Mental Health Tips: यूं तो हर कोई खुश रहने की कोशिश करता है। लेकिन जिंदगी की आपाधापी में न चाहते हुए भी अकसर तनावग्रस्त हो जाते हैं। यह तनाव पारिवारिक-सामाजिक सरोकारों की वजह से ही नहीं, छोटी-छोटी बातों को लेकर भी हो सकता है। जिसकी बदौलत दिमाग में नकारात्मक विचार घर कर जाते हैं और हम खुशियों से दूर होते जाते हैं। नतीजतन डिप्रेशन, एंग्जाइटी जैसी मानसिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।
लेकिन तनावमुक्त या खुश रहना इतना भी मुश्किल नहीं है। विशेषज्ञों के हिसाब से मूड को रिफ्रेश करने में शरीर में मौजूद डोपामाइन, सेराॅटोनिन, ऑक्सीटोसिन, प्रोजेस्टेराॅन, एस्ट्रोजन जैसे हैपी-हार्मोन अहम् भूमिका निभाते हैं। जो हमारी सकारात्मक सोच और सकारात्मक रवैया अपनाने के कारण मस्तिष्क से रिलीज होते हैं। ये हार्मोन शरीर को ऊर्जा का संचार करने के साथ मूड बूस्टर का काम करते हैं। लिहाजा मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इसके मूलमंत्र को समझने और कुछ सटीक कदम उठाने की जरूरत है।
काम को मैनेज करके करें-

सबसे जरूरी है कि प्राथमिकता और काम में लगने वाले समय के हिसाब से दिन भर के कामों की लिस्ट बनाएं और उसका अनुसरण करें। कोशिश करें कि एनर्जी और टाइम-कंज्यूमिंग काम वीकेंड में करें। प्लानिंग के हिसाब से जब सभी काम पूरे होते चले जाएंगे तब आप निश्चय ही तनावमुक्त रहेेंगे।
मानसिक रूप् से स्वस्थ रहने के लिए अपनी दिनचर्या साइकिल (सरकेडियन ऋदम) के कामों में नियमितता जरूरी है। इसलिए व्यस्तता के बावजूद सोने-उठने के समय, ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर-पूरी दिनचर्या नियत समय पर करने की कोशिश करेंगे। साथ ही अपनी वर्क-रेगुलेरिटी को बनाए रखें। आज का काम कल पर न टालकर डेडलाइन पर काम पूरा करने की यथासंभव कोशिश करें ताकि मानसिक तनाव से बच सकें।
प्रकृति के सान्निध्य में जाएं-

जब भी मन अशांत हो, तो सबसे अच्छा तरीका है कि वाॅक के लिए निकल जाएं और प्रकृति के बीच कुछ समय बिताएं। पार्क में या घर के बगीचे में सुबह.शाम 10-15 मिनट सैर करें। प्रकृति का सान्निध्य आपके दिलों दिमाग पर जादू का असर छोड़ता है। आप तनावमुक्त और रिलेक्स महसूस करेंगी। किसी कारणवश अगर आप बाहर न जा पाएं, तो इंटरनेट सर्फिंग कर प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। मनमोहक प्राकृतिक दृश्य आपके तनाव को कम करने में मदद जरूर करेंगे।
मनपसंद म्यूजिक सुनें और डांस करें-

इसमें कोई शक नहीं कि मनपसंद संगीत सुनना आपको तनाव की स्थिति से उबरने का महत्वपूर्ण जरिया है। ये एक्टिविटीज दिमाग पर तुरंत असर करती हैं। दिमाग से स्ट्रेस को बाहर निकालती हैं और डोपामाइन जैसे-फील-गुड हैपी हार्मोन्स के स्राव में मदद करती हैं।
लिखने की आदत डालें-

दिलों दिमाग में पहले ही न जाने कितनी बातें, नकारात्मक विचार घूमते रहते हैं जिन्हें बाहर निकालने की जरूरत है। इसके लिए क्रिएटिव राइटिंग की हैबिट बढाएं क्योंकि इनसे आप कुछ नया सोचेंगे और पुराने नकारात्मक विचारों को तरजीह नहीं देंगे।
स्लीप डायरी मेंटेन करें जिसमें आपके दिमाग में जो भी विचार बार-बार आ रहे हैं, उन्हें रात को सोते समय लिखना शुरू करें। एक क्रम में लिखें, आप क्या सोच रहे हैं, इस सोच का क्या तर्क है और इसका समाधान क्या है। अपनी बातों पर पुनर्विचार करने, आत्मनिरीक्षण करने और तनावपूर्ण स्थिति से बचने का मौका मिलेगा। इससे आपको तनावपूर्ण स्थिति का समाधान भी मिल सकता है।
करें कुछ मन की-

