Overview:जीवनशैली और आधुनिक कारण
आर्थराइटिस केवल उम्र और आनुवंशिकी की वजह से नहीं होता। आज की जीवनशैली, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और खानपान की गलत आदतें इसे तेजी से बढ़ा रही हैं।
Arthritis Causes and Prevention: आर्थराइटिस यानी गठिया सिर्फ बुज़ुर्गों की समस्या नहीं रही। आज के समय में युवा भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। जोड़ों में दर्द, सूजन और लालिमा जैसी परेशानियों ने युवाओं की जीवनशैली को प्रभावित किया है। इसके पीछे न सिर्फ उम्र और आनुवंशिक कारण हैं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली और मोटापा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
1. आर्थराइटिस के प्रकार और युवा प्रभावित क्यों
आर्थराइटिस के 100 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें सबसे आम हैं:
- ऑस्टियोआर्थराइटिस
- रूमेटॉयड आर्थराइटिस
- गाउट
- सेप्टिक आर्थराइटिस
युवाओं में रूमेटॉयड आर्थराइटिस सबसे ज्यादा बढ़ रहा है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसका मतलब है कि शरीर का इम्यून सिस्टम अपने ही जोड़ों पर हमला करता है। पहले यह बुज़ुर्गों में ज्यादा देखा जाता था, लेकिन अब युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं।
2. डॉ. मौमिता मिस्रा की राय: कारण और फैक्टर
डॉ. मौमिता मिस्रा, हेड ऑफ लैब ऑपरेशंस, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड, मुंबई के अनुसार,“रूमेटॉयड आर्थराइटिस का सही कारण अभी पूरी तरह पता नहीं है। लेकिन जेनेटिक कारण, फैमिली हिस्ट्री और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा मोटापा और सेडेटरी लाइफस्टाइल भी बीमारी को बढ़ावा देते हैं।”
मोटापा और sedentary lifestyle जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और मांसपेशियों को कमजोर करते हैं। कमजोर मांसपेशियाँ जोड़ों को सही सपोर्ट नहीं देतीं, जिससे धीरे-धीरे घिसावट और सूजन बढ़ती है।

3. जीवनशैली और आधुनिक कारण
आजकल की सुधरी हुई लाइफस्टाइल और बेहतर हाइजीन भी रूमेटॉयड आर्थराइटिस के बढ़ने का कारण मानी जा रही है। इसे “हाइजीन हाइपोथिसिस” कहते हैं।
- -बचपन में संक्रमणों से कम संपर्क होने के कारण इम्यून सिस्टम बाद में अपने ही शरीर पर हमला करता है।
- -खराब खानपान, व्यायाम की कमी और अधिक समय तक बैठने की आदत भी जोड़ों की सेहत को प्रभावित करती है।
सारांश
आर्थराइटिस केवल उम्र और आनुवंशिकी की वजह से नहीं होता। आज की जीवनशैली, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और खानपान की गलत आदतें इसे तेजी से बढ़ा रही हैं।
