हालांकि अस्थमा और सीओपीडी के लक्षण कई बार मिलते-जुलते हैं, लेकिन उनकी वजह, गंभीरता और इलाज का तरीका पूरी तरह अलग है। अस्थमा को अगर शुरुआत में पहचाना जाए तो यह पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि सीओपीडी धीरे-धीरे फेफड़ों की कार्यक्षमता को घटाती जाती है। डॉ. विकास मित्तल का कहना है कि शुरुआती पहचान और सही इलाज ही इन दोनों बीमारियों से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।
Author Archives: Sunaina
मेरा नाम सुनेना है और मैं बीते पाँच वर्षों से हिंदी कंटेंट लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, पारिवारिक रिश्ते, बच्चों की परवरिश और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों पर काम किया है। वर्तमान में मैं गृहलक्ष्मी डिजिटल टीम से जुड़ी हूं, जहां नियमित रूप से शोध-आधारित और जीवन के करीब विषयों पर लेखन कर रही हूं।मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातक (B.A. Hindi) किया है और वर्तमान में से पत्रकारिता एवं जनसंचार में परास्नातक (MAJMC) कर रही हूं। इससे पहले मैंने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन, नारीटॉक, और फीमेल फर्स्ट इंडिया जैसी डिजिटल मीडिया संस्थाओं के साथ काम किया है, जहाँ संवेदनशील और बदलावकारी लेखन के लिए सराहना मिली। मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि हर लेख पाठकों से संवाद करे और उनके अनुभवों से जुड़ सके।
दिवाली के बाद बढ़ता प्रदूषण – जानिए कैसे रखें खुद और परिवार को सुरक्षित
Rising Air Pollution After Diwali : हर साल दिवाली के बाद जैसे ही सर्दियां शुरू होती हैं, मौसम बदलने के साथ-साथ हवा में मौजूद प्रदूषण भी ज़्यादा गाढ़ा हो जाता है। ठंडी हवा और कम तापमान की वजह से हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5, PM10) ज़मीन के पास जमा हो जाते हैं। नतीजा ये […]
युवा भी क्यों हो रहे हैं आर्थराइटिस के शिकार- जानिए कारण और बचाव के उपाय
Arthritis Causes and Prevention: आर्थराइटिस यानी गठिया सिर्फ बुज़ुर्गों की समस्या नहीं रही। आज के समय में युवा भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। जोड़ों में दर्द, सूजन और लालिमा जैसी परेशानियों ने युवाओं की जीवनशैली को प्रभावित किया है। इसके पीछे न सिर्फ उम्र और आनुवंशिक कारण हैं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली […]
नई ज़िंदगी, नया आत्मविश्वास- स्तन कैंसर के बाद पुनर्निर्माण की ताकत
Breast Reconstruction: भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर बन चुका है। देश के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में अकेले 1,92,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से लगभग 60% मामलों की पहचान कैंसर के तीसरे या चौथे चरण में होती है, […]
प्रदूषण के मौसम में नाजुक सांसें: कैसे त्योहार बच्चों की सेहत पर छोड़ रहे हैं असर
त्योहारों के मौसम में बढ़ता वायु प्रदूषण बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। पटाखों से निकलने वाले जहरीले कण और गैसें उनके फेफड़ों पर बुरा असर डालती हैं, जिससे फ्लू, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है।
गर्भावस्था में ब्रेस्ट कैंसर: स्तन में गांठ को नजरअंदाज़ न करें, विशेषज्ञ ने बताए सुरक्षित इलाज के तरीके
Breast Cancer during Pregnancy: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान अगर ब्रेस्ट में कोई भी बदलाव या समस्या महसूस हो, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। वैसे तो यह बहुत कम होता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट कैंसर एक गंभीर स्थिति होती है, और समय पर इलाज ना हो तो जोखिम बढ़ सकता है।इस […]
प्रदूषण की चपेट में बचपन: त्योहारों में बढ़ जाता है बच्चों में फ्लू, खांसी और अस्थमा का खतरा
त्योहारों के दौरान पटाखों का धुआं, पराली जलाना और वाहनों का प्रदूषण हवा में PM 2.5 और जहरीले केमिकल्स की मात्रा बढ़ा देते हैं, जो सांस की नलियों में सूजन पैदा करके बच्चों में अस्थमा, खांसी और फ्लू के खतरे को गंभीर रूप से बढ़ा देते हैं। बचाव के लिए पटाखों से दूरी, मास्क का Use, फ्लू वैक्सीन और घर में अच्छे वेंटिलेशन जैसे छोटे-छोटे कदम बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।
डायबिटिक महिलाएं ऐसे रखें करवा चौथ का व्रत बिना हेल्थ रिस्क के
करवा चौथ के व्रत में पाचन तंत्र और ब्लड शुगर दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। डॉ. विशाल खुराना बताते हैं कि सही डाइट, पर्याप्त हाइड्रेशन और समय पर ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग से डायबिटीज़ पेशेंट भी सुरक्षित रूप से व्रत रख सकते हैं और दिनभर एनर्जेटिक महसूस कर सकते हैं।
वर्ल्ड साईट डे –रेगुलर आई चेकअप से दृष्टि की सुरक्षा और आंखों की बीमारियों से बचाव संभव
World Sight Day, 9 October 2025-रेगुलर आई चेकअप न केवल दृष्टि की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि उन “साइलेंट” नेत्र रोगों का समय रहते पता लगाने में भी मदद करती है जो बिना किसी लक्षण के बढ़ते रहते हैं और देर होने पर स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकते हैं। ग्लूकोमा, डायबिटिक […]
महिलाओं के फेफड़ों पर क्यों मंडराता है ज़्यादा खतरा? हार्मोन, प्रदूषण और जीवनशैली से जुड़ी सच्चाई जानें
Women Lung Health: महिलाओं की सेहत की बात आती है तो हम अक्सर हार्मोन, पीरियड्स या हड्डियों की कमजोरी पर ध्यान देते हैं, लेकिन फेफड़ों की सेहत (Lung Health) को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। दरअसल, महिलाओं के फेफड़े पुरुषों की तुलना में ज़्यादा संवेदनशील होते हैं। डॉ. विकास मित्तल, डायरेक्टर – पल्मोनोलॉजिस्ट, सीके बिड़ला […]
