fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: सुबह आंख खुली तो मैंने खुद को होटल के कमरे में पाया। मुझे याद आया कि मैं हीथमैन में थी और जब यह याद आया कि मैं पोर्टलैंड में क्यों थी तो अचानक ही दिल दहल गया। डैडी!!!

मैं झटके से जाग गई। “अरे! परेशान मत हो! ”

मैंने अभी फोन किया था। “रे ठीक हैं और रात को गहरी नींद ली है।” क्रिस्टियन काली टी-शर्ट और नीली जींस में है। उसने मेरा माथा चूम लिया।

“हाय ”

“हाय! क्या मैं तुम्हें जन्मदिन की मुबारक दे सकता हूं।”

मैंने उसके गाल सहलाए, “क्यों नहीं! हर चीज के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद! ”

“हर चीज”

“हां, हर चीज”

वह एक पल के लिए उलझन में दिखा और फिर मुझे एक कार्ड और छोटा-सा बॉक्स थमा दिया।

मैं अपने पिता के लिए चिंतित होने के बावजूद कुछ समय के लिए उसके साथ रौ में बह गई और कार्ड पढ़ा

मेरी प्रिय पत्नी के रूप में तुम्हारे पहले जन्मदिन पर, हमारी सारी पहली यादगार बातों के नाम

तुमसे बहुत प्यार करता हूं।

तुम्हारा और तुम्हारा

“ओह! हाउ स्वीट! ”

“इसमें क्या है?”

“खोल कर देखो।”

लाल चमड़े के बॉक्स में सिल्वर या सफेद गोल्ड का प्यारा सा ब्रेसलेट दिखा। इसमें बहुत प्यारी चीजें टंगी हैं जैसे आइफल टॉवर, लंदन की काली कैब, एक हैलीकॉप्टर, एक दिल, एक ग्लाईडर, एक छोटी नौका, पलंग और आइसक्रीम कोन। मैंने उसे कौतुक से देखा।

“वनीला! ” उसने कहा और मेरी हंसी छूट गई।

“क्रिस्टियन! ये बहुत सुंदर है। थैंक्स”

“मुझे हार्ट पसंद आया। यह एक लॉकेट है।”

“तुम इसमें कोई तस्वीर भी लगा सकती हो।”

“तुम्हारी तस्वीर। हमेशा मेरे दिल में रहती है।”

उसने अपनी प्यारी और लजीली सी मुस्कान दी।

उसमें सी नाम का अक्षर और एक चाबी भी थे। मैं अपने पति के पहले नाम के अक्षर का प्रयोग कर सकती थी। अंत में एक चाबी भी दी गई थी।

“यह मेरे दिल और आत्मा की चाबी है।”

मेरी आंखों से आंसू छलक उठे। मैं उसकी गोद में जा बैठी। कितना प्यारा तोहफा है। बहुत सुंदर!!! मैं उसकी गंध में मग्न हो गई।

उसने मुझे आलिंगन में भर लिया।

“पता नहीं, तुम्हारे बिना मेरा क्या होता?” मेरा स्वर भर्रा गया।

उसने मुझे कस कर थाम लिया। “रोना बंद करो।”

“काश हम घर पर होते पर आज हालात ऐसे हैं और हम यहां हैं। चलो, हम नाश्ता करके रे से मिल आते हैं।”

मैंने कपड़े बदले और अपने पति के साथ नाश्ता करने लगी। अगर मैंने सही तरह से न खाया तो उसे अच्छा नहीं लगेगा।

“मेरा मनपसंद नाश्ता मंगाने के लिए थैंक्स! ”

“आज तुम्हारा जन्मदिन है और मुझे बार-बार धन्यवाद कहना बंद करो।” उसने बड़े ही लगाव से कहा

फिर इसी तरह प्यार भरी बातों में थोड़ा समय बीत गया।

मैं ब्रश करके आई। मैंने कहा तो वह दबी हंसी हंसा

उसने ऐसा क्यों किया। ओह! याद आया, जब मैं उसके साथ यहां थी तो मैंने उसका ब्रश इस्तेमाल किया था। तब मैं अकेली थी और आज मैं उसकी पत्नी हूं।

मेरे प्यारे से पति ने कितना प्यारा तोहफा दिया है। मैंने गहरी सांस के साथ उसके दाम का अंदाजा लगाना चाहा पर मेरा पति इसे खरीद सकता है।

जब हम चलने लगे तो उसने मेरा हाथ चूम लिया

“ठीक लग रहा है?”

