Healthy Breakfast for Kids: सुबह का नाश्ता यानी ब्रेकफास्ट दिन का सबसे अहम मील होता है। बच्चे हों या बड़े ब्रेकफास्ट सभी के लिए जरूरी होता है। सामान्यतौर पर ब्रेकफास्ट में ब्रेड, दलिया या अंडे खाने का रिवाज है लेकिन क्या बच्चे हर रोज ऐसा हेल्दी ब्रेकफास्ट करना पसंद करते हैं, शायद नहीं। बच्चे दिनभर मस्ती और उछल-कूद करते हैं ऐसे में उनका पौष्टिक और स्वादिस्ट ब्रेकफास्ट करना बेहद जरूरी होता है। बच्चे अक्सर ब्रेकफास्ट में मैदे से बना पैनकेक, बर्गर और पिज्जा की मांग करते हैं लेकिन लंबे समय तक ऐसा अनहेल्दी खाना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डाल सकता है। बच्चों को यदि हेल्दी ब्रेकफास्ट देना चाहते हैं तो हमें अपना बचपन याद करना होगा, कि कैसे हमारी दादी-नानी हमें तरह-तरह के स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर व्यंजन बनाकर खिलाती थीं। तो चलिए आज उन्हीं यादों को ताजा करते हैं और बच्चों के लिए नब्बे के दशक के हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन के बारे में जानते हैं।
चीनी या गुड़ का परांठा

ये परांठा शायद हर किसी का फेवरेट रहा होगा। देशी घी में बना ये परांठा टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होता है। बचपन में दादी-नानी को कुछ मीठा बनाना होता था तो वह जल्दी से चीनी का परांठा बना देती थीं। यदि आपका बच्चा भी मीठे का शैकीन है तो आप ब्रेकफास्ट में उसे ये हेल्दी परांठा बना कर दे सकते हैं। सामान्यतौर पर इस परांठे को चीनी से बनाया जाता है लेकिन यदि आप बच्चे को चीनी नहीं देना चाहते तो इसके बजाये गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाने में अधिक मेहनत भी नहीं लगती।
आलू परांठा
आलू का परांठा हर किसी का फेवरेट होता है। अधिकांश बच्चे आलू या आलू से बने व्यंजनों को पसंद करते हैं। यदि आपका बच्चा खाने में चूजी है तो आप ब्रेकफास्ट में चीज और पनीर डालकर आलू का परांठा दे सकते हैं। आलू का एक परांठा बच्चे का पेट भर देगा और बच्चे की मंचिंग करने की आदत से भी छुटकारा मिल जाएगा। आलू के परांठे को दही या अचार के साथ सर्व करें। इसे और अधिक हेल्दी बनाने के लिए अन्य सब्जियां भी मिला सकते हैं।
हेल्दी फरे

फरे यूपी की डिश है जिसे चने की दाल से बनाया जाता है। जिन बच्चों को मोमोज खाना पसंद है उन्हें फरे का स्वाद यकीनन भाएगा। फरे 90 के दशक के लोगों का फेवरेट नाश्ता हुआ करता था। दादी-नानी बच्चों को खुश करने के लिए इसे बनाया करती थीं। फरे बेहद हेल्दी और कम तेल में बनते हैं। इसे स्टीम करके बनाया जाता है जिसका स्वाद बढ़ाने के लिए हींग और जीरे का तड़का लगाया जाता है। आटे की रोटी में चने की दाल को भरकर इसे मोमोज की तरह स्टीम किया जाता है। इसके सेवन से लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है।
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मीठा चीला
चीले तो आप लोगों ने कई तरह के खाएं होंगे लेकिन क्या आपने मीठा चीला खाया है। ये बेहद आसान और पुरानी डिश है जिसे दादी-नानी मुख्य रूप से बनाती थीं। मीठा चीला चीनी या गुड़ दोनों से तैयार किया जा सकता है। ये बेसन और मैदे से नहीं बल्कि गेहूं के आटे से बनाया जाता है। एक चीला खाने से बच्चे की स्वीट टुथ क्रेविंग को भी शांत किया जा सकता है। यदि आपके बच्चे को मीठा खाना पसंद है तो आप उसे मीठा चीला बनाकर दे सकते हैं।
