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अकबर बीरबल की कहानियाँ – हकीम की बीरबल से पुरानी दुश्मनी थी। उसने बीरबल को परेशानी में डालने के लिए ही ऐसा कहा था। बादशाह अकबर ने बीरबल को हुक्म दिया, “मुझे बैल का दूध चाहिए। जाओ, किसी भी कीमत पर लाओ।”

बीरबल घर पहुंचा। उसकी बेटी ने देखा कि पिता काफी परेशान लग रहे थे। कई बार पूछने पर बीरबल ने पुत्री को अपनी परेशानी की वजह बता दी।

बीरबल की बेटी भी पिता की तरह बहुत सयानी थी। दोनों ने मिल कर एक तरकीब सोच ली। बीरबल ने बेटी को, आधी रात में शाही तालाब पर कपड़े धोने भेज दिया। वह वहाँ गई और कपड़े धोने लगी। जिसकी आवाज सुनकर अकबर की नींद टूट गई! उसने सैनिक भेज कर लड़की को बुलवा लिया।

उसने पूछा, “तुम इतनी रात को कपड़े क्यों धो रही हो?

लड़की ने जवाब दिया, “महाराज! मेरे पिता ने आज एक शिशु को जन्म दिया है। वे बिस्तर पर हैं। मुझे दिन में काम करने का समय नहीं मिलता इसलिए मैं इस समय कपड़े धो रही हूँ।”

बादशाह बड़ा हैरान हुआ, उसने लड़की से कहा, “बिटिया! पुरुष तो बच्चे पैदा नहीं करते।”

लड़की झट से बोली। “अगर पुरुष बच्चा पैदा नहीं कर सकता तो एक बैल दूध कैसे दे सकता है?”

बादशाह अकबर समझ गए कि हकीम ने बीरबल को नीचा दिखाने के लिए ही यह चाल चली थी। उन्हें अपने ऊपर भी शर्म आई कि वे किस तरह हकीम की बातों में आ कर उल्लू बन गए। हकीम को अपने इस बर्ताव के लिए सजा दी गई। अकबर ने बीरबल की चतुराई की प्रशंसा की।

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