“हां, बहुत अच्छा”

कल से बेहतर लग रहा है। आज रे ठीक हैं। मेरे पति ने कितने प्यार से जगाया है। सब कुछ संभल गया है।

हम लिफ्ट में चले तो उसने कनखियों से देख कर कहा

“एक दिन, पूरी दोपहर इसका इस्तेमाल करूंगा”

“केवल दोपहर”

“मिसेज ग्रे! आप बड़ी लालची हो रही हैं।”

“हां, मैं तुम्हारे लिए लालची ही हूं।”

“सुन कर खुशी हुई।” उसने मुझे प्यार से चूम लिया।

अचानक ही मेरा मन उसके लिए मचल उठा। मैंने उसे चूमते हुए दीवार से सटा दिया और बालों में हाथ फिराने लगी। हम दोनों गहरे चुंबन में मग्न हो गए। मैंने उसका प्यारा-सा चेहरा हाथों में भर लिया।

“एना! ”

“आई लव यू क्रिस्टियन ग्रे।”

अचानक ही लिफ्ट बंद हो गई। हम नीचे उतरे तो उसने रिसेप्शन पर खड़े आदमी को इशारा-सा किया। कुछ समझ नहीं आया।

“टेलर कहां है?”

“गाड़ी लाने गया है।”

“स्वेयर कहां है?”

“कामों में लगा है।”

“कौन से काम?”

उसने गोल घूमने वाले दरवाजे की बजाए दूसरे दरवाजे से बाहर जाना पसंद किया। मैं जानती हूं कि वह मेरा हाथ नहीं छोड़ना चाह रहा।

तभी गाड़ी का स्वर सुनाई दिया और उसमें से टेलर निकला

“आर 8। ओह! तुम मेरे जन्मदिन पर सफेद रंग में लेकर दे सकते हो।”

“हैप्पी बर्थडे।” मैं उसे हैरानी से देख रही हूं और इसके सिवा कर भी क्या सकती हूं।

ओह! उसने मेरे लिए आर 8 ली है। उसने मुझे बांहों में भरकर झुला दिया।

“ओह! तुमने इतनी महंगी गाड़ी क्यों ली?”

“मिसेज ग्रे! आपके लिए कुछ भी! ”

“चलो डैड से मिलें।”

“हां। क्या मैं चला सकती हूं”

“क्यों नहीं! तुम्हारी गाड़ी है।”

“थैंक्स टेलर।” मैंने उसे छोटी-सी गलबांही दी और वह अचकचा गया।

“मिसेज ग्रे! आराम से चलाना।” उसने कहा

पति ने साथ बैठ कर कहा, “कोई जल्दी नहीं। आज कोई पीछा नहीं कर रहा।”

मैंने एकदम से गति ली तो वह चिल्लाया

“धीमी करो। मैं नहीं चाहता कि तुम मुझे अपने डैड के साथ आईसीयू में दिखाई दो।”

“बेहतर?”

“हां, अब ठीक है।”


रे की हालत अब भी वैसी ही है। वे ठीक लग रहे हैं। मैं उन्हें अपनी सुबह के बारे में बताने लगी तो मेरे पति ने इस दौरान कुछ फोन कर लिए। पता नहीं उसे इतना काम क्यों रहता है।

“मिसेज ग्रे! इनकी हालत में सुधार है।” नर्स ने कहा

सुन कर अच्छा लगा

तभी डॉक्टर आ गए। हम इन्हें रेडियोलॉजी के लिए ले जा रहे हैं।

“क्या वक्त लगेगा?”

“हां, एक घंटा लगेगा।”

“मैं इंतजार करूंगी। नतीजा जानना चाहती हूं।”

प्रतीक्षा कक्ष में गई तो वह किसी पर भन्ना रहा था। वह चाहता है कि रे का एक्सीडेंट करने वाले को पूरी सजा मिले। उसका गुस्सा देखने लायक था।

मैं उसकी गोद में जा बैठी और बताया कि कल रात उसकी मॉम के आने से मुझे कितनी तसल्ली मिली थी।

“हां, वे बहुत ही कमाल की महिला हैं।”

“क्या मुझे अपनी मॉम को रे के बारे में बताना चाहिए।”

अचानक याद आया कि आज मेरा जन्मदिन है और मॉम ने विश तक नहीं किया।

शायद किया हो। मैंने फोन निकाला तो कोई मिस्ड कॉल नहीं थी। केवल केट, ओसे, ईया और ईथन की ओर से बधाई संदेश थे। मेरी अपनी मां बधाई देना भूल गई।

मैं उन्हें सी टी स्कैन का नतीजा आने के बाद बताऊंगी।

मैं गोद में ही थी कि उसकी एंड्रिया का फोन आ गया। मैंने हटना चाहा पर उसने उठने नहीं दिया

गुड…पैकेज…हीथमैन….किस वक्त…बढ़िया….हा। उसने फोन रखा तो मुझे कुछ समझ नहीं आया।

“सब ठीक है?”

