स्ट्रेच मार्क्स से बचने के लिए तीसरे महाने से लगाएं ये 5 एसेंशियल ऑयल: Essential Oils to reduce Stretch Marks
स्ट्रेच मार्क्स से बचने के लिए आप गर्भवस्था के तीसरे महिने से एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल शुरू कर सकती है।
Essential Oils for Stretch Marks: गर्भावस्था के दौरान शरीर में फैट बढ़ने लगता है। इससे त्वचा स्ट्रेच होने लगती है। इसकी वजह से सभी महिलाओं को गर्भवस्था के दौरान स्ट्रेच मार्क्स हो जाते है। जो महिलाएं डिलीवरी के बाद अपना वेट लॉस कर लेती है। उनके स्ट्रेच मार्क्स स्किन पर दिखने लगते है। ऐसे में महिलाएं काफी ज्यादा परेशान हो जाती है। लेकिन कई ऐसे एसेंशियल ऑयल है, जिन्हें लगाकर आप अपनी समस्या को काफी हद तक कम कर सकते है। प्रेगनेंसी में वेट बढ़ने की वजह से थाइज़, पेट, अप्पर आर्म्स, ब्रेस्ट और हिप्स पर स्ट्रेच मार्क्स बन जाते है। प्रेगनेंसी में स्किन की मिडल लेयर डर्मिस खिंचने लगती है, जिसके कारण टिशूज व सेल्स डैमेज हो जाते है। इससे स्किन पर खिंचाव के निशान के रूप से मार्क्स दिखने लगते है। लेकिन अगर महिलाएं प्रेगनेंसी के तीसरे महिने से एसेंशियल ऑयल को पेट पर अप्लाई करने से स्ट्रेच मार्क्स काफी हद नही होते है। इसलिए आज हम ऐसे ही कुछ एसेंशियल ऑयल के बारे में बताने वाले है, जिन्हें आप गर्भवस्था के दौरान लगा सकती है, तो चलिए जानते है।
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नारियल का तेल

नारियल तेल में मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टीज होती है, जो त्वचा में लचीलेपन को बढ़ाने में मदद करता है। नारियल तेल को नियमित रूप से लगाने पर त्वचा में कोलेजन की मात्रा बढ़ती है। साथ ही ये स्ट्रेच मार्क्स को भी करने में मदद करता है। नारियल तेल में विटमिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो स्किन के टैक्सचर को बेहतर बनाता है। ये त्वचा में होने वाले संक्रमण के खतरे को कम करता है। गर्भवस्था के दौरान दिन में बार नारियल के तेल की मसाज करने से स्ट्रेच मार्क्स का खतरा कम होता है।
जैतून का तेल
जैतून के तेल में हाइड्रेटिंग और एंटीऑक्सीडेंटस गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है। जैतून के तेल से डैमेज स्किन सेल्स को रिपेयर करने में काफी मदद मिलती है। साथ ही ये त्वचा की डीप नरिशमेंट भी करता है। ध्यान रहे इस तेल को डायरेक्ट त्वचा पर अप्लाई ना करें। इसमें नारियल तेल की कुछ बूंदों को मिलाकर आप स्ट्रेच मार्क्स पर लगा सकते है। इससे काफी हद तक राहत स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिलती है।
रोज़हिप ऑयल

स्किन सेल्स को बूस्ट करने के लिए आप रोज़हिप ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है। इस तेल में विटामिन ए, सी और ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ये त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करता है। स्किन को मॉइश्चराइ़ज़ करने के लिए आप नियमित रूप से रोज़हिप ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है। ऐसा करने से गर्भवस्था में पेट, थाइज़ और कमर पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स से भी राहत मिलती है।
कैस्टर आयल
कैस्टर ऑयल एंटीऑक्सीडेंटस, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते है। इससे त्वचा में मौजूद दाग- धब्बे और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। कैस्टर ऑयल में मौजूद हाइड्रोलिक एसिड, विटामिन ई और फैटी एसिड त्वचा में नमी को बरकरार रखते है। साथ ही मांसपेशियों को मजबूत मिलती है। स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए हाथों में कैस्टर ऑयल की कुछ बूंदों को लेकर रात में पेट पर मसाज करें। इससे मार्क्स होने की संभावना कम हो जाती है।
आर्गन ऑयल

आर्गन ऑयल में विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें लिनोलिक और ओलिक फैटी एसिड मौजूद होते है, जो त्वचा की इलास्टीसिटी को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही स्किन को गहराई से हाइड्रेट भी करता है। ये स्ट्रेच मार्क्स को तो कम करता है। साथ ही पोस्ट मेनोपॉज के समय त्वचा में लोच को बरकरार रखने के लिए आप आर्गन ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है।
