प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में वॉक करने से मिलते है जबरदस्त फायदे: Benefits of Walking during Pregnancy
प्रेग्नेंसी में तीसरी तिमाही से वॉक करने से महिलाओं को स्वास्थ संबंधित फायदे होते है।
Benefits of Walking during Pregnancy: प्रेग्नेंसी में महिलाओं को हल्की एक्सरसाइज और घूमने की सलाह सभी देते है। गर्भावस्था में वॉक करने से महिलाओं के मेंटल-फिजिकल हेल्थ पर काफी गहरा असर पड़ता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में काफी सारे बदलाव देखने को मिलते है। ऐसे में हार्मोन के स्तर में उतार- चढ़ाव देखने को मिलता है। इसकी वजह से मूड स्विंग्स भी होते है। इस दौरान वॉक करने से सेहत में पॉजिटिव बदलाव आते है, जो मां और होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। कई बार डॉक्टर गर्भावस्था की शुरुआत में रेस्ट करने के लिए बोलते है। फिर तीसरी तिमाही से वॉक की सलाह देते है। ऐसे में आपको तीसरी तिमाही में वॉक शुरू कर देनी चाहिए। इस दौरान आपको सप्ताह में 6 दिन 20 से 50 मिनट तक पैदल चलने की कोशिश करनी चाहिए। इससे आपको स्वास्थ संबंधित कई सारे फायदे होते है। इसलिए आज हम आपको तीसरी तिमाही में वॉक करने में क्या फायदे होते है? इसके बारे में बताने वाले है।
मेंटल हेल्थ में करें सुधार
डॉक्टर का मानना है की वॉक करने से गुड हार्मोन रिलीज होते है। इससे मूड भी अच्छा बना रहता है। गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर महिलाएं चिड़चिड़ी और परेशान रहती है। ऐसा शरीर में हार्मोन में बदलाव के कारण होता है। प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर में हो रहे बदलाव को रोका नहीं जा सकता है। लेकिन वॉक करने से शरीर की काफी परेशानियां दूर होती है। साथ ही मूड भी फ्रेश भी रहता है।
सिजेरियन का रिस्क होता है कम
आजकल नॉर्मल डिलीवरी की संख्या काफी ज्यादा कम हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण गर्भावस्था के दौरान महिलाएं पूरे समय आराम करती रहती है। सिजेरियन डिलीवरी में काफी ज्यादा रिस्क रहता है। कई बार मां और बच्चे दोनों की जान खतरा रहता है। अगर कोई भी महिला तीसरी तिमाही से रेगुलर वॉक करती है, तो ऐसी महिलाओं में सिजेरियन का खतरा कम हो जाता है और नॉर्मल डिलीवरी की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
बैक पेन से मिलती है राहत

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को शरीर के अलग- अलग हिस्से में दर्द बना रहता है। ज्यादातर दर्द पीठ के निचले हिस्से में होता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को हल्की- फुल्की एक्सरसाइज करने के लिए कहा जाता है। एक्सरसाइज के साथ- साथ नियमित रूप से 20 से 40 मिनट की वॉक करने पर भी बैक पेन में काफी राहत मिलती है। वॉक करने से मांसपेशियां मजबूत होती है।
एनर्जी लेवल करें बूस्ट
गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अक्सर डल और कमजोर महसूस करती है। कभी – कभी तो महिलाएं बिना काम के भी प्रेग्नेंसी में थक जाती है। इसकी वजह से उन्हें बिस्तर से उठने तक का मन नही करता है। लेकिन ज्यादातर देर के इस समय में बिस्तर पर सोए रहना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। इसलिए सप्ताह में छह दिन 40 मिनट की वॉक करने से बॉडी की एनर्जी बूस्ट होती है। साथ ही थकान को भी दूर करने में मदद मिलती है।