“हां”

“तुम्हारे ताईवान दल की बात हो रही थी।”

“हां ।” उसने पहलू बदला

“क्या मेरा भार ज्यादा है।”

“नहीं बेबी! ”

“क्या तुम ताइवान डील के लिए परेशान हो?”

“नहीं”

“मुझे लगा कि वह अहम थी।”

“हां। बहुत से काम उस पर टिके हैं।”

वह अपने काम की बातें बताने लगा तो मैंने जंभाई ली।

“क्या मैं तुम्हें बोर कर रहा हूं।”

“नहीं। मुझे तुम्हारी बातें सुनना पसंद है।”

“बेशक। तुम्हें हमेशा ज्यादा-से-ज्यादा जानने का शौक रहा है।” उसने चुटकी ली।

“अच्छा! तुम बताओ कि तुम क्या करते हो”

“वही जो पैसा कमाने के लिए करना पड़ता है। काम करता हूं।”

“क्रिस्टियन! तुम बहुत पैसा कमाते हो।” मुझे पता है कि वह कुछ नहीं बताने वाला पर उसने हैरानी में डाल दिया।

“मुझे गरीबी पसंद नहीं है। मैं दोबारा वहां नहीं जाना चाहता। यह एक खेल है। मुझे इस खेल में जीतना पसंद है।”

“हां! मैं जिंदगी के इस खेल को तुम्हारे साथ खेलना चाहता हूं क्योंकि यह तुम्हारे साथ आसान हो जाता है।।”

“पर तुम तो बहुत उदार दानी हो”

“हां, कह सकती हो।”

ओह! मेरा दीवाना, दानी, सेक्सी, झक्की, रोमानी, लजीला और प्यारा-सा पति!!

ओह! कितने क्रिस्टियन हैं।

कम से कम पचास तो होंगे।

उसने प्यार से चूमा। “चलो मिसेज शेड्स! डैड से मिलें।”

“क्या हम ड्राइव पर जा सकते हैं?”

हम आर 8 में वापिस आ रहे हैं। आज उन्होंने डैड को कोमा से जगाने का फैसला लिया है क्योंकि उनकी तबीयत संभल रही है।

“क्यों नहीं, तुम जो कहो।” क्रिस्टियन ने कहा

“कुछ भी?”

“हां, कुछ भी”

जब हम पोर्टलैंड आए तो मैं उसे लंच के लिए वहां ले गई। जहां हमने ओसे की प्रदर्शनी के बाद खाना खाया था।

वह हंसने लगा। “शुक्र है कि तुम मुझे उस बार में नहीं ले गईं। जहां से तुमने मुझे शराब पीकर फोन किया था।”

“मैं ऐसा क्यों करती?”

“यह देखने के लिए वे लोग जिंदा हैं या नहीं।”

“वैसे तुम भी तो मुझे होटल ले गए थे?”

“हां, मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा फैसला था।”

“हां! सो तो है।”

लंच के बाद हमने हीथमैन से उसका लैपटॉप लिया और अस्पताल आ गए। दोपहर को मैं रे के साथ रही। बस अब तसल्ली है कि उन्हें आराम आ रहा है। थोड़ा वक्त लगेगा। मैं सोचने लगी कि मॉम से बात करती हूं। पर उस वक्त टाल दिया। मैंने रे का हाथ थाम लिया और सहलाने लगी।

करीब दो घंटे बाद देखा तो क्रिस्टियन नर्स के साथ खड़ा था।

“चलें एना! ”

“ओह। मैं रे को छोड़ कर नहीं जाना चाहती।”

“आओ! कुछ खा लें। बहुत देर हो रही है।”

“हां! मुझे मि. स्टील को स्पंज बाथ देना है।” नर्स ने कहा

वह मुझे सुईट में ले गया और बताया कि हम प्राइवेट कमरे में अपना डिनर लेने जा रहे थे।

“अच्छा! कोई पुरानी कहानी पूरी करनी है।”

“हां। सो तो है।”

“पर मेरे पास कोई अच्छी ड्रेस नहीं है।”

उसने अलमारी खोल कर दिखाई।

“वहां प्यारी सी सफेद पोशाक तैयार थी।”

“टेलर लाया है?”

