Hindi Short Story: पूरे ऑफिस में आज जश्न का महौल था। आज राम प्रसाद वर्मा जी के ऑफिस से रिटायर होने के उपलक्ष में एक पार्टी रखी गई थी।
वर्मा जी को ईस ऑफिस में काम करते ३२ साल होगेए थे। वह एक मामूली हेल्पर से पदोन्नति पाते हुए डिस्पैच में क्लर्क बन गए थे। परिवार के नाम पर वर्मा जी के दो बेटे ही थे । बड़ा बेटा रवि बंगलौर में था और दूसरा बेटा बिमल दिल्ली में। दोनो को पढ़ाने लिखाने और शादी विवाह में वर्मा जी ने सारी जमा पूजी खर्च कर दी थी।
वर्मा जी को रिटायरमेंट की खुशी तो बहुत थी। सोच रहे थे की अब बच्चों के पास जा कर अपना बाकी समय बिताएंगे। कुछ कुछ उदास भी थे कि पुराने साथी छूट जायेगे।
अच्छे बात व्यवहार के चलते वह सबके प्रिय भी थे। सब कह रहे थे की वर्मा जी अब घर पर आराम करना । कभी कभी मिलने जुलने आना यारो को भूल मत जाना आदि ।
ऐसी ही बातों में और मौज मस्ती में दिन निकल गया और वर्मा जी उपहारों और माला फूल के साथ घर पहुंचे।
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बीबी भी खुश थी अब बच्चों के साथ रहेंगे। पोते पोतियों को पार्क में घुमाने ले जायेगे । पूरे हफ्ते दोनो पति पत्नी इन्ही सब बातों में लगे रहे। लेकिन हफ्ते भर बीत जाने पर भी दोनो बेटो में से किसी का कोई फोन नहीं आया तो राम प्रसाद ने खुद ही बड़े बेटे को फ़ोन लगाया और पूछा कि क्या समाचार है । घर में सब ठीक तो है ना। फिर ये भी पूछा बेटा आगे के लिए क्या सोचा है।
बेटे रवि ने बड़ी ही रुखाई से कहा की पिता जी बैंगलोर और दिल्ली दोनो जगह पर रहने के मकान की बड़ी दिक्कत है। अभी बड़े मकान का इंतजाम नहीं हो पाया है अतः आप वहीं रहे। हम दोनो थोड़ा बहुत कुछ आप को गुजार बसर के लिए भेज दिया करेगे।
इसके आगे रवि ने क्या कहा वह सब सुनने की शक्ति वर्मा जी में नही बची थी। वह वहीं जमीन पर बैठ गए। बीवी को भी समझते देर ना लगी की बेटों ने बाप का दिल तोड़ दिया है।
बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला और पति को पानी का गिलास दिया।
वर्मा जी बहुत चिंतित दिखे। फिर कुछ घंटों के सोचने के बाद मानो वह किसी फैसले पर पहुंच गए। और खाना खा कर सो गए।
अगले दिन वह अपनी ही कम्पनी में वर्करों की भर्ती की लाइन में खड़े हुए थे। उन्हे देख कर सुपर वाइजर बोला अरे वर्मा जी आप हेल्पर की भर्ती के लिए क्यों खडे है आप तो 10 दिन पहले ही रिटायर हुए थे। ऐसा क्या हो गया ? वर्मा जी ने मुस्कुरा कर कहा क्या बताएं उम्र रिटायर होती है लेकिन भूख और जरूरते कहां रिटायर होती हैं भाई। बड़ी मुश्किल से दोनो ने अपने अपने आंसू पोछे।
