इन टिप्स बनाएं अपने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत: Mental Health Tips for Kids
How to Improve Mental Health in Your Childre

Mental Health Tips for Kids: माता-पिता अक्सर अपने बच्चों के लिए चिंतित देखे जाते हैं। वह अपने बच्चों की हर जरूरत को पूरा करना चाहते हैं। अपनी परवरिश में वह इस बात का जरूर ध्यान रखते हैं कि उनके बच्चे की शारीरिक और मानसिक फिटनेस काफी अच्छी हो लेकिन भारत में आज भी अधिकतर लोग बच्चों के शारीरिक फिटनेस पर ही ध्यान देते हैं बजाय मानसिक फिटनेस के। आज के समय में इंसान की अधिकतर समस्याएं मानसिक स्वास्थ्य से ही जुड़ी हैं। अगर उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तो आने वाली हर परेशानी को बहुत आसानी से हल कर सकते हैं। इसलिए माता-पिता के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह अपने बच्चों को किसी भी हाल में मानसिक रूप से कमजोर न होने दे और इस बात को समझे कि मानसिक स्तर पर मेच्योर इंसान ही सबसे आगे जाता है और जिंदगी में बड़ी-बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर पाता है।

इन टिप्स बनाएं अपने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत: Mental Health Tips for Kids
Mental Health Tips for Kids

अगर बच्चे कुछ अच्छा करते हैं तो उनकी प्रशंसा करने से उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है और वह चाहते हैं कि वह ऐसे ही कुछ ना कुछ अच्छा करते रहें। ऐसे उनका जीवन और बेहतर होने लगता है। लेकिन अगर आप अपने बच्चों के विरुद्धों पर हमेशा उसे डांट फटकार ही लगाएंगे तो उसका मोरल काफी डाउन होगा और वह उन चीजों को करने में भी खुद को समर्थ नहीं पायेगा जो वह काफी आसानी से कर सकता है। इसलिए अपने बच्चों के प्रयासों को सराहें और हमेशा आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें।

माता-पिता को बचपन से ही बच्चों को रूटीन का महत्व सीखाना चाहिए। इससे वह अपने समय को कैसे मैनेज करना है। यह सीख पाएंगे। जिसने अपने समय को अच्छे से इस्तेमाल करना सीख लिया। वह लाइफ में हमेशा आगे बढ़ता है। ऐसा करने से आपके बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होगा।

अगर बचपन में बच्चे कोई गलती करते हैं तो हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। इससे बच्चे और भी उग्र हो जाते हैं और अनियंत्रित होने लगते हैं। आपको अपने बच्चों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें समझाने के लिए अच्छे शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए ना कि हिंसा का। इससे आपका बच्चा मेंटली स्ट्रांग होगा। वह इतनी आसानी से अपना आपा नहीं खोएगा क्योंकि जो हम देखते हैं वही हम बन जाते हैं।

Why Prevention is Better Than Cure for Children's Mental Health
Why Prevention is Better Than Cure for Children’s Mental Health

पैरंट्स को सबसे ज्यादा अपने बच्चों की संगति का ध्यान रखना चाहिए। इस उम्र में बच्चे बहुत जल्दी ही सीख जाते हैं। चाहे वह बुरी आदत हो या अच्छी। इसीलिए अगर आप हमेशा उनकी संगति पर ध्यान दें और उन्हें अच्छे बुरे के बारे में बताते रहें तो वह मेंटली भी इस बात को समझ पाएंगे कि क्या उनके लिए सही है क्या गलत है।

हम यह नहीं कहते कि छोटे बच्चे पर बहुत बड़े जिम्मेदारियां डाल देनी चाहिए लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियां जैसे खुद से नाश्ता करना, स्कूल के लिए रेडी हो जाना, अपना होमवर्क कर लेना। यह बहुत छोटी-छोटी जिम्मेदारियां हैं, जो बच्चों को बचपन से सीखने चाहिए। इससे वह जिम्मेदारी का मतलब समझ पाएंगे और एक जिम्मेदार नागरिक बनकर उभरेंगे।

कभी भी अपने बच्चों की तुलना किसी और बच्चे से ना करें। इससे बच्चों के अंदर हीन भावना आती है और वह मेंटली काफी वीक हो जाते हैं। इसलिए अपने बच्चों को उनकी गलतियों पर समझाएं और अच्छे बातों पर उनके प्रशंसा करें। लेकिन किसी और से उनकी तुलना ना करें क्योंकि हर बच्चा एक दूसरे से अलग होता है।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...