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बरसों से पार्टनर के साथ रोमांस और पोर्नोग्राफी में गहरा संबंध माना जाता रहा है। जाहिर है कि इससे कपल्स के बीच उत्तेजना बढ़ती है। लेकिन क्या ऐसा करना सही या नहीं।
Effects of Porn Addiction: अपने पार्टनर के साथ रिश्ते में नया रोमांस, उत्साह, क्रेज और दीवानापन भरने के लिए अक्सर कपल्स कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इन्हीं कोशिशों में शामिल है पोर्नोग्राफी देखना। बरसों से पार्टनर के साथ रोमांस और पोर्नोग्राफी में गहरा संबंध माना जाता रहा है। जाहिर है कि इससे कपल्स के बीच उत्तेजना बढ़ती है। लेकिन क्या ऐसा करना सही या नहीं। इसे लेकर एक हैरान करने वाली स्टडी सामने आई है।
ऐसे हुआ यह बड़ा खुलासा

आर्काइव्स ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर में प्रकाशित इस स्टडी का दावा है कि पोर्नोग्राफी भले ही एक बार को रिश्ते में उत्साह भर सकती है। लेकिन लंबे समय तक इसे देखने से रिश्ते पर पॉजिटिव नहीं, नेगेटिव असर पड़ता है। इससे रिश्तों में संतुष्टि नहीं आ पाती है। दरअसल, पोर्नोग्राफी के कारण लोग रिश्ते में उत्तेजना तो महसूस करते हैं। लेकिन उसमें स्थिरता नहीं आ पाती है। ऐसे में आपसी प्यार में कमी आने की आशंका बन सकती है। ऑस्ट्रेलिया में किए गए इस अध्ययन में सामने आया कि पोर्नोग्राफी के कारण लोग रिश्ते की गुणवत्ता और संतुष्टि पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं।
इसलिए पड़ता है बुरा असर
शोधकर्ताओं के अनुसार पोर्नोग्राफी के कारण लोग इतने उत्साहित हो जाते हैं कि वे पार्टनर के साथ अंतरंगता बढ़ने पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं। न ही इस दौरान वह अपने साथी से बात करते हैं। ऐसे में नजदीक आने पर भी पार्टनर दूरी महसूस करने लगता है। और रिश्ते पर नकारात्मक असर होने लगता है। कई बार लोग पार्टनर की संतुष्टि पर ध्यान देना ही भूल जाते हैं।
यह है मजबूत रिश्ते की नींव
शोधकर्ता ने पाया कि जब पार्टनर्स स्वाभाविक रूप से एक दूसरे के करीब आते हैं तो रिश्ते पर पॉजिटिव असर नजर आता है। इस नजदीकी में उत्साह के साथ ही प्यार और अपनेपन का एहसास भी होता है। जिससे रिश्तों में सुधार होता है। ऐसे लोग अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक रिश्ते को ज्यादा महसूस कर पाते हैं।
सैकड़ों लोगों पर हुआ अध्ययन
इस अध्ययन में लेखक निकोलस जे. लॉलेस और गेरी सी. करंटज़स ने पोर्नोग्राफी के उपयोग और रोमांटिक रिश्तों की स्थिरता और गुणवत्ता का संबंध जानने की कोशिश की है। अध्ययन में 18 से 72 साल के 309 लोगों को शामिल किया गया। इन सभी के पिछले छह महीनों की रोमांटिक रिलेशनशिप का अध्ययन किया गया। ये सभी अपने पार्टनर के साथ औसत सात सालों से थे।
चौका देते हैं ये आंकड़े
अध्ययन में कई चौकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। जिसके अनुसार अध्ययन में शामिल 67 प्रतिशत लोग हेटेरोसेक्सयल पाए गए। जिन्हें महिलाओं और पुरुषों दोनों में रुचियां थीं। वहीं 25 प्रतिशत बायसेक्सुअल थे। 9 प्रतिशत नॉन मोनोगैमी थे। यानी उनके रिश्ते में एक या इससे ज्यादा लोग शामिल थे। वहीं 71 प्रतिशत लोगों के कोई संतान नहीं थी।
इतने दिनों में फुर्र हुआ प्यार
अध्ययन में पता चला कि जिन पार्टनर्स ने अपने रिश्ते को समय और प्यार दिया। उनका रिश्ता मजबूत, प्यार से भरा हुआ और स्थिर था। वहीं पोर्नोग्राफी से रिश्तों में रोमांस भरने वाले लोगों के रिश्ते में दो महीने बाद ही असंतुष्टि दिखने लगी। ऐसे पार्टनर एक दूसरे से कम संतुष्ट होते थे। उनके संबंध में कोई स्थिरता नहीं थी। वहीं पोर्नोग्राफी देखना उनकी आदत सा बन गया था।
