Gadgets for Kids: आज के समय में बड़ों की तरह ही बच्चों के लिए गैजेट्स उनकी बेसिक जरूरत बन गए हैं। खासतौर से, पिछले कुछ सालों में तस्वीर काफी बदली है। बच्चे पिछले दो सालों से स्कूल व अन्य एक्टिविटीज से दूर हैं और आज के समय में वह हर तरह की क्लासेस घर से गैजेट्स के माध्यम से ही ले रहे हैं। जिसके कारण उनका स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है और इस तरह गैजेट्स उनके लिए काफी नुकसानदायक भी साबित हो रहे हैं। यह सच है कि बच्चों की स्कूल क्लासेस से लेकर अन्य एक्टिविटीज को लेने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन फिर भी पैरेंट्स की यह चिंता है कि वह बच्चों के लिए गैजेट्स को उपयोगी कैसे बनाएं। तो अब आपको इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बच्चों के लिए गैजेट्स को उपयोगी बना सकते हैं-
गैजेट्स के लिए तय करें समय

जब बात गैजेट्स को बच्चे के लिए उपयोगी बनाने की बात आती है तो उसका सबसे पहला और जरूरी नियम है कि उसके लिए कुछ लिमिटेशन तय की जाएं। चूंकि पिछले कुछ सालों में बच्चों की गैजेट्स के प्रति निर्भरता बढ़ी है। इसलिए उनके लिए समय सेट करना बेहद आवश्यक है। अमूमन देखने में आता है कि बच्चे दो क्लासेस के बीच में भी खाली समय में फोन देखने लग जाते हैं। इस आदत को बदलने का प्रयास करें और उन्हें फोन या टैब तभी दें, जब उनकी क्लासेस हो। इस तरह उनके लिए गैजेट्स देखने व इस्तेमाल करने का समय तय किया जाना बेहद आवश्यक है।
गैजेट्स को करें मॉनिटर

यह भी एक स्टेप है, जिसकी मदद से बच्चे के लिए गैजेट्स को उपयोगी बनाया जा सकता है। स्कूल या ट्यूशन क्लासेस के अलावा जब भी आपके बच्चे गैजेट्स देखें तो आपको यह अवश्य सुनिश्चित करना होगा कि वह क्या देख रहे है। कई बार बच्चे कुछ ऐप्स या वीडियोज पर अपना काफी समय खर्च कर देते हैं। इससे उनका काफी सारा समय यूं ही बर्बाद हो जाता है। इसलिए गैजेट्स पर उनके द्वारा की जाने वाली एक्टिविटी को मॉनिटर करके भी उनके लिए गैजेट्स को फायदेमंद बनाया जा सकता है।
गैजेट्स से दें टास्क

अगर आप चाहते हैं कि गैजेट्स बच्चे की ग्रोथ में मदद करे तो ऐसे में आप उसे गैजेट्स से टास्क दें। मसलन, अगर बच्चे ने अपनी क्लास में कुछ नया सीखा है तो ऐसे में आप उससे रिलेटिड टास्क उसे दें। वह वीडियोज या गूगल इंफार्मेशन के माध्यम से खुद कोई प्रोजेक्ट आदि तैयार करें। इससे वह स्क्रीन के साथ-साथ खुद घर पर अपने हाथों से भी कुछ नया करेगा। साथ ही साथ इससे उसे वह कॉन्सेप्ट बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, सर्चिंग के दौरान उसे उसी टॉपिक से संबंधित कई नई जानकारियां भी मिलेंगी, जो शायद उसने अपनी कोर्स बुक में ना पढ़ी हो। इस तरह उसका नॉलेज लेवल बेहतर होगा।
नो स्क्रीन गैजेट्स ट्रिक

जब भी गैजेट्स की बात आती है तो हम सभी के मन में फोन, टैब या लैपटॉप आदि का ही ख्याल आता है। हालांकि, वास्तव में आज के समय में ऐसे कई गैजेट्स होते हैं, जिनकी स्क्रीन फोन या लैपटॉप की तरह नहीं होती है, लेकिन वह बच्चों को बेहद ही एंटरटेनिंग तरीकों से काफी कुछ सिखाते हैं। आप ऐसे कुछ टॉय गैजेट्स में इनवेस्ट करने पर विचार कर सकते हैं। यह उनके लिए एक अच्छा ऑप्शन हैं और उन्हें इससे कोई नुकसान भी नहीं होगा।
गैजेट्स से स्किल को करें शॉर्प

अगर आप बच्चों के लिए गैजेट्स को उपयोगी बनाना चाहती हैं तो यह भी एक तरीका है। आप कोशिश करें कि बच्चा गैजेट्स में अपना समय सकारात्मक तरीके से इनवेस्ट करें। इसके लिए, आप उसकी पसंद को ध्यान में रखकर उसे कुछ नया करने व अपने स्किल्स को शॉर्प करने के लिए मोटिवेट कर सकते हैं। आप उसके लिए कुछ बेहतरीन ऐप्स ढूंढकर भी डाउनलोड कर सकते हैं ताकि वह एक इंटरैक्टिव तरीके से नई चीजों को सीखे।
गैजेट्स और ऑनलाइन कोर्सेस

इन दिनों कई शॉर्ट टर्म कोर्सेस सर्टिफिकेशन के साथ ऑनलाइन अवेलेबल हैं। आप बच्चों को ऐसे ही कुछ कोर्सेस एनरॉल करवा सकते हैं। इस तरह के ऑनलाइन कोर्सेस के चार्जेस काफी कम होते हैं, लेकिन इससे बच्चे को काफी कुछ नया व अच्छा सीखने को मिलता है। इतना ही नहीं, सर्टिफिकेशन कोर्सेस के जरिए बच्चे को आगे प्रोफेशनली भी बढ़ने में मदद मिलती है।
गैजेट्स के साइड इफेक्ट भी जरूर बताएं

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि गैजेट्स बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है, लेकिन किसी भी चीज को समझदारी से इस्तेमाल करना बेहद आवश्यक है। अन्यथा अति क्षति का कारण बन जाएगी। ऐसा ही कुछ गैजेट्स के साथ भी है। बच्चों के लिए गैजेट्स बेहद उपयोगी है, लेकिन जब बच्चे इन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में भी बताएं। साथ ही गैजेट्स को सही तरह के इस्तेमाल करने के बेसिक्स भी अवश्य पता होने चाहिए। मसलन, उनके बॉडी पॉश्चर से लेकर स्क्रीन टाइम से जुड़ी आवश्यक बातों की जानकारी उन्हें अवश्य दें। जब बच्चे इन सभी बातों से अवगत होंगे तो वह इसके नुकसान को मिनिमाइज करके फायदों को मैक्सिमाइज कर पाएंगे।
