Asthma in Children
Child's asthma signs

Overview:त्योहारों की हवा में जहर: क्यों बच्चों के लिए बढ़ रहा है सांस और फ्लू का खतरा

दिवाली और त्योहारों के दौरान हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। ठंडी हवा, वायरस और स्मॉग का मिश्रण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस समय बच्चों को प्रदूषण से बचाना बेहद जरूरी है।

Festive Smog, Fragile Lungs: त्योहारों के मौसम में, खासकर दिवाली और नए साल के आसपास, हवा में प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है पटाखों का धुआं, जो बारीक कण (PM2.5 और PM10), जहरीली गैसें और भारी धातुएं हवा में छोड़ देता है। बच्चों के लिए ये और भी खतरनाक है, क्योंकि उनके फेफड़े और इम्यून सिस्टम अभी पूरी तरह से विकसित नहीं होते।

जब बच्चे ये प्रदूषित हवा सांस के जरिए अंदर लेते हैं, तो छोटे-छोटे कण गहराई तक जाकर सांस की नलियों को चिढ़ाते हैं और शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा को कमजोर कर देते हैं। इसी वजह से उन्हें मौसम बदलने पर होने वाला फ्लू और वायरल इंफेक्शन जल्दी पकड़ लेता है।

पटाखों का धुआं और बच्चों के फेफड़ों पर असर

White Lungs Syndrome
Firecracker smoke and its effects on children’s lungs

त्योहारों में हवा में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कणों, जहरीली गैसों और भारी धातुओं से भरा होता है। बच्चों के फेफड़े अभी पूरी तरह विकसित नहीं होते, इसलिए यह प्रदूषित हवा सीधे उनकी सांस की नलियों में जाकर सूजन और संक्रमण बढ़ा देती है।

फ्लू, खांसी और अस्थमा के बढ़ते मामले

डॉ. अंजलि सक्सेना, पीडियाट्रिशन, रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल, मालवीय नगर के अनुसार, जब हवा में प्रदूषक बढ़ते हैं तो बच्चों में फ्लू, सर्दी, खांसी और अस्थमा जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। प्रदूषण फेफड़ों की अंदरूनी परत को कमजोर कर देता है, जिससे शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में असमर्थ हो जाता है। नतीजतन, बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं और रिकवरी भी देर से होती है।

ठंडी हवा और स्मॉग का खतरनाक मेल

सर्द मौसम में फ्लू के वायरस पहले से ज्यादा सक्रिय रहते हैं। जब इन पर प्रदूषण की परत चढ़ जाती है, तो बच्चों में सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, और निमोनिया जैसी गंभीर दिक्कतें देखने को मिलती हैं। त्योहारों में बच्चे ज्यादा बाहर खेलते हैं और उनकी सांस लेने की दर भी तेज होती है, जिससे वे इस दूषित हवा के ज्यादा संपर्क में आते हैं।

विशेषज्ञ की राय

“त्योहारों में प्रदूषण से बचाव बेहद जरूरी है। बच्चों को बाहर कम ले जाएं, घर में एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें और उन्हें पर्याप्त पानी व पौष्टिक आहार दें ताकि इम्यून सिस्टम मजबूत रहे।”

मेरा नाम सुनेना है और मैं बीते पाँच वर्षों से हिंदी कंटेंट लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, पारिवारिक रिश्ते, बच्चों की परवरिश और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों पर काम किया है। वर्तमान में मैं...