“नहीं मैं लाया हूं।” उसके सुर में उलाहना था। मुझे हंसी आ गई।

बैग में एक नेवी रंग की साटिन पोशाक दिखी और साथ ही मेल खाते जूते भी थे। वाह क्या पसंद है।

वह बहुत ही दामी और प्यारे अंतर्वस्त्र भी लाया था और उसने इशारे से बताया कि वह उन्हें उतारने के लिए बेताबी से इंतजार करेगा।

मैं नहाकर आई तो उसने इसरार किया कि वह मेरे बाल सुखाना चाहेगा। वह बालों की एक-एक लट को किसी कुशल ड्रेसर की तरह सुखाता रहा। मैं उसे निहारती रही। रे अब ठीक हैं और मैं खुद को बेहतर महसूस कर रही हूं।

जब डिनर के लिए चले तो वह सफेद कमीज, काली जींस और जैकेट में बहुत दिलकश दिख रहा था। आज वह टाई में नहीं है। रास्ते में दो औरतों ने उसे निगाहें भर कर देखा और मैंने भी जता दिया कि जी हां, ये मेरा है।

मैं नीचे पहुंची तो डाईनिंग एरिया में भीड़ थी। सजे-संवरे लोग खाने के लिए आए हुए थे। मैंने मन ही मन अपने पति को धन्यवाद दिया। उसकी वजह से कम-से-कम मेरी इज्जत रह गई। वरना मेरे कपड़े वहां खड़े होने लायक भी नहीं थे। मैंने प्राइवेट कमरे की ओर कदम बढ़ाए। पहले भी हम वहीं बैठे थे जब अनुबंध के बारे में बात हुई थी पर वह तो मुझे दूसरी ही ओर ले चला। जैसे ही उसने दरवाजा खोला।

सरप्राइज!!

ये क्या!! वहां केट और इलियट, ईया और ईथन, कैरिक और ग्रेस, ओस और उसके पिता, बॉब और मेरी मां सभी खड़े दिखाई दिए। मेरी तो बोलती ही बंद हो गई। कैसे? कब? मैंने हैरानी से अपने पति को देखा तो उसने मेरा हाथ दबा दिया।

मॉम ने आगे आकर मुझे गले लगा लिया।

“डार्लिंग बहुत प्यारी दिख रही हो। जन्मदिन मुबारक हो।”

मेरे आंसू उमड़ पड़े और मैंने उनकी गर्दन में मुंह छिपा लिया।

“मुझे लगा कि आप भूल गई थीं।”

“ओह! क्या मैं अपनी बेटी का जन्मदिन भूल सकती हूं। कोई घंटों की प्रसव वेदना कैसे भुला सकता है। जब मां बनोगी, जब जानोगी।” वे नाक सिकोड़ कर बोलीं।

“चलो आंसू पोंछो। ये सब लोग तुम्हारे खास दिन को और भी खास बनाने आए हैं।”

ओह ये लोग सब मेरे लिए आए हैं। कितने कमाल की बात है।

“आप सब कैसे आए? कब आए? ”

“तुम्हारे पति ने प्लेन भेजा था। शोना!! ” मॉम ने कहा

और मैं हंस दी। “थैंक्स मॉम! ”

सभी बारी-बारी से आगे आए और मुझे जन्मदिन की बधाई दी।

“एना! तुम जी भरकर रो सकती हो। ये तुम्हारी पार्टी है।” ओसे ने कहा

“मेरी प्यारी बेटी को जन्मदिन मुबारक।”

“चलो बहुत हुआ। अब मेरी बीबी को छोड़ और अपनी मंगेतर को गले लगा।” क्रिस्टियन ने मुझे इलियट की गलबांही से आजाद करते हुए कहा

इलियट ने केट को देखकर आंख मारी। एक वेटर ने मुझे और मेरे पति को गुलाबी शैंपेन का गिलास थमा दिया।

