Sampad ki Kalam se
Sampad ki Kalam se

Editorial Review: बरसात की पहली फुहारें, बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म की नई महक और रसोई से उठती ताजा पकवानों की खुशबू, जुलाई का महीना हर साल एक नई ऊर्जा और जिम्मेदारियों का संगम लेकर आता है। इस बार भी हमारी कोशिश यही रही है कि आपकी जिंदगी को थोड़ा आसान, थोड़ा आधुनिक और बहुत अधिक संतुलित बनाया जाए। उसी अपनत्व के साथ, जो ‘गृहलक्ष्मी’ की पहचान है।
हमारा यह विशेषांक खास तौर पर रसोई से जुड़ा है। अब रसोई केवल खाना पकाने की जगह नहीं रही, बल्कि यह एक ऐसी जगह बन गई है, जहां पर टेक्नोलॉजी और स्वाद का सुंदर संगम होता है। इस बार हमने उन माइक्रो किचन अप्लायंसेस को शामिल किया है, जिनका रख-रखाव बेहद आसान है और जो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बड़ी मददगार साबित हो सकते हैं।

एयर फ्रायर, मिनी कुकर, स्लो कुकर और स्मार्ट ग्राइंडर जैसे अप्लायंसेस न सिर्फ खाना पकाने के समय को कम करते हैं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद हैं। इनका उपयोग करने से आप बिना ज्यादा तेल-घी के भी स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रख सकती हैं। गृहलक्ष्मी की होमशेफ की टीम ने इन्हीं स्मार्ट उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए कुछ बेहतरीन पौष्टिकता से भरपूर रेसिपीज आपके लिए तैयार की हैं, जिन्हें आप बच्चों के टिफिन से लेकर फैमिली डिनर तक बड़ी आसानी से आजमा सकती हैं।
इस अंक में हम आपको एक खास मुलाकात से भी रूबरू करवा रहे हैं- ‘हीर एक्सप्रेस’ से बॉलीवुड में कदम रख रही दिविता जुनेजा के साथ। दिविता एक नई सोच की प्रतिनिधि हैं, जिनमें आत्मविश्वास, प्रतिभा और परंपरा का सुंदर मेल है। हमें यकीन है कि हमेशा की तरह इस बार का विशेषांक भी आपको पसंद आने वाला है।

धन्यवाद।

आपकी….
वंदना वर्मा