Hindi Kahani: “अरे! बिट्टू की मां तुमने अभी किसका नाम लिया? तुम्हें कुछ होश है भी या नहीं?” “क्या हुआ बड़ी दीदी मैं तो अनंत पूजा के बारे में पूछ रही थी। ” सुप्रिया हैरान थी कि आज उसकी जेठानी किस बात पर उसे इस तरह बोल रहीं हैं। “हे भगवान! तुम मामा ससुर का […]
Author Archives: कविता झा
सुप्रिया का ससुराल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: “अरे! बिट्टू की मां तुमने अभी किसका नाम लिया? तुम्हें कुछ होश है भी या नहीं?” “क्या हुआ बड़ी दीदी मैं तो अनंत पूजा के बारे में पूछ रही थी। ” सुप्रिया हैरान थी कि आज उसकी जेठानी किस बात पर उसे इस तरह बोल रहीं हैं। “हे भगवान! तुम मामा ससुर […]
हम साथ साथ रहेंगे-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: रिशा ने शादी के बाद एक संयुक्त परिवार में खुद को पूरी तरह ढाल लिया था। चार बेटे और दो बेटियों की मां शान्ता जी अत्यंत प्रसन्न थी अपने तीसरे बेटे सुहास की शादी इतने बड़े घराने में करवाने के बाद।उन्हें कुछ लोगों ने कहा भी था कि…” लड़की तो देख लो […]
कांजीवरम की लाल साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: राखी का दिन बीतने को था और ललित की कलाई सूनी ही रह गई थी। उसे बार-बार रुलाई छूट रही थी और अपने घर की और अपने भाई बहनों की बहुत याद आ रही थी। साल भर हो गया था उसे घर गए हुए सबसे मिले हुए। नौकरी लगने के बाद अपने […]
स्नेहा के कॉलेज-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahaniya: स्नेहा के कॉलेज का आखिरी दिन था। उसकी सभी सहेलियां आगे क्या करेंगी इसी बारे में बातें कर रहीं थीं। उनके बीच बहुत ही सीरियस टॉपिक चल रहा था… सभी के चेहरे पर एक उदासी की रेखा छाई हुई थी… सखियों से बिछड़ने का दुख भी हो रहा था… और स्नेहा बस की खिड़की वाली सीट […]
माफ करना नैना-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: उस दिन मैं रसोई घर में दोपहर के खाने की तैयारी कर रही थी, बच्चों के स्कूल से आने का समय हो गया था। मेरी जेठानी और सासूमां के चेहरे पर एक अजीब सा डर मुझे भी डरा गया ।वो दोनों कहीं जा रहीं थीं। पीछे से टोकना ठीक नहीं लगा […]
सजा—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: वो लौट रही थी वहीं जहां से भाग आई थी दस साल पहले अपनी शादी के मंडप से। अपना घर छोड़ते समय माता-पिता की इज्जत के बारे में भी जरा सा नहीं सोचा था उसने। आज वो अकेले नहीं अपनी बेटी के साथ अपने माता-पिता के पास जा रही थी। उसकी बेटी ने […]
सात जन्मों का रिश्ता -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: “ये क्या फिर से कूड़ा कबाड़ा इक्कठा करके बैठी हो। क्या मिलता है तुमको इस सब में? हजार दफा कहा है कि मैं तुम्हें ऐसे काम करते हुए नहीं देखना चाहता हूं। किस चीज की कमी है तुमको जो अपनी आंखें और शरीर बर्बाद करने मे तुली हो।” रोहित ने ऑफिस से […]
बेटियों का बाप-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: बेटे की आस में एक के बाद एक पांच बेटियां हो गई मीना की। उसकी सास कमला को वंश बढ़ोत्तरी के लिए पोते का मोह घेरे हुए था। पांचवी संतान के जन्म के बाद मीना की गिरती सेहत को देखकर डॉक्टर ने उसके पति रितेश को साफ चेतावनी दी थी कि अब गर्भधारण […]
वो फोटो वाली लड़की…-श्रेष्ठ कहानी
Best Hindi Story: मैं लौट रहा था वापिस अपने गांव उसके दिए हुए सभी प्रेमपत्र और उपहार अपने साथ लिए। जाते समय उससे मिल भी ना सका, जानता हूं मैंने ठीक नहीं किया। प्यार किया था और करता हूं उससे बेइंतहा। तभी तो जा रहा हूं उसका शहर छोड़ कर। खिड़की से बाहर पेड़ों को […]