क्रिस्टियन बोला, “अगर आज रे यहां होते तो बहुत अच्छा होता पर वे हमारे साथ ही हैं और अब ठीक हो रहे हैं। एना! वे भी यही चाहते हैं कि तुम अपने जन्मदिन की खुशी मनाओ। आप सबका धन्यवाद कि आप हमारे विवाह के बाद, मेरी पत्नी के पहले जन्मदिन की दावत में आए। मेरी प्यारी पत्नी के नाम।” उसने टोस्ट किया और सबने मिलकर जन्मदिन का गीत गाया। मेरे आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।

डिनर टेबल के आसपास मेरा पूरा परिवार बैठा और सभी अलग-अलग तरह की बातों में मग्न हैं। मैं सोच भी नहीं सकती थी कि मेरा पति मेरे लिए इतना बड़ा सरप्राइज कर सकता है। मेरे डैड आईसीयू में हैं पर अब ठीक हैं और ये सब मेरे लिए यहां आए हैं। मैं इनकी आभारी हूं।

मैंने केट से पूछा कि वे लोग कैसे आए हैं तो उसने बताया कि वे क्रिस्टियन के साथ हैलीकॉप्टर में आए हैं।

उसे हैरानी थी कि मेरे पति ने पायलट का काम किया। उसे कैसे बताती कि मैं यह अनुभव ले चुकी हूं।

“हाय! मजा ही आ गया।”

“सच्ची।” मैंने पूछा

“हां! ”

“क्या आज रात तुम सब यहीं थे।”

“हां शायद तुझे नहीं बताया होगा पर हम सब उसके साथ ही आ गए थे”

मैंने उसे जन्मदिन वाला तोहफा दिखाया पर उसके सारे मॉडलों की कहानी नहीं बता सकी। ऐसी बातें किसी को बताई नहीं जा सकतीं।

हम हंसकर गप्पें मारने लगे।

चॉकलेट केक तो देखने लायक था। उसमें बाईस मोमबत्तियां लगी थीं। एक बार फिर से हल्ले-गुल्ले के बीच केक कटा और बधाईयां दी गईं।

ओसे के पिता जाने लगे तो मुझसे धीरे से बोले

“मैं तुम्हें अपनी बहू बनाना चाहता था पर तुम्हारा पति भी नेक आदमी है। इसे बहुत प्यार से रखना।”

“जी अंकल! ओसे मेरा अच्छा दोस्त है। मैंने उसे हमेशा एक भाई की तरह माना है।” मैंने अपनी सफाई दी और वे मुझे प्यार देने के बाद चले गए।

सबको विदा देने के बाद, कमरे में आते ही मैंने अपने पति को उस यादगार दावत के लिए धन्यवाद दिया और हमारे होंठ आपस में मिल गए।

सामूहिक नाश्ते के बाद मैंने अपने तोहफे खोले और चार्ली टैंगो से वापिस जाने वालों को अलविदा कहा। फिर मैं अपने पति और मॉम के साथ अस्पताल चल दी। बॉब नहीं जा रहा था। चलो ठीक ही है।

रे को देखते ही मॉम को झटका लगा और हम दोनों रो दिए।

उन्होंने रे को प्यार से सहलाया और उनका हाथ थाम लिया। उन्हें एक साथ देख मेरा दिल भर आया। ये मेरे पति की ही मेहरबानी थी वरना मॉम के लिए इतनी दूर से आ पाना शायद संभव न होता। मैंने उसे लगाव से देखा और आंखों ही आंखों में धन्यवाद दिया।

मां-बेटी के बीच कुछ गोपनीय बातें हुईं और मॉम ने राय दी कि मुझे अपने प्यारे से पति को समय-समय पर बताते रहना चाहिए कि मैं उससे कितना प्यार करती हूं। उन्होंने कहा कि अक्सर पुरुषों को भी ऐसा सुनना पसंद होता है।

हम उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने गए। और जब वे चले गए तो क्रिस्टियन ने मुझे अपनी बांह से घेर लिया।

“चलो बेबी! वापिस चलें।”

“क्या गाड़ी तुम चलाओगे?”

“हां।” उसने लगाव से कहा

जब हम शाम को लौटे तो रे का वेंटीलेटर हटा दिया गया था और वे अपने-आप सांस ले रहे थे। मुझे चैन आ गया। मैंने टिश्यू ले कर उनके मुंह के कोने से निकल रही झाग साफ कर दी।

क्रिस्टियन ने उनकी हालत का ब्यौरा लेने के लिए डॉक्टरों की खोजबीन शुरू की और मैं उनके पास जाकर बैठ गई।

अचानक ही रे की आंख खुली और मैंने उन्हें देखा।

डैडी!!!! मेरे डैडी को होश आ गया।