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सुकून मां की गोद में-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: मित्रो एक कहानी आज आप सभी को सुना रही हूं। 20 म‌ई 2023 की बात है हम पति-पत्नी को काफी वर्षों के बाद मां वैष्णो देवी ने अपने दर्शन का बुलावा भेजा था। इसे आप चाहे मेरी श्रद्धा कह सकते हैं,मन के भाव या माता की कृपा, बात एक ही है कि जगदम्बा […]

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बाबुल की दहलीज-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: समूचा आकाश उस नन्ही चिड़िया के करुण क्रंदन से गूंज उठा, पक्षियों के पंखों और  चींचीं की ध्वनि मीता के कानों में गूंज उठी जो सुंदर कलरव अभी तक कानों में मिश्री सा घोल रहा था और उसके व्यथित हृदय को वह कुछ शांति दे रहा था,अब  इस ध्वनि मे पक्षियों का भय […]

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दो गुलाब -गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: कन्नू ओ कन्नु कहां जा रहा है मायके आई सुषमा ने अपने बेटे कनिष्क को आवाज लगाते हुए पूछा तो कन्नु बोल क्या मां यहां नानी के घर भी आपकी पहरेदारी चलती रहेगी क्या ? गर्मियों की छुट्टियां हैं और यहां लाइट भी कितनी कम आती है कैसे मन लगेगा? मैं बस पड़ोस […]

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नारी तू नारायणी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: आज जब मैं नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा अर्चना कर रही थी तो मन में एक विचार आया कि नारी तू नारायणी, नारी तू कल्याणी, नारी तू जगत जननी जैसे शब्द नारी के लिए लिखे और कहे गये। इतना मान, इतना सम्मान जो एक नारी को मिला वो सिर्फ इसलिए कि नारी […]

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बंटवारा-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: घर बंट रहा नहीं है ये किसी का,किसी का संसार बंट रहा।होता देख बंटवारा घर का आजएक मां का कलेजा फट रहा। बचपन में चूरन टाफी मीठी गोलियां बांटने वाले भाईआज जायदाद बांट रहे,पहनते थे जो कपड़े एक दूजे के प्रेम से,आज जायदाद की खातिरभरे बाजार आज एक दूसरे की इज्जत उतार रहे। […]

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नवरात्रि पर शक्ति आराधना का महत्व-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: नवरात्रि यानी शक्ति की पूजा आराधना , शक्ति की आराधना हमारे समाज में दर्शाती है कि स्त्री एक शक्ति है और शक्ति के बिना तो शिव भी अधूरे हैं, फिर हम सामान्य इंसान की तो बात ही क्या करें? नवरात्र में चाहे पुरुष हो या स्त्री सभी शक्ति की पूजा आराधना करते हैं […]

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अभागन की बेटी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: बहुत-बहुत बधाई हो रोली दीदी, बेटी ने आखिर साबित कर ही दिया कि आप कोई अभागन नहीं और वो कोई अभागन की बेटी नहीं। अरे अभागे तो वे लोग होते हैं जो समाज के डर से अपने हौसलों की उड़ान को रोक देते हैं, और समाज द्वारा बनाई गई झूठी मर्यादाओं के आगे […]

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उतरन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: शगुन ने धीरे से शौर्य का हाथ अपने बाजू पर से हटाया और तकिये के नीचे फंसे अपने लंबे बालों को आहिस्ता आहिस्ता से निकाला, और बेड के पास लगे आदमकद आईने में अपना अक्स निहारने लगी। यूं तो वह काफी सुंदर थी ही ,पर आज वह खुद को बेहद खूबसूरत महसूस […]

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प्रिय के जन्मदिन पर एक पाती प्रेम भरी-गृहलक्ष्मी की कविता 

आपके जन्मदिन पर भी प्रिय अपने लिए ही कुछ चाहती हूं,पत्नी हूं प्रिय तो पत्नी का हक जताना जानती हूँ। स्वास्थ्य सुख समृद्धि बिछे मेरे आंगन में आपके साथ में,हो हर ख्वाब पूरे आपके बस आपके ख्वाबों में सजना चाहती हूं।आपके जन्मदिन पर भी प्रिय अपने लिए ही कुछ चाहती हूं। खिलें सुमन सुरभित सुरम्य […]

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धरा अम्बर का मिलन-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: दूर क्षितिज पर व्योम को देखो,कैसे वसुधा को महका रहा।अपने प्रेम के आगोश की माला,मांँ अचला को पहना रहा। हरी भरी धरा भी देखो,गगन पर प्रेम बरसा रही।अपने नेह प्रेम की माला,वो अम्बर को पहना रही। हम सभी भी बने साक्षी,इस मधुर मिलन के संग की।जो मिलकर भी रहते हैं जुदा,बस बर्षा करें […]

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