Posted inप्रेगनेंसी, हेल्थ

कम धूप, कम विटामिन D- प्रेग्नेंसी में एनीमिया से कैसे बचें

सर्दियों में विटामिन D की कमी गर्भावस्था में एनीमिया का खतरा बढ़ा सकती है, लेकिन सही जांच, डाइट और सप्लीमेंट से इसे रोका जा सकता है।

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35 के बाद एग फ्रीज़िंग- सच क्या है और भ्रम क्या

35 के बाद एग फ्रीज़िंग के नतीजे भले अलग हों, लेकिन सही प्लानिंग और मेडिकल गाइडेंस के साथ यह भविष्य की फर्टिलिटी के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है।

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क्या प्रदूषण और माइक्रोप्लास्टिक महिलाओं में जल्दी मेनोपॉज़ की वजह बन रहे हैं

प्लास्टिक का कम इस्तेमाल, ताज़ा भोजन, सुरक्षित बर्तन और घर की हवा की गुणवत्ता सुधारकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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अपनी आदतों में सुधार लाकर सर्दियों में अपने मूड को बनायें अच्छा

Winter Mood Improvement Habits: सर्दियों के आगमन के साथ ही जहां एक ओर ठंडी हवा और त्यौहारों की खुशी का माहौल होता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों के लिए यह मौसम, मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां लेकर आता है।तनाव एक प्रकार का अवसाद है जो दुनिया भर में कई लोगों को प्रभावित करता है। सर्दियों […]

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नॉर्मल डिलीवरी या C-Section? जानें आपके लिए क्या है सबसे सुरक्षित विकल्प

गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के सही विकल्प को समझना बेहद ज़रूरी है। जानिए कब नॉर्मल डिलीवरी सुरक्षित है और कब C-section बेहतर साबित होता है।

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सर्दियों में प्रदूषण क्यों बढ़ाता है एंटीबायोटिक्स का गलत इस्तेमाल

सर्दियों में बढ़ता वायु प्रदूषण सांस की बीमारियों को आम बनाता है और लोग जल्दी ठीक होने के चक्कर में एंटीबायोटिक्स मांगते हैं।
ज्यादातर मामलों में ये बीमारियां वायरल होती हैं, फिर भी डॉक्टर और मरीज दोनों मिलकर अनावश्यक एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा देते हैं, जिससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा गंभीर हो जाता है।

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क्या सर्दियों में प्रदूषण, रूमेटॉइड आर्थराइटिस के दर्द को बढ़ा सकता है

सर्दियों में ठंड के साथ-साथ बढ़ता प्रदूषण भी रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों के लिए बड़ा ट्रिगर बन रहा है। PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों के रास्ते खून में पहुंचकर पूरे शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे जोड़ों का दर्द, अकड़न और थकान तेज हो जाती है।

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धुयें का वो ज़हर जो आप नहीं पीते, फिर भी आपके बच्चे पी रहे हैं

आजकल भारत में बच्चे उम्र से 2-3 साल पहले प्यूबर्टी के लक्षण दिखाने लगे हैं। मोटापा, केमिकल युक्त खाना, स्क्रीन टाइम और तनाव इसके बड़े कारण हैं, जो बच्चों की शारीरिक-मानसिक सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं।

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बच्चों में जल्दी प्यूबर्टी- आज की सबसे बड़ी हेल्थ चिंता

आजकल भारत में बच्चे उम्र से 2-3 साल पहले प्यूबर्टी के लक्षण दिखाने लगे हैं। मोटापा, केमिकल युक्त खाना, स्क्रीन टाइम और तनाव इसके बड़े कारण हैं, जो बच्चों की शारीरिक-मानसिक सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं।

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