Shani Sade Sati Remedy
Shani Sade Sati Remedy

Overview:शनि की साढ़ेसाती और ढैया से परेशान?

शनिवार के दिन शनि देव को नीला अपराजिता, शमी, गुड़हल और आक जैसे विशेष फूल अर्पित करने से साढ़ेसाती और ढैया के प्रभाव कम होते हैं। श्रद्धा के साथ की गई पूजा और मंत्र जाप से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

Shani Sade Sati Remedy: शनिवार का दिन न्यायप्रिय देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मों के अनुसार फल देने वाला ग्रह कहा गया है। जब किसी जातक की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में आ जाता है, तो साढ़ेसाती या ढैया जैसे योग बनते हैं, जिनके प्रभाव से जीवन में आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं और कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि शनिवार के दिन विधि-विधान से शनि देव की पूजा की जाए और उन्हें प्रिय वस्तुएं अर्पित की जाएं, तो शनि के कठोर प्रभाव को काफी हद तक शांत किया जा सकता है। विशेष रूप से कुछ फूल ऐसे माने गए हैं, जिनका अर्पण शनिदेव को अत्यंत प्रिय है और जिनसे साढ़ेसाती व ढैया के प्रभाव कम होते हैं।

नीला अपराजिता फूल: शनि देव को अत्यंत प्रिय

Shani Sade Sati Remedy
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शास्त्रों में बताया गया है कि नीले रंग का अपराजिता फूल शनिदेव को विशेष रूप से प्रिय है। शनिवार के दिन इस फूल को शनि देव की मूर्ति या चित्र पर अर्पित करने से उनके क्रोध को शांत किया जा सकता है।

पूजा के समय “ॐ शनैश्चराय नमः” मंत्र का श्रद्धा के साथ जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को चल रही साढ़ेसाती या ढैया से धीरे-धीरे राहत मिलने लगती है।

शमी के फूल और पत्ते: शनि दोष निवारण का उपाय

शमी का वृक्ष शनि देव से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि जयंती या किसी भी शनिवार को शनि देव को शमी के फूल, पत्ते या जड़ अर्पित करना अत्यंत शुभ फल देता है। इस उपाय से न केवल शनि दोष शांत होता है, बल्कि जीवन में आ रही आर्थिक परेशानियां भी दूर होने लगती हैं। कहा जाता है कि शमी से जुड़ा दान और पूजन करने से जातक को शनिदेव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गुड़हल का फूल: शनि की कृपा पाने का सरल उपाय

गुड़हल का फूल आमतौर पर देवी-देवताओं की पूजा में प्रयोग किया जाता है, लेकिन शनिवार के दिन शनि देव को गुड़हल अर्पित करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस फूल के अर्पण से शनि देव की अशुभ दृष्टि कम होती है और व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। विशेष रूप से जो लोग लंबे समय से मेहनत के बावजूद सफलता नहीं पा रहे हैं, उनके लिए यह उपाय लाभकारी माना जाता है।

आक का फूल: साढ़ेसाती के प्रभाव को करता है कम

आक का फूल भी शनिदेव को प्रिय माना गया है। शनिवार के दिन शनि देव को आक का फूल अर्पित करने से उनकी टेढ़ी दृष्टि शांत होती है। धार्मिक विश्वास है कि यह उपाय करने से जीवन में रुके हुए कार्यों में गति आती है, भाग्य का साथ मिलने लगता है और शनि देव जातक की कठिनाइयों को कम कर देते हैं।

पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान

शनिवार के दिन काले या नीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है

शनि देव की पूजा में तिल का तेल और काले तिल का प्रयोग करें

पूजा के बाद जरूरतमंद को दान अवश्य दें

मन में श्रद्धा और संयम बनाए रखें

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...