woman manage her multiple financial goals
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Overview: कई फाइनेंशियल गोल्स को यूं करें मैनेज

अगर आप एक साथ कई फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करना चाहते हैं तो ऐसे में आपको कुछ टिप्स आजमाने की जरूरत है।

Manage Multiple Financial Goals: फाइनेंशियल मैनेजमेंट अक्सर काफी मुश्किल लगता है। आज के लाइफस्टाइल में अपनी लाइफ को स्मूदली चलाने के लिए जरूरी होता है कि एक साथ कई फाइनेंशियल गोल्स को साथ लेकर चला जाए। सिर्फ खर्च या बचत का ख्याल रखना ही काफी नहीं होता है, बल्कि इमरजेंसी फंड से लेकर रिटायरमेंट तक की प्लानिंग करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, बच्चों की पढ़ाई से लेकर ईएमआई तक के बारे में सोचना पड़ता है। जब एक साथ कई सारे फाइनेंशियल गोल्स हों तो यह समझ में ही नहीं आता है कि इन्हें किस तक मैनेज किया जाए। 

हो सकता है कि आप भी इसी कशमकश में हों, तो ऐसे में आपको परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। कुछ स्मार्ट प्लानिंग और सही माइंडसेट के साथ आप अपने सभी फाइनेंशियल गोल्स को एक साथ मैनेज कर सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इस बारे में बता रहे हैं-

Indian woman writing her financial goals
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अगर आप अपने सभी फाइनेंशियल गोल्स को एक साथ लेकर चलना चाहते हैं तो यह बेहद जरूरी है कि आप पहले उन्हें लिख लें। मसलन, आपको एक साल में कितने पैसे चाहिए या फिर आपको अपनी किन-किन चीजों को पूरा करना है। लिखने से आपको काफी चीजें साफ हो जाती हैं और आपके लिए सभी चीजों को मैनेज करना आसान हो जाता है।

अगर आप अपनी सभी जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं तो ऐसे में अपने लक्ष्यों को तीन हिस्सों में बांटें। शॉर्ट टर्म गोल्स जैसे वेकेशन या नया फोन, मीडियम टर्म गोल्स जैसे कार या घर की डाउनपेमेंट और लॉन्ग टर्म जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा या बड़ा घर आदि। जब आप इस तरह अपने गोल्स को बांट देते हैं तो इससे आपके लिए मैनेजमेंट करना आसान हो जाता है।

auto debit SIP
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यह एक ऐसी छोटी सी आदत है, जो आपके काफी काम आ सकती है। जब हर महीने आपके कुछ पैसे कटते हैं तो इससे ना केवल अनुशासन आता है, बल्कि धीरे-धीरे पैसे भी बढ़ते जाते हैं। यहां तक ​​कि आप ₹1000 से भी शुरुआत कर सकते हैं। जब आप एसआईपी की आदत डालते हैं तो आप कई फाइनेंशियल गोल्स को आसानी से पूरा कर पाते हैं।

चूंकि आपके पास पैसा लिमिटेड है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने गोल्स को रैंक करें और इस दौरान जरूरतों को चाहतों से पहले और ग्रोथ से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इस तरह आप अपने सभी गोल्स को आसानी से मैनेज कर पाएंगे और जो सबसे जरूरी होगा, उसे पूरा करने में आपको किसी तरह की समस्या नहीं होगी। मसलन, आप प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इमरजेंसी फंड बनाएं, इसके बाद क्रेडिट कार्ड लोन चुकाएं, फिर हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस लें। वहीं, वेकेशन के लिए सबसे आखिरी में रखें।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...