a beautiful garden with plants and flowers showing minimalist Gardening Ideas

Summary: कम खर्च में खुशहाल गार्डनिंग

गार्डनिंग से घर सुंदर होने के साथ मन को शांति और सुकून मिलता है। थोड़ी समझदारी और नियमित देखभाल से कम संसाधनों में भी शानदार बागवानी संभव है।

Low Cost Home Gardening: गार्डनिंग यानी कि बागवानी एक ऐसा शौक है जो न केवल आपके घर को हरा-भरा और सुंदर बनाता है बल्कि मानसिक शांति और सुकून भी देता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि अच्छे गार्डन के लिए बड़ी ज़मीन, महंगे औजार या बहुत सारी सामग्री चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि थोड़ी समझदारी और नियमित देखभाल से बिना ज्यादा खर्च और संसाधनों के भी बेहतरीन गार्डनिंग की जा सकती है। 

अगर आपके पास ज़्यादा जगह नहीं है तो कोई बात नहीं। गमलों, बाल्टी, प्लास्टिक की पुरानी बोतलों या टूटे-फूटे बर्तनों में भी पौधे उगाए जा सकते हैं। इसे कंटेनर गार्डनिंग कहा जाता है। छत, बालकनी, खिड़की की चौखट या दीवार के कोने – हर जगह इसका उपयोग किया जा सकता है। पुरानी टिन के डिब्बे, प्लास्टिक डिब्बे, टायर्स, यहां तक कि टूटे हुए मटके भी गमले की तरह इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

different pots of plants with varieties
different pots of plants with varieties

गार्डन के लिए सबसे जरूरी चीज़ होती है मिट्टी की गुणवत्ता। आप बाजार से महंगी खाद खरीदने की जगह अपने ही किचन वेस्ट से जैविक खाद तैयार कर सकते हैं। सब्ज़ियों के छिलके, चायपत्ती, अंडे के छिलके, फल के छिलके आदि को एक प्लास्टिक बाल्टी में जमा करके उसमें सूखी पत्तियाँ, मिट्टी और थोड़ा सा पानी डालकर ढक दें। कुछ ही हफ्तों में यह बेहतरीन खाद में बदल जाएगी।

शुरुआती गार्डनर्स के लिए ऐसे पौधे चुनना बेहतर होता है जो कम देखभाल में भी अच्छे से बढ़ते हैं। तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा, पोदीना, धनिया, पालक, मिर्च, टमाटर आदि को उगाना आसान होता है और ये रोजमर्रा की ज़िंदगी में भी काम आते हैं। इनमें ज़्यादा खाद, दवाइयों या रोज़ाना पानी देने की जरूरत नहीं होती है। बस थोड़ी सी धूप और नियमित पानी देना ही काफी है।

green cartoon style pots growing plants inside
Irrigation with water savings

पौधों को ज़रूरत से ज़्यादा पानी देना उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। बेहतर होगा कि आप रोज़ सुबह या शाम को कम मात्रा में पानी दें। पुराने बोतलों या ड्रॉपर से धीरे-धीरे पानी देने की तकनीक अपनाकर आप न सिर्फ पानी बचा सकते हैं बल्कि पौधों की जड़ों तक नमी बनाए रख सकते हैं। यह बहुत ही सुंदर और असरदार तरीक़ा माना जाता है जिसे आप बहुत ही आसंय से आज़मा सकते हैं। 

बाजार से महंगे और रासायनिक कीटनाशक खरीदने की जगह घरेलू उपाय अपनाएं। नीम का तेल, साबुन पानी, लहसुन और मिर्च का घोल जैसे प्राकृतिक उपाय कीटों से पौधों की रक्षा करते हैं और मिट्टी को भी नुकसान नहीं पहुंचाते। साथ ही साथ यह बहुत ही ज़्यादा असरदार भी होते हैं। 

गार्डनिंग कोई महंगा या संसाधन-निर्भर शौक नहीं है। थोड़ी सी जगह, पुराने बर्तन, किचन वेस्ट और कुछ प्रेम से आप एक सुंदर और उत्पादक बगीचा तैयार कर सकते हैं। यह न केवल आपके घर को हरा-भरा बनाता है,॰ बल्कि आपके जीवन में ताजगी, ऊर्जा और सकारात्मकता भी लाता है। याद रखिए, प्रकृति से जुड़ने के लिए आपको बड़ी ज़मीन नहीं बस एक हरियाली से भरा दिल चाहिए।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...