Menopause and Lifestyle
Menopause and Lifestyle

Menopause and Lifestyle: मेनोपॉज के समय हड्डियां कमजोर होने लगती है, इसलिए मेनोपॉज से पहले, दौरान और बाद में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।

मेनोपॉज का अर्थ है मासिक धर्म यानी पीरियड्स का स्थायी रूप से बंद हो जाना। यह एक ग्रीक शब्द
से बना हैं जिसमें ‘मोनो’ का अर्थ हैमहीना और ‘पॉज’ का अर्थ है- रुकना। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो उम्र बढ़ने के साथ होती है। मेनोपॉज आमतौर पर 45-55 वर्ष की उम्र में होता है। हालांकि कई महिलाओं में मेनोपॉज जल्दी भी हो सकता है।

मेनोपॉज को तीन चरणों में बांटा गया है

1.प्रीमेनोपॉज

2.मेनोपॉज

3.पोस्टमेनोपॉज

पुबर्टी के बाद से महिलाओं में मासिक चक्र लगातार काम करता है लेकिन उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में प्रजनन चक्र धीरे-धीरे कम होने लगता है और रुकने लगता है। जैसे-जैसे मेनोपॉज निकट आता है एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। जब हार्मोन का स्तर बहुत कम हो जाता है, तो मासिक
धर्म अनियमित होते-होते रुक जाता है।

यह वह समय होता है जब महिलाओं के मासिक चक्र में बदलाव आने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है जिससे मासिक धर्म रुक-रुक कर या अनियमित होने लगते है, जिससे महिलाओं में प्रजनन क्षमता समाप्त हो जाती है। प्रीमेनोपॉज हर महिला का भिन्नभिन्न हो सकता है। प्रीमेनोपॉज की समस्याएं मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर देती है। प्रीमेनोपॉज की अवधि लगभग 5-10 वर्षों तक होती है। ये हर महिला में अलग-अलग उम्र में हो सकता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव शुरू होते हैं।

  1. अनियमित पीरियड्स
  2. गर्मी लगना
  3. योनि में सूखापन
  4. नींद न आना
  5. पेट फूलना
  6. चक्कर आना
  7. शरीर के अंगों में झनझनाहट होना
  8. कब्ज
  9. चिड़चिड़ापन
  10. आंखों से जुड़ी समस्याएं

हां, अगर परिवार में समय से पहले मेनोपॉज का इतिहास हो तो या कोई संक्रमण संबंधी कारण से भी हो सकता है। कभी किसी सर्जरी या कीमोथेरेपी का परिणाम भी हो सकता है। जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं ज्यादातर उनमें मेनोपॉज समय से पहले हो सकता है।

अधिकतर देखा गया है कि पोस्टमेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ने लगता है। हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं का मेटाबोलिज्म धीमा होने लगता है। साथ ही महिलाएं सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी गतिहीन जीवनशैली जीने लगती हैं जिससे वजन बढ़ता है। ऐसे में हर रोज व्यायाम करने की आदत बनाएं जिससे अच्छी नींद मिले और वजन भी ना बढ़े।

मेनोपॉज के समय हड्डियां कमजोर होने लगती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिये कैल्शियम, विटामिन-डी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें।

jeevan shailee badalkar dekhiye menopause ho jayega aasan
Menopause and Bone Connection

1.जब हॉट फ्लैशेस हों, तो ठंडा पानी पिएं। अपने कमरे का तापमान प्रतिकूल बनाये रखें।

2.योनि की शुष्कता को कम करने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

3.कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ अपने आहार में जरूर लें।

4.बेहतर नींद के लिये एक्सरसाइज करें।

5.धूम्रपान और शराब से दूर रहें।

6.मूत्राशय रिसाव को रोकने के लिए कीगल एक्सरसाइज करें।

7.ज्यादातर ऑयली, स्पाइसी, रिफाइंड खाना ना खाएं।