दिमाग की बत्ती जला देता है चेस, बच्चों को बचपन से ही डालें इसे खेलने की आदत: International Chess Day 2024
International Chess Day 2024

Overview:

आज भी दुनियाभर में करोड़ों लोग चेस खेलना पसंद करते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए हर साल 20 जुलाई को मनाया जाता है इंटरनेशनल चेस डे। इस खास दिन की शुरुआत यूनेस्को की ओर से की गई थी। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन की स्थापना की तिथि पर यह दिन घोषित किया गया।

International Chess Day 2024: चेस यानी शतरंज एक ऐसा गेम है जो आपके दिमाग के लिए एक बेहतरीन कसरत है। दर्जनों शोध और विशेषज्ञ इस बात को मानते हैं कि नियमित रूप से चेस खेलने से आपका दिमाग शार्प होता है। आज भी दुनियाभर में करोड़ों लोग चेस खेलना पसंद करते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए हर साल 20 जुलाई को मनाया जाता है इंटरनेशनल चेस डे। इस खास दिन की शुरुआत यूनेस्को की ओर से की गई थी। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन की स्थापना की तिथि पर यह दिन घोषित किया गया। करीब 50 साल से यह स्पेशल दिन धूमधाम से मनाया जा रहा है। चलिए आज जानते हैं शतरंज क्यों है इतना खास और क्या हैं इसे खेलने के फायदे।

International Chess Day 2024-कुछ विद्वानों का मानना है कि शतरंज की उत्पत्ति भारत में हुई थी।
Some scholars believe that chess originated in India.

शतरंज की उत्पत्ति कैसे हुई, यह विषय आज भी बहस का विषय है। कुछ विद्वानों का मानना है कि शतरंज की उत्पत्ति भारत में हुई थी। वहीं कुछ का दावा है कि शतरंज रूस, चीन और मध्य एशिया से आया है। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय युद्ध खेल ‘चतुरंग’ से ही शतरंज की शुरुआत हुई है। चतुरंग में भी कई मोहरे होते हैं, जो युद्ध क्षेत्र में चाल चलते हैं और इनकी कमान होती है राजा के हाथ में, ठीक वैसे ही जैसे कि शतरंज में होती है। माना जाता है कि फारस, अरब और बीजान्टिन साम्राज्य के माध्यम से यह खेल यूरोप पहुंचा, जहां इसे चेस यानी शतरंज का रूप दिया गया। 10वीं शताब्दी में अरब साम्राज्य के जरिए शतरंज स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और सिसिल तक जा पहुंचा। इसके बाद यह इंग्लैंड और आइसलैंड तक खेला जाने लगा और दुनियाभर में मशहूर हो गया। उस समय इस खेल को धन, शक्ति और ज्ञान से जोड़कर देखा जाने लगा।

चेस और दिमाग के बीच गहरा कनेक्शन है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार जो बच्चे छोटी उम्र से ही चेस खेलना शुरू कर देते हैं वे दूरदर्शी बनते हैं। उनमें आगे की सोचने और प्लानिंग करने के गुण अपने आप विकसित हो जाते हैं। इसी के साथ चेस खेलने के अन्य फायदे भी हैं।

चेस एक जटिल खेल है जिसमें बच्चों को जीतने के लिए कई कदम आगे की सोच और योजना बनाने की जरूरत पड़ती है। यह कौशल उन्हें स्कूल और जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता पाने में मदद कर सकता है।

चेस खेलते समय बच्चों को कई संभावित चालों पर फोकस करना पड़ता है। साथ ही धैर्य के साथ आगे बढ़ना होता है। ऐसे में नियमित रूप से यह गेम खेलने से उनमें ये दोनों ही गुण विकसित हो जाते हैं।  

जब बच्चे चेस खेलते हैं तो उन्हें कई चालों को याद रखना पड़ता है। ऐसे में उनकी याददाश्त और तार्किक शक्ति दोनों का ही विकास होता है। ये गुण उनके बेहतर भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  

चेस जीत और हार का खेल है। इससे बच्चों का कॉन्फिडेंस बूस्ट होता है। इससे बच्चे फ्लेक्सिबल बनते हैं। कुल मिलाकर यह गेम बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे बच्चों में डिसिप्लिन भी बढ़ता है।    

दुनियाभर की स्टडी बताती हैं कि चेस से बच्चों का आईक्यू लेवल अच्छा होता है। शोध बताते हैं कि जो बच्चे नियमित रूप से चेस खेलते हैं उनका आईक्यू लेवल अन्य बच्चों से ज्यादा होता है। यह आईक्यू लेवल बच्चों के जिंदगीभर काम आता है।  

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...