Hindi Love Story: ऑनलाइन के इस युग में कोविड के लॉक डाउन के बाद से हजारों लेखक लेखिकाओं और कवि कवियित्रियों का जन्म हुआ यह सच ही है। इनके लिए भी आनलाइन मंच वरदान साबित हुए।इनमें से कुछ में तो शायद यह प्रतिभा जन्म से ही रही थी जिसे निखारा इंटरनेट के माध्यम से “ऑनलाइन […]
Author Archives: कविता झा
वो गुलाबी रुमाल- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Story in Hindi: दिल की धड़कनें ट्रेन की रफ़्तार की तरह तेज होती जा रही थी। पता नहीं मैं ठीक कर रहीं हूं या नहीं यही विचार मन में आ रहा था।हफ्ते भर की सारी घटनाएं एक एक कर याद आ रही थीं।“बीए कर लिया और कितना पढ़ेगी। ज्यादा पढ़ी लिखी लड़कियों के लिए लड़का […]
बिस्कुट रख लो…-पूज्यनीय सास
Short Story: बहु सुनो यह बिस्कुट रख लो रास्ते में खाती जाना और यह पांँच सौ का नोट भी लो चाय पानी पीती जाना।” मुझे हंँसी आ रही थी, और गुस्सा भी। रांची से दिल्ली कुछ ही घंटों में तो इंडिगो फ्लाइट पहुंचा देगी। यह बात कई बार सासू मांँ को बता चुकी थी, पर […]
दांँत का पेड़-जब मैं छोटा बच्चा था
Short Story in Hindi: मेरा भतीजा आठ साल का था जब मेरी शादी हुई थी । तीन महीने बाद जब पहली बार ससुराल से अपने मायके आई तो भतीजे ने मेरा हाथ पकड़ा और सीधा छत पर ले जाने लगा। माँ और भाभी सब रोकते रहे…” पहले बुआ को पूजा घर में खोंईंचा झाड़ने तो […]
करोड़ों में एक- हाय मैं शर्म से लाल हुई
Funny Story: बात उस समय की है जब मैं दिल्ली से रांची अपनी ही शादी में अपने परिवार वालों के साथ जा रही थी। एक नई जगह जाने का मन में डर तो था ही। शादी के लिए कई बार मम्मी पापा को मना करना चाहा पर आखिर उनकी खुशी के लिए मैं मान गई। […]
मायका और ससुराल- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Story in Hindi: मायके जाने की तैयारी करती सुनैना का मन यह सोच कर एक तरफ तो हर्षोल्लास से भर रहा था कि सालों बाद अपनी मां से मिलेगी, उनकी सेवा करेगी। भाई बहन भतीजे भतीजी से मिलेगी, ढेर सारी बातें करेंगी। भाई बहन के बेटे तो अब बड़े हो गए होंगे, उनके चेहरे पर […]
एक नई सोच -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: सुनैना के सीने में अचानक तेज दर्द उठा जब वो रसोई घर में चाय बना रही थी उसने एक हाथ से किचन स्लैब को कस कर पकड़ लिया और दूसरा हाथ अपने सीने पर रख लिया। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसने अपने पति प्रशांत को जो कि थोड़ी देर […]
सिर्फ नौ महीने- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: बिहार के एक छोटे से गांव मधेपुर में खूबसूरत ख्वाब देखती चार आंखें एक टक तालाब में ठहरे पानी को देख रही थीं।भविष्य के सपने दोनों की आंखों में तैर रहे थे बिल्कुल वैसे ही जैसे मछलियां पानी में तैरती है़।“पानी कितना शांत है …बताओ तो सब मछलियां कहां गई होंगी।”चुहलबाज़ी करती राधा […]
किस बात की चिंता-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: ललिता जी बड़े ऊहापोह की स्थिति में फंस गई थी जब फोन पर उनकी बेटी सिया ने बताया …“मां आपके नातिन का जनेऊ संस्कार है और आपको जरूर आना है। आपके दामाद जी ऑफिस की तरफ से सिंगापुर गए हैं और वो जनेऊ के एक दिन पहले ही पहुंचेंगे तो ऐसे में आपको […]
किस बात की चिंता -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: ललिता जी बड़े ऊहापोह की स्थिति में फंस गई थी जब फोन पर उनकी बेटी सिया ने बताया … “मां आपके नातिन का जनेऊ संस्कार है और आपको जरूर आना है। आपके दामाद जी ऑफिस की तरफ से सिंगापुर गए हैं और वो जनेऊ के एक दिन पहले ही पहुंचेंगे तो ऐसे में […]
