Parenting Tips: बच्चे चाहे कितने बड़े ही क्यों न हो जाएं वह पेरेंट्स के लिए हमेशा बच्चे ही रहते हैं। अधिकांश पेरेंट्स बच्चे को काम नहीं करने देते, उन्हें अपना बिस्तर नहीं समेटने देते या अपने हाथ से खाना नहीं खाने देते। उन्हें लगता है कि उनका बच्चा अभी छोटा है उसपर जिम्मेदारी डालना ठीक नहीं है। पेरेंट्स की यही सोच कई बार बच्चों को बड़ा और जिम्मेदार होने से रोकती है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा बड़े होकर जिम्मेदार बने लेकिन आपकी छोटी-छोटी बातें बच्चे को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनने से रोक सकती हैं। माना कि बच्चे ठीक ढंग से काम नहीं कर पाते लेकिन जब तक आप बच्चे को काम देंगे नहीं तो बच्चा सीखेगा कैसे। इसलिए यदि आप बच्चे का सही विकास चाहते हैं तो उन्हें बच्चा समझना छोड़ दें और इन तरीको से उन्हें जिम्मेदार बनाएं।
पेरेंट्स न करें ओवररिएक्ट

बच्चे किसी भी चीज को सीखने या करने में अधिक समय लगाते हैं। यही वजह है कि पेरेंट्स बच्चे पर किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं डालते। यदि बच्चे से कोई गलती हो जाए तो पेरेंट्स उसे डांट देते हैं या काम करने से मना कर देते हैं। पेरेंट्स का इस प्रकार से ओवररिएक्ट करना बच्चे को दब्बू बना सकता है। वह बड़े होकर डर की वजह से आपसे बातें छुपा भी सकता है। इसलिए पेरेंट्स बच्चे को उसकी उम्र के हिसाब से काम करने दें ताकि बच्चा जिम्मेदार बन सके।
बच्चे का न बनाएं मजाक
अधिकांश बच्चे इस डर से काम नहीं करते कि दूसरा व्यक्ति उनका मजाक बनाएगा। कई बार अंजाने में ही सही लेकिन पेरेंट्स बच्चों की ऐसी बातें दूसरों से शेयर कर जाते हैं जिससे लोग उसपर हंसते हैं या मजाक बनाते हैं। ऐसी बातें बच्चों के मन में घर कर जाती हैं और वह काम के बिगड़ने के डर से जिम्मेदारियां लेने से कतराने लगते हैं। पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह बच्चे के सीक्रेट्स को सिक्रेट ही रखें। यदि बच्चे को कुछ कहना भी है तो अकेले में कहें। सबके सामने उसे डांटने या मजाक बनाने की कोशिश न करें।
गलतियों से सबक सिखाएं
बच्चे काम में अक्सर गलतियां करते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को डांटने की बजाए उन्हें गलतियों से सीखने दें। बच्चे अपनी उम्र के अनुसार काम करते हैं। कई बार उन्हें चीजों को बिगाड़ने में बड़ा मजा आता है। इसलिए बच्चे को अपनी कुशलता और उम्र के अनुसार काम करने दें।
बच्चे को न समझें बच्चा

पेरेंट्स बच्चे को कभी बड़ा होने ही नहीं देते। वह बच्चे को ऐसे ट्रीट करते हैं जैसे कि वह बहुत छोटा है या चीजों से अंजान है। पेरेंट्स को अपनी सोच में बदलाव करने की आवश्यकता है। हर बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से काबिल और स्मार्ट होता है। वह हर परिस्थितियों को समझता है और सही ढंग से हैंडल भी कर सकता है। बच्चे को हमेशा बच्चा समझने से बच्चे कभी भी आत्मनिर्भर नहीं बन पाते। यदि आप अपने बच्चे को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनाना चाहते हैं तो उसे उसकी उम्र के हिसाब से काम करने दें। उसके काम में दखलंदाजी न करें।
दें जिम्मेदारी
बच्चे को जब तक आप जिम्मेदारी देंगे नहीं वह सीखेगा कैसे। पेरेंट्स अक्सर बच्चे को छोटा समझकर जिम्मेदारी नहीं देते जिसकी वजह से बच्चा हमेशा पेरेंट्स पर निर्भर करने लगता है। यदि आप बच्चे को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनाना चाहते हैं तो उसे जिम्मेदारी सौंपना सीखें।
