स्लीप गमीज़ या अश्वगंधा, क्या है बेहतर: Sleep Gummies or Ashwagandha
Sleep Gummies or Ashwagandha

Sleep Gummies or Ashwagandha: आयुर्वेद हमारी कई स्वास्थ्य समस्याओं में बहुत फायदेमंद माना जाता रहा है I स्ट्रेस मैनेजमेंट, हर्बल ऑयल, वेट मैनेजमेंट, लाइफस्टाइल समस्याएं, न्यूट्रिशन, चाहे कुछ भी हो, आयुर्वेद में काफी हद तक हर चीज का समाधान है I एक ऐसी ही समस्या है नींद में कमी जिसका सामना आज बहुत से लोग कर रहे हैं I आज हम इसी विषय पर आयुर्वेद के लाभों के बारे में बात करने जा रहे हैं I अश्वगंधा जिसे इंडियन जिनसेंग भी कहा जाता है, इस समस्या का इलाज है I

इसका साइंटिफिक नाम विथानिया सोम्निफेरा है I अश्वगंधा भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है I इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार अश्वगंधा चिंता को कम करने, इम्यूनिटी को बढ़ाने, ब्लड शुगर के स्तर को कम करने, मेंटल हेल्थ में सुधार करने, जोड़ों को हैल्दी बनाने व स्लीप क्वालिटी को इंप्रूव करने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है I

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स्लीप गमीज़ या अश्वगंधा

Sleep Gummies or Ashwagandha
Sleep Gummies vs Ashwagandha

स्लीपिंग गमीज़ और सप्लीमेंट्स के बजाय अश्वगंधा का सेवन करने के बारे में डॉक्टर्स बताते हैं कि गमीज़, अश्वगंधा के समान ही हैं I दोनों में ही नींद की क्वालिटी में सुधार करने के गुण हैं I फर्क इतना ही है कि जहां अश्वगंधा एक नैचुरल तरीके से स्ट्रैस और एंग्जायटी को कम करके नींद में सुधार लाने में मदद करती है, वही स्लीप गमीज़ में मौजूद कैमोमाइल एक्सट्रैक्ट, मेलाटोनिन और कुछ जरूरी विटामिन हमारी नींद को बेहतर बनाने में मदद करते हैं I

कुछ क्लिनिकल परीक्षणों के रिजल्ट्स में भी यह पाया गया है की अश्वगंधा की जड़ और पत्ती का अर्क नींद में मदद कर सकता है I जिन लोगों ने इस परीक्षण में भाग लिया था उनकी स्लीप एफिशिएंसी, कुल नींद का समय, और नींद से जागने के बाद उनकी फ्रेश नैस में सुधार देखा गया I स्टडी से यह भी पता चला कि जो लोग इनसोम्निया से पीड़ित थे उन्हें भी बहुत अधिक लाभ मिला I

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें

Ark Of Ashwagandha Roots
Ashwagandha Tea

विशेषज्ञ के अनुसार अश्वगंधा को अलग-अलग प्रॉब्लम्स के लिए अलग-अलग मात्रा में लेना चाहिए I क्योंकि अश्वगंधा इनफर्टिलिटी में भी मदद करता है, उस हिसाब से इसे 5 से 10 ग्राम लेना चाहिए I नींद की क्वालिटी में सुधार के लिए इसे शुरुआत में 5 से 10 ग्राम लेने की सलाह दी जाती है और बाद में इसे कम करके तीन से पांच ग्राम तक लिया जा सकता है Iअपने रूटीन में इसे शामिल करने से पहले किसी हैल्थ केयर प्रोफैशनल की सलाह अवश्य लें I

अश्वगंधा नींद में सहायता कर सकता है लेकिन इसके साथ ही कुछ स्पेशल केसेस में इसके कुछ रिस्क भी जुड़े हैं I डॉ वोहरा के अनुसार कुछ लोगों में अश्वगंधा का लंबे समय तक सेवन करने से दस्त, मतली, पेट खराब और जलन आदि हो सकती है I प्रेगनेंसी के दौरान इससे गर्भपात का रिस्क सकता है I बच्चों में इसके कई मेंटल और फिज़िकल साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जिसमें उनके मूड में बदलाव, डिप्रेशन, गुस्सा, नॉसिआ और चक्कर आना हो सकता है I कुछ केसेस में यह मुंहासे, गंजापन, PCOS आदि प्रॉब्लम्स पर नेगेटिव इफेक्ट डाल सकता है I

मेरा नाम दिव्या गोयल है। मैंने अर्थशास्त्र (Economics) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से हूं। लेखन मेरे लिए सिर्फ एक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज से संवाद का एक ज़रिया है।मुझे महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक...