Editorial Review: नया साल केवल कैलेंडर का बदलाव नहीं होता, वह हमारे सोचने, समझने और आगे बढ़ने की दिशा भी तय करता है। गृहलक्ष्मी का जनवरी 2026 अंक इसी दृष्टि से तैयार किया गया है, जहां उपलब्धियां, जिम्मेदारियां और आत्म-देखभाल एक ही सूत्र में पिरोई गई हैं। इस अंक में जिन महिलाओं की प्रोफाइल प्रस्तुत […]
Author Archives: वंदना वर्मा
संपादक की कलम से
Editorial Review: साधनापथ का यह अंक इस बार उस व्यक्तित्व पर केन्द्रित है, जिनकी वाणी ने लाखों लोगों के भीतर सवालों को जन्म दिया और फिर उन्हीं सवालों में छिपे उत्तर को खोजने की हिम्मत भी दी। हम चर्चाकर रहे हैं रजनीश ओशो की। यह केवल एक नाम नहीं हैं बल्कि विचारों की वह चेतना […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर एक नया अध्याय रचा है। यह जीत केवल मैदान पर मिली सफलता नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास की पहचान है जो हर महिला के भीतर मौजूद है। सपनों को सच करने की यह मिसाल बताती है कि इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई मंजिल दूर […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: दिवाली का उल्लास अभी लोगों में पूरी तरह बना हुआ है। घरों की रौनक, जगमगाते दीप और मीठे पकवानों की खुशबू के बीच अब देव उठनी एकादशी के साथ शादी-ब्याह का मौसम शुरू हो चुका है। गलियों में बैंड-बाजे की धुन गूंजने लगी है और लोग सजने संवरने, शॉपिंग करने तथा तैयारियों में […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: आज दिवाली को मनाने का ढंग काफी बदल चुका है। अब घर-घर खील-बताशे और दीये नहीं, बल्कि महंगे उपहार, ड्राई फ्रूट्स और सजावटी तोहफे देने का चलन अधिक दिखाई देता है। लेकिन गृहलक्ष्मी ने हमेशा यही कोशिश की है कि भारतीय परंपरा पर पाठकों का विशेष ध्यान आकॢषत किया जाए और उन्हें अपनी […]
संपादक की कलम से
September Editorial Review: सबसे पहले गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया-2025 की सफलता के लिए हम आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता थी बल्कि भारतीय नारी की गरिमा, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का उत्सव भी रहा। आप सभी पाठकों की बधाई और सहयोग के बिना यह संभव नहीं हो […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: आज हम जिस समय में जी रहे हैं वहां स्वस्थ होना हमारे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि हो सकती है क्योंकि जिंदगी बहुत अनिश्चित हो गई है। हम सभी इसी डर से जी रहे हैं कि कब न जाने क्या हो जाए! यह क्या हो जाए वाला जो अहसास है वो पिछले कुछ […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: बरसात की पहली फुहारें, बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म की नई महक और रसोई से उठती ताजा पकवानों की खुशबू, जुलाई का महीना हर साल एक नई ऊर्जा और जिम्मेदारियों का संगम लेकर आता है। इस बार भी हमारी कोशिश यही रही है कि आपकी जिंदगी को थोड़ा आसान, थोड़ा आधुनिक और बहुत अधिक […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: हर दौर में महिलाएं सिर्फ अपने घर की नहीं, बल्कि समाज की भी धुरी रही हैं। वे चाहे रसोई में स्वाद रच रही हों या ऑफिस में अपनी पहचान गढ़ रही हों, हर भूमिका में संवारना और संजोना उनकी फितरत है।‘गृहलक्ष्मी’ के इस विशेषांक में हम महिलाओं के उसी रूप को और अधिक […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: मई का महीना अपने साथ एक खास मिठास लेकर आता है, मौसम में भी और रिश्तों में भी। यही वह समय है जब हम जीवन में मां के उस अपार योगदान को याद करते हैं, जो हमारे अस्तित्व की बुनियाद है। इस बार गृहलक्ष्मी का मई अंक हम सबकी जिंदगी की सबसे मजबूत […]
