Hindi Short Story: काजल स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी लेकिन उसकी नज़रें कुछ तलाश रही थी। अपने पास एक छोटा सा बैग लिए वह प्लेटफार्म पर बैठी थी। उसके माथे पर कुछ घबराहट और कुछ बेचैनी की लकीरें भी उभरी हुई थी। तभी उसके पास एक लड़का अरुण आया।“कितनी देर लगा दी? […]
Author Archives: भारती मिश्रा
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अपराध बोध- गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahani: रामेश्वरी चूल्हा जलाने की पूरी कोशिश कर रही थी। मगर बारिश के छीटें पड़ने के कारण लकड़ियां नम हो गई थी। उसमें जल्दी आग पकड़ नहीं पा रहा था। उस पर बच्चों की लड़ाई और रोना-धोना। बूढ़ी सास उन बच्चों को अकेले कितना संभालती! ‘अरे बहू, छोड़ चूल्हा और आकर इन्हें संभाल। मुझ […]
