aesop ki kahani

Hindi kids story: एक बार की बात है, कुछ मेढकों के बच्चे नदी किनारे खेल रहे थे। वे मस्ती और उछल-कूद में लीन थे। इतने में उन्होंने एक विशाल डील-डौल वाले बैल को नदी की ओर आते देखा। वह इतना लंबा-चौड़ा और तंदुरुस्त था कि उसे देखकर वे डर गए और एक झाड़ी के पीछे जाकर दुबक गए। बैल पानी पीकर चला गया, तब वे बाहर निकले।

कुछ देर बाद मेढकी आई, तो बच्चों ने उससे कहा, ”माँ-माँ, आज हमने बहुत बड़ा जानवर देखा।”

”अच्छा, कितना बड़ा जानवर था वह?” माँ ने जानना चाहा, ”क्या मुझसे भी बड़ा?”

”हाँ माँ, तुमसे भी बड़ा। बहुत बड़ा। बस, समझो कि बहुत ही बड़ा।” नन्हें मेढकों ने बताया।

मेढकी को यकीन नहीं हुआ। उसने अपना पेट फुलाया और पूछा, ”क्या वह इतना बड़ा था?”

”इससे भी बड़ा माँ, बहुत बड़ा।” बच्चों ने कहा।

अब मेढकी ने अपना पेट और ज्यादा फुलाया। बोली, ”कितना बड़ा? वह जानवर इससे बड़ा तो नहीं था न?”

Hindi kids story

”अरे माँ, इससे भी बड़ा था वह। बहुत बड़ा था, बहुत ही बड़ा।” नन्हें शिशु एक साथ बोले।

”कितना बड़ा? क्या इससे भी बड़ा?” कहकर मेढकी पेट को जितना फुला सकती थी, उतना फुला लिया।

”नहीं माँ, इससे तो बहुत ही ज्यादा बड़ा था वह। तुम समझ नहीं रही हो।” बच्चों ने कहा।

”तो इससे बड़ा तो वह हरगिज नहीं हो सकता।” कहकर मेढकी ने पेट फुलाने में पूरी ताकत लगा दी। उसका पेट फूलते-फूलते आखिर फट गया।

सीख : हर शख्स खुद अपने से ही दूसरे का अंदाजा लगाता है।

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