Cold Breakfast Effects: फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत बेहतरीन नाश्ते के साथ करना बेहद जरूरी होता है। ये एक ऐसा जरूरी मील होता है जो शरीर को पूरे दिन तरोताजा और ऊर्जावान रखने में मदद करता है। यही वजह है कि हमें बचपन से पौष्टिक और गर्म नाश्ता खाने की सलाह दी जाती है। हालांकि जब नाश्ते की बात आती है तो बहुत से लोग यह नहीं सोचते कि इसे ठंडा खाना चाहिए या गर्म। आयुर्वेद के अनुसार दिन का सबसे भारी और आवश्यक भोजन नाश्ता होता है जिसे गर्म और ताजा खाना चाहिए। ठंडा और बासी भोजन शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। खासकर वर्तमान में हम जिस प्रकार की लाइफस्टाइल जी रहे हैं उसमें ठंडा नाश्ता शरीर के लिए जहर के समान माना जाता है। ठंडा नाश्ता सेहत के लिए क्यों खराब है और इसके क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं चलिए जानते हैं।
ठंडा नाश्ता कैसे डालता है शरीर पर प्रभाव

आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म का सूर्य की स्थिति के साथ सीधा संबंध होता है। इसलिए मदर नेचर क्लॉक को इंटरनल क्लॉक के साथ सिंक करने की प्रक्रिया को अधिक सराहना मिलती है। इस अवधारणा को सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। सुबह जब सूरज उगने वाला होता है तो गट में मेटाबॉलिक फायर भी उत्पन्न होती है। इस स्थिति में यदि ठंडा खाना पेट में जाता है तो अग्नि ठंडी पड़ जाती है, जिस वजह से पाचन कमजोर हो जाता है। आयुर्वेद सुझाव देता है कि कमजोर अग्नि के परिणामस्वरूप शरीर में विषैले पदार्थों की उत्पत्त्ती होती है जो विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
ठंडा नाश्ता करने के दुष्प्रभाव

सुबह के समय ठंडा नाश्ता करने से शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
पाचन तंत्र पर प्रभाव
जब हम दिन की शुरुआत ठंडे नाश्ते के साथ करते हैं तो हमारा शरीर उसे पचाने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च करता है, जो कि हमारे शरीर के पाचन तंत्र को खराब कर सकता है। इससे पेट में अधिक गैस, सूजन और कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए सुबह के समय गर्म और ताजा खाना खाने की सलाह दी जाती है।
शक्ति हो सकती है कम
आयुर्वेद के अनुसार ठंडा खाना शरीर की शक्ति को कम कर सकता है। नियमित रूप से ठंडा खाना खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है जिस वजह से हम पूरे दिन सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। ठंडा नाश्ता करने से आलस आता है जिससे अधिक नींद आती है और काम में भी मन नहीं लगता।
बढ़ सकता है तनाव
आयुर्वेद के अनुसार शरीर को सुचारू रूप से चलाने में वात, पित्त और कफ की अहम भूमिका होती है। वात दोष वाले व्यक्ति नियमित रूप से ठंडा नाश्ता करते हैं तो उनका वात दोष बढ़ सकता है जिसके कारण तनाव और चिंता बढ़ सकती है। ये पाचन तंत्र को भी कमजोर बना सकता है। वहीं गर्म खाना शरीर के बैलेंस को बनाए रखता है और पाचन में भी सुधार करता है।
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इन चीजों को करें नाश्ते में शामिल

– दलिया
– स्टीम्ड इडली
– डोसा
– पोहा
– सूजी का चीला
– बेसन का चीला
– ओट्स
– ज्वार, बाजरा और रागी की रोटी
– बाजरा की खिचड़ी
