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पोर्नोग्राफी को लेकर बच्चों को आसान भाषा में ऐसे समझाएं: Pornography Addiction
Pornography Addiction

Pornography Addiction: एक वक्त में बच्चों के मन में ढेर सारे सवाल उठते हैं। कई बार वो सवाल कुछ ऐसे विषयों पर होते हैं, जिनके बारे में हम बच्चों से खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। कुछ ऐसे ही विषयों में से एक है, पोर्नोंग्राफी। समय बदल रहा है, अगर हम अपने बच्चों के साथ अपने जनरेशन गैप को कम करना चाहते हैं, तो हमें उनके साथ बैठकर सभी विषयों पर खुलकर चर्चा करने की आवश्यकता है, ताकि वे जीवन में किसी मुश्किल दौर से न गुजरें। मगर अब सवाल ये उठता है कि इन बातों की शुरूआत कैसे की जाए। दरअसल, इन दिनों ऑनलाइन पोर्नोंग्राफी चरम पर है और बच्चे बिना बताए और जानें न जाने कितने प्रकार के विडियोज देखते हैं। जो उनके दिमाग पर गलत प्रभाव भी डालते है और कुछ इसके चलते गलत संगति का शिकार हो जाते हैं। तो आप भी हो जाएं सतर्क और बच्चों से इस विषय पर बात करने के लिए इन टिप्स को अपनाएं।

एक अच्छे दोस्त की तरह समझाएं

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Act like a good friend

बहुत से ऐसे बच्चे हैं, जो अपने माता-पिता से इस तरीके की बात करने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं। ऐसे में अपने बच्चे के नजदीक आएं और एक अच्छे दोस्त की तरह उसे सारी बातें समझाएं। प्री-टीन एक ऐसी उम्र है, जिसमें बच्चा बढ़ रहा है और अपने शारीरिक बदलावों को महसूस कर रहा है। उसके हर प्रश्न का पूरे इत्मिनान के साथ उत्तर दें और उसे इन बदलावों को लेकर चिंतित न होने के लिए प्रेरित करें।

सीमाओं की जानकारी दें

आपने अकसर लोगों को कहते सुना होगा कि अरे! ये तो कितनी बड़ी हो गई। इस उम्र में हम भले ही बड़े लगने लगते हैं, मगर कई बार हमारी समझ अभी उस स्तर तक नहीं पहुंच पाती, जहां तक होनी चाहिए। बहुत बार हम दूसरे व्यक्ति की मंशा को भाप नहीं पाते। ऐसे में माता-पिता का रोल अहम होता है। वे बच्चों को इस बात की जानकारी दें कि किसी व्यक्ति से किस प्रकार अपनी दूरी बनानी है और कौन उनका भला सोचता है और कौन बुरा, इस बारे में सचेत कराए। हमें बच्चों को उनकी सीमाओं से वाकिफ करवाना है। उन्हें गुड और बैड टचिंग, किसिंग और हर किसी के गले मिलने से पहले किन बातों का ध्यान रखना है, वो समझाना जरूरी है। कई बार ज्यादा मार्डन बनने की दौड़ में हम अपने जीवन में कई परेशानियों का शिकार हो जाते हैं।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जोखिम के बारे में बताएं

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Explain the risks of social networking sites

आजकल बच्चे सोशल साईटस पर ज्यादा वक्त गुजारते हैं। ऐसे में आप बच्चों को सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जोखिम के बारे में बताएं। अगर आपके बच्चे का सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल है, तो उन्हें अनजान और फ्रॉड लोगों को ब्लॉक करना सिखाएं, ताकि वे किसी प्रकार की ठगी का शिकार न हो सकें। इसके अलावा उन्हें गोपनीयता सेटिंग्स के बारे में जानकारी दें। इससे बच्चे का अकाउंट सेफ रहता है। इस बात का भी ख्याल रखें कि कहीं आपका बच्चा सार्वजनिक वाईफाई का उपयोग करके इंटरनेट का प्रयोग तो नहीं कर रहा।

सवालों को गंभीरता से लें

बहुत से ऐसे माता-पिता है, जो बच्चों को गंभीरता से नहीं लेते और न ही उनके सवालों का जवाब देते हैं। ऐसे में बच्चे धीरे-धीरे माता पिता से दूरी बना लेते हैं और पड़ोसी, दोस्त या फिर किसी रिश्तेदार के नजदीक जाने लगते हैं। ऐसे हालात में वे लोग आपके बच्चे का फायदा उठा सकते हैं। अगर आपका बच्चा पोर्नोग्राफी से जुड़ा कोई सवाल आपसे पूछ रहा है, तो सबसे पहले ये जान लें कि आपका बच्चा आपके करीब है, तभी आपसे वो ये सवाल कर रहा है। इसके अलावा उसकी उम्र के हिसाब से ये सवाल स्वाभाविक है और हो भी क्यों न। अगर आप उनके करीब नहीं आएंगे, तो वे किसी मुश्किल में फंस सकते हैं।

अजनबियों से करें आगाह

बहुत बार गलत सोशल साइट्स का इस्तेमाल करने से बच्चे पोनोग्राफी रैकेट का शिकार हो जाते हैं। जो बच्चों को बहला फुसलाकर उनकी अश्लील तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल करने लगते हैं। ऐसे हालात से बचने के लिए पहले से ही बच्चे को सतर्क कर दें और उसको अजनबियों को किसी भी प्रकार के लालच से बचने की सलाह दें। जहां तक संभव हो आप अपने बच्चों से नरमी से पेश आएं। ताकि बच्चे आपसे बेझिझक होकर हर बात कर सके।

शरीर के अंगों के बारे में पूरी जानकारी दें

बच्चों के बॉडी पार्टस उम्र के हिसाब से विकसित होते है, जो कई दफा बच्चों के लिए चिंता का विषय बन जाते है। कई बार बच्चों के मन में कई बातों को लेकर भय बैठ जाता है। ऐसे में हमें बच्चों को शारीरिक विकास के समय अंगों के महत्व को समझाना बहुत जरूरी है। उन्हें किसी भी प्रकार की शर्म महसूस करने से रोकना होगा। उनकी जिज्ञासाओं को शांत करना पेरेंट्स का कर्तव्य है।

पोर्नोग्राफी के हर कोण को समझांए

अगर आप बच्चे को सीधे शब्दों में कहेंगे कि पोर्नोंग्राफी गलत है और इसके बहुत से नुकसान है, तो बच्चा सुनकर फिर से अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो जाएगा। आजकल बच्चे अपनी उम्र से अधिक स्मार्ट हो गए हैं और सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहें हैं, तरह-तरह की चीजे देखते हैं। जब भी बच्चा अकेला होगा, वो सोशल साइट्स पर जाएगा। ऐसे में बच्चों को पोर्नोंग्राफी से जुड़ी अपराध की कड़ी के बारे में समझाएं। इसके अलावा इसका हमारे मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है, वो भी समझांए।

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