Male Menopause Treatment: मेनोपॉज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसका सामना बढ़ती उम्र के साथ हर महिला को करना पड़ता है। लेकिन क्या मेनोपॉज पुरुषों को भी होता है? जी हां, पुरुषों में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों को संदर्भित करने के लिए मेनोपॉज शब्द का उपयोग किया जाता है। ये परिवर्तन उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों को महसूस होते हैं। 50 साल की उम्र के बाद लगभग 30 प्रतिशत पुरुष ही इससे प्रभावित होते हैं, जो अधिक उम्र तक चल सकता है। मेनोपॉज का सामना हर पुरुष नहीं करता। इसके लक्षण भी महिलाओं से अलग हो सकते हैं। आखिर मेल मेनोपॉज क्या है और इस स्थिति को कैसे मैनेज किया जा सकता है, चलिए जानते हैं इसके बारे में।
Also read: ये 5 असामान्य ट्रिगर प्वॉइंट जो पुरुषों को दे सकते हैं सेक्सुअल प्लेजर: Male Sexual Pleasure
क्या है मेल मेनोपॉज

मेल मेनोपॉज वास्तव में है क्या, इस विषय के बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। मेनोपॉज के दौरान पुरुष कुछ विशेष लक्षणों का अनुभव करते होंगे क्योंकि अधिक उम्र के पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक मेल हार्मोन का उत्पादन कम होने लगता है। इस विशेष स्थिति को मेल मेनोपॉज या एंड्रोपॉज के रूप में जाना जाता है। पुरुषों में ये बदलाव 45 से 50 वर्ष की आयु में हो सकते हैं लेकिन कुछ पुरुषों को 70 वर्ष की आयु में भी इसका अनुभव हो सकता है। मेल मेनोपॉज फीमेल मेनोपॉज से कई मायनों में भिन्न होते हैं। सभी पुरुष इसका अनुभव नहीं करते और इसमें रिप्रोडक्टिव ऑर्गेन पूरी तरह से बंद नहीं होता। हार्मोन चेंजेज के कारण यौन जटिलताएं आ सकती हैं।
मेल मेनोपॉज के लक्षण
– मेल मेनोपॉज के दौरान पुरुषों का हाइपोगोनैडिज्म नामक हार्मोन कम बनता है जो कामेच्छा को प्रभावित कर सकता है।
– पुरुष को कमजोर मांसपेशियां और ताकत में कमी महसूस हो सकती है।
– इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है।
– पुरुषों का अचानक वजन बढ़ सकता है।
– हड्डियां कमजोर होना या ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है।
– इस स्थिति में पुरुष डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं।
Also Read: शादीशुदा जिंदगी को बर्बाद कर सकती हैं ये चीजें, तुरंत हो जाएं सावधान: Marriage Life Tips
कैसे करें मेल मेनोपॉज को मैनेज

स्ट्रेस को करें कम: मेनोपॉज के दौरान पुरुषों को स्ट्रेस और एंग्जाइटी फील हो सकती है। स्ट्रेस आपके शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। स्ट्रेस को कम करने के लिए पेपरमिंट टी, कैमोमाइल टी और अन्य हर्बल टी का नियमित सेवन करें।
हेल्दी डाइट: किसी भी शारीरिक समस्या से निपटने में हमारी डाइट अहम रोल निभाती है। मेनोपॉज की स्थिति में शरीर काफी कमजोर और शिथिल महसूस होता है। इस स्थिति से लड़ने के लिए आप अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। जंक फूड का सेवन कम करें।
पर्याप्त नींद: रिप्रोडक्टिव हेल्थ इश्यू से लड़ने के लिए आपका पर्याप्त नींद लेना बेहद आवश्यक है। हालांकि मेनोपॉज के दौरान नींद कम हो जाती है लेकिन 8 घंटे की नींद आपको हेल्दी रखने में मदद कर सकती है। नींद के लिए आप मेडिटेशन और योगा का सहारा ले सकते हैं।
नियमित एक्सरसाइज: मेल मेनोपॉज का सामना हर पुरुष नहीं करता इसलिए इसके लक्षणों को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है। कई बार लापरवाही की वजह से क्रोनिक हेल्थ कंडीशन का सामना करना पड़ सकता है। शरीर को फिट और एनर्जेटिक रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज करें। आप चाहें तो जिम भी ज्वॉइन कर सकते हैं।
