Hindi Short Story: काजल स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी लेकिन उसकी नज़रें कुछ तलाश रही थी। अपने पास एक छोटा सा बैग लिए वह प्लेटफार्म पर बैठी थी। उसके माथे पर कुछ घबराहट और कुछ बेचैनी की लकीरें भी उभरी हुई थी। तभी उसके पास एक लड़का अरुण आया।“कितनी देर लगा दी? […]
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दो स्टेशन की दूरी-गृहलक्ष्मी की लघु कहानियां
Hindi Short Story: दिल्ली मेट्रो के भीतर हर चेहरा अपनी दुनिया में गुम था। कान में ईयरफोन, आंखें मोबाइल स्क्रीन पर और दिल… शायद किसी ने बंद कर रखे थे। लेकिन एक चेहरा आज थोड़ा अलग था — हल्की सलवटों वाली साड़ी, माथे पर छोटी सी बिंदी और कांपते हाथों में एक सादा थैला। उम्र […]
मेट्रो की वो सीट—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: शाम का वक्त था। ऑफिस से थकी-हारी श्रेया हमेशा की तरह ब्लू लाइन मेट्रो में बैठी थी। भीड़ थोड़ी कम थी। उसने अपनी पसंदीदा प्लेलिस्ट ऑन की, आँखें बंद कीं, और सीट की आराम में डूब गई।अचानक उसे एहसास हुआ कि कोई उसे देख रहा है।उसने आँखें खोलीं — सामने वाली सीट […]
मेट्रो से जिंदगी तक का सफर-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Love Story: दिल्ली मेट्रो की भीड़ भाड़ भरी शाम थी। ऑफिस का समय समाप्त हो चुका था, लोग अपने-अपने ठिकानों की ओर लौट रहे थे। वही रोज़ की तरह, किरण भी मेट्रो में चढ़ी। उसके चेहरे पर थकान थी, लेकिन आँखों में गहराई और […]
लव इन ए मेट्रो-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: मेट्रो की भीड़भाड़ वाली ट्रेन में खड़े होना एक आम बात थी, लेकिन आज कुछ अलग था। आज मुझे एक अनजान चेहरे से नजरें मिलीं और जैसे ही हमारी आंखें मिलीं, मेरा दिल धड़कने लगा। वह एक लड़की थी, जिसके बाल काले और आंखें बड़ी-बड़ी थीं। वह मेरे सामने खड़ी थी, […]
गुलमोहर की वापसी-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Romantic Story: सुबह 9:10 की ब्लू लाइन मेट्रो हमेशा भीड़ से भरी होती है। स्टेशन अनाउंसमेंट की आवाज़ें, तेज भागते कदमों की हलचल और दिल्ली की भागती-दौड़ती ज़िंदगी । रिद्धिमा, 26 वर्षीया दृष्टिहीन, एक वॉयस टेक स्टार्टअप में ऑडियोबुक एडिटर, इस शोर के भीतर भी अपनी सुनने की कला से एक अलग दुनिया गढ़ […]
घर की पुकार-गृहलक्ष्मी की लघु कहानियां
Short Story in Hindi: कल मुझे घर के ड्राइंग रूम ने आवाज दी कहां हो मेरी मैडम जी थोड़ा सा ध्यान दें दो न मुझपर पर्दे अपने पर पड़ी धूल मुझ पर गिराते हैं, और गंदे सोफे कवर मुझे न भाते हैं। बहुत दिन हो गये जरा साफ करदो,कवर्ड और टेबल ने भी कहा हमपर भी एहसान […]
अधूरी मोहब्बत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Stories: ” रात का भोजन बन चुका है तो उसे खाने की मेज़ पर रख दीजिए आज हम दोनों साथ में रात का भोजन करेंगे बहुत दिनों से हम दोनों बहुत व्यस्त रहे हैं हमारी ज्यादा बातें भी नहीं हुई हैं शायद आज बातें लंबी चलें आप समय पर अपने घर चले जाना […]
बेवफ़ा सनम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: ऑफिस के हॉल में पार्टी चल रही थी, तम्बाकू के कसैले धुंए और अल्कोहल की मिली जुली दम घोट देने वाली महक से भरा हुआ था विवेक जो कि ऑफिस में है मैनेजर था और बहुत महत्वाकांक्षी था बहुत बड़ा आदमी बनने में रात दिन मेहनत करता था और जल्दी से छलांग […]
प्यार हुआ मेट्रो में जो कभी सोचा नहीं था—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Romantic Story in Hindi: सुबह की वो आम सी दिल्ली मैट्रो – भीड़ वही जो रोज वाली थी , पर उस दिन कुछ अलग थी |कुछ लोग मोबाइल में डूबे हुए, कुछ किताबों में डूबे हुए और कुछ को तो मंजिल तक पहुंचने की जल्दी |रुका था वक्त कुछ पलों के लिए, जब उसकी आंखें […]
