“बीरबल से कहो कि वह मुझे आपसे माफी मांगने पर मजबूर करे वरना आप उसे पद से हटा देंगे।”

अगले दिन राजा ने बीरबल को बुला कर कहा।

“तुम्हें रानी को मजबूर करना है कि वह मुझसे माफी माँगें, वरना मैं तुम्हें तुम्हारे पद से हटा दूंगा”

बीरबल चुपचाप महल से बाहर आ गया। उसे एक तरकीब सूझी उसने दरबान को बुलाया और उसके कान में कुछ कहा। फिर वह महल में रानी से मिलने चल दिया।

वह रानी से इस तरह बात करने लगा, मानो उसे राजा-रानी के झगड़े के बारे में कुछ पता ही न हो। जब वह बात कर रहा था, तो दरबान उसके पास आकर बोला।

“महाराज ने कहा है कि सब कुछ योजना के हिसाब से हो रहा है।”

रानी ने यह बात सुनी तो बीरबल से पूछा।

“दरबान किस योजना की बात कर रहा है?”

“माफ करें, मैं इसे किसी को नहीं बता सकता” बीरबल ने जवाब दिया।

बीरबल की बात सुनकर रानी को शक हो गया कि रात में हुए झगड़े के कारण कहीं बादशाह दूसरी शादी की योजना तो नहीं बना रहे?

ऐसा सोचते ही वह भागी हुई बादशाह के पास पहुंची और उससे माफी मांगने लगी।

महाराज दिल खोल कर हँसे। वे समझ गए कि चतुर बीरबल अपनी योजना में सफल रहा। उसने महारानी को महाराज के आगे माफी मांगने पर मजबूर कर ही दिया। उन्होंने बीरबल की चतुराई की बहुत प्रशंसा की।