कुछ समय अपने पसंदीदा काम करने या शौक को अंजाम देने से आप रिलेक्स हो सकते हैं। वह काम कुछ भी हो सकता है जैसे-म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना, क्रिएटिव राइटिंग, पढ़ना, पेंटिंग करना, बागवानी करना, पाॅट पेंटिंग करना, फैशन डिजाइनिंग, कुकिंग आदि। अपने मनपसंद काम करने से निश्चय ही अपनी परेशानियों को कुछ देर भुला पाएंगे और आपको सुकून मिलेगा।
करें ब्रीदिंग एक्सरसाइज-
शारीरिक-मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए रोजाना 10-15 मिनट ब्रीदिंग एक्सरसाइज यानी सांस लेने की प्रक्रिया करें। पूरी तल्लीनता से किए जाने वाले प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसे योगासन प्रभावी हैं। इनमें गहरी सांस लेते हुए अपनी सांसों की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जिससे आप अपने तनाव भूल कर रिलेक्स हो सकते हैं।
फिजिकल एक्सरसाइज करें रोजाना-
नियमित रूप से एक्सरसाइज न केवल आपको शारीरिक तौर पर फिट रखेंगी, बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखेंगी। एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडोर्फिन कैमिकल रिलीज होता है जो तनाव कम कर शरीर को रिलेक्स करने में मदद करता है। फिर देर किस बात की, तनावमुक्त रहने के लिए 20-30 मिनट पार्क में वाॅक, जाॅगिग या पसंदीदा एक्टिविटीज को अपनी दिनचर्या में शुमार कर लें।

खुल कर हंसे –
हंसना कई समस्याओं का समाधान है इसीलिए आजकल पार्कों में जोर-जोर से हंसने की एक्सरसाइज कराने का चलन बढ़ गया है। हंसने से आपके दिल, फेफड़ों और मांसपेशियों में ऑक्सीजन का संचार ज्यादा होता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इससे ब्रेन एंडोर्फिन हार्मोंन ज्यादा मात्रा में रिलीज करता है और आपको तनावमुक्त रखने में सहायक है। जब भी आप तनाव महसूस करें तब कोई काॅमेडी मूवी, सीरियल, किताब पढ़ें। कुछ देर में आप जरूर रिलेक्स महसूस करेंगे।
मीठा खाना भी है सेहतमंद-
तनावपूर्ण स्थिति में हल्के-फुल्के मीठे स्नैक खाना फायदेमंद है खासकर चाॅकलेट। चाॅकलेट तो वैसे भी खुशी का अहसास कराती है। ये स्नैक मनोभावों को शांत करते हैं और ग्लुकोकोर्टिकॉयड नामक तनाव हार्मोन को रिलीज होने से रोकते हैं। लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना बेहतर है। वरना आप मोटापा, कोलेस्ट्राॅल, डायबिटीज जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
पिएं रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स-

दिन में कम-से-कम एक बार एक कप ग्रीन हर्बल चाय, एक गिलास लेमनाॅयड या संतरे का जूस पीना खुश रहने में मददगार है। ऐसे ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट और एनर्जी तो प्रदान करते ही हैं, स्ट्रेस लेवल को कम करने में भी मदद करते हैं। इनके अलावा पानी ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए ताकि आपकी बाॅडी में डिटॉक्सीफिकेशन होता रहे और नेगेटिविटी बाॅडी से बाहर निकलें।
स्पर्श का जादू-

मनोवैज्ञानिको ने साबित किया है कि तनाव कम करने में करीबी व्यक्ति का साथ, स्पर्श और आलिंगन जादू का सा काम करता है। स्पर्श से हैपी हार्मोन का स्राव होता है जो तनाव को दूर करने में मदद करता है। जब भी आप परेशान हों, तो अपने करीबी के साथ कुछ पल बिताएं, उसके स्पर्श से आप जरूर अच्छा महसूस करेंगे।
थोड़ा सोशल हो जाएं-

परेशानियां शेयर करने से कम होती हैं। इसके लिए पाॅजिटिव विचारों वाले परिवार के सदस्य या हमराज दोस्त होना जरूरी है। उनके सपोर्ट, धैर्य और मदद से आप मन की बात शेयर कर तनावमुक्त हो सकते हैं। इसलिए अपने रिश्तेदारों, दोस्तों से मेलजोल बढ़ाएं और यथासंभव उनके साथ समय बिताएं या फिर फोन, इंटरनेट के जरिये सोशल-कनेक्टिविटी बनाए रखें।
मौका पाकर लें झपकी-

रिसर्च से साबित हुआ है कि आप जितने भी बिजी हों, दिन में 10-15 मिनट के लिए अगर सो जाते हैं या झपकी ले लेते हैं, तो काफी फ्रेश महसूस करते हैं। छोटी मगर गहरी नींद वाली झपकी आपको एंग्जाइटी और तनाव से होने वाली परेशानियों को दूर करने में भी मदद करेगी। इसलिए आपको जब भी मौका मिले, छोटी-सी झपकी लेने से न हिचकें।
(डाॅ मंजू मेहता, क्लीनिकल साइकोलाॅजिस्ट, होली फैमिली अस्पताल, दिल्ली)
