालते थे और सरला माहेश्वरी उन चेहरों में थीं जिन पर दर्शकों का अटूट भरोसा था। सलमा सुल्तान और नीति रविंद्रन जैसी समकालीन समाचार वाचिकाओं के साथ वह 80-90 के दशक के भारतीय टेलीविजन की सांस्कृतिक पहचान बन गई थीं। उन्होंने ब्लैक एंड वाइट प्रसारण से रंगीन टीवी तक का पूरा तकनीकी बदलाव बहुत करीब से देखा और उसमें सक्रिय भूमिका निभाई।

बीबीसी तक पहुंची भारतीय आवाज़

अपने करियर के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय मंच तक भी पहुंचीं। 1984 से 1986 के बीच वह ब्रिटेन गईं और वहां बीबीसी के लिए समाचार वाचन किया। इसके बाद 1988 में भारत लौटकर दोबारा दूरदर्शन से जुड़ गईं। उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता का एक किस्सा अक्सर याद किया जाता है। लाइव बुलेटिन के दौरान स्टूडियो में छिपकली आ जाने पर भी उन्होंने बिना घबराहट के पूरी शांति और संतुलन के साथ समाचार पढ़ना जारी रखा। यह घटना उनकी अद्भुत एकाग्रता और प्रोफेशनलिज्म का उदाहरण मानी जाती है।

Four women in colorful sarees sitting together on a bench, smiling at the camera.
After leaving Doordarshan, Maheshwari moved to the UK, where she worked as a newsreader with the BBC until 1986

उच्च शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि

सरला माहेश्वरी एक बेहतरीन टीवी पर्सनालिटी के साथ एक विदुषी भी थीं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। खास बात यह है कि जब उन्होंने न्यूज़ एंकर के लिए ऑडिशन दिया, तब वह अपनी पीएचडी की पढ़ाई कर रही थीं। प्रसारण के साथ-साथ उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में व्याख्याता के रूप में भी पढ़ाया। भाषा पर उनकी मजबूत पकड़ और गहरी समझ का यही कारण था कि उनका उच्चारण लंबे समय तक मानक माना गया।

सादगी भरा निजी जीवन

उनका निजी जीवन भी उतना ही संयमित और संतुलित था जितना उनका ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व। वह एक पुत्र और एक पुत्री की मां थीं। बेटे के जन्म के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए पत्रकारिता से विराम लिया, लेकिन जल्द ही दोबारा टीवी समाचारों में लौट आईं। लोकप्रियता के चरम पर रहते हुए उन्हें फिल्मों और विज्ञापनों के कई प्रस्ताव मिले, मगर उन्होंने पत्रकारिता और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन्हें स्वीकार नहीं किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने मीडिया जगत से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने करियर स्मार्ट नामक करियर सलाह कंपनी और इनसाइट प्रोडक्शन नाम से फिल्म निर्माण संस्था की स्थापना की।

दूरदर्शन ने दी श्रद्धांजलि

दूरदर्शन ने अपने संदेश में लिखा: “दूरदर्शन परिवार की ओर से श्रीमती सरला माहेश्वरी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। वह दूरदर्शन की सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका थीं, जिन्होंने अपनी सौम्य आवाज, सटीक उच्चारण और गरिमापूर्ण प्रस्तुति से भारतीय समाचार जगत में विशेष स्थान बनाया। उनकी सादगी, संयम और व्यक्तित्व ने दर्शकों के मन में गहरा विश्वास स्थापित किया।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...