Overview: इंटरमिटेंट फास्टिंग और संतुलित नाश्ते से कॉमेडी क्वीन का नया फिटनेस अवतार
भारती सिंह की कहानी हमें यह सिखाती है कि सही प्लानिंग, समझदारी और पॉजिटिव एटिट्यूड के साथ वज़न घटाना न सिर्फ संभव है, बल्कि टिकाऊ भी है। फुल प्लेट ब्रेकफास्ट और इंटरमिटेंट फास्टिंग का संतुलन आपको भी स्वस्थ और एनर्जेटिक बना सकता है।
Bharti Singh Weight Loss: भारती सिंह सिर्फ कॉमेडी की दुनिया में ही नहीं, अब फिटनेस की राह पर भी लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने अपने फैंस के साथ शेयर किया कि कैसे उन्होंने बिना डाइटिंग के, सुबह “फुल प्लेट” खाना खाकर और इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाकर वजन कम किया। उनकी ये आदतें दिखाती हैं कि जब आप सही समय पर, संतुलित खाना खाते हैं, तो फिट रहना मुश्किल नहीं होता।
इंटरमिटेंट फास्टिंग: खाने का सही समय तय करना

भारती ने इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया है, जिसमें वे दिन के कुछ घंटों में ही खाना खाती हैं और बाकी समय उपवास करती हैं। इस फास्टिंग के दौरान सुबह का पहला भोजन बेहद अहम होता है, जिसे वे कभी स्किप नहीं करतीं। डाइटीशियन के मुताबिक, जब आप लंबे उपवास के बाद सही पोषण से भरपूर खाना खाते हैं, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से प्रोसेस करता है।
‘फुल प्लेट’ का मतलब—सिर्फ मात्रा नहीं, गुणवत्ता भी
भारती का “फुल प्लेट” सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स और कार्बोहाइड्रेट का संतुलन होता है। उनके ब्रेकफास्ट में अंकुरित अनाज, उबले अंडे, कुछ मेवे और फलों का कॉम्बिनेशन हो सकता है।
सुबह का खाना क्यों होता है सबसे अहम
सुबह का समय मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करने का सबसे बेहतरीन मौका होता है।भारती इसे मिस नहीं करतीं। हेल्दी ब्रेकफास्ट न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि दिनभर की क्रेविंग्स भी कम करता है।नाश्ता न करने से शरीर ‘स्टार्व मोड’ में चला जाता है और वज़न घटाने में मुश्किल होती है।
डाइट का मतलब भूख नहीं
भारती का कहना है कि उन्होंने कभी खुद को भूखा नहीं रखा। वे कहती हैं, “मैंने खाना बंद नहीं किया, बस खाना समझदारी से शुरू किया।” यह बदलाव उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित हुआ।“डाइट का मतलब खाने की मात्रा कम करना नहीं, बल्कि सही चयन और समय पर खाना होता है।”
मानसिकता में बदलाव: वजन घटाने की असली चाबी
भारती मानती हैं कि वजन घटाना सिर्फ शरीर से नहीं, सोच से शुरू होता है। उन्होंने अपने ऊपर दवाब नहीं डाला, बल्कि खाने को लेकर गिल्ट छोड़ दी और पॉजिटिव माइंडसेट अपनाया।“जब मैंने खुद को स्वीकार करना शुरू किया, तब बदलाव खुद ही होने लगे,” भारती ने कहा।
कोई क्रैश डाइट नहीं, बस हेल्दी रूटीन
भारती ने कोई एक्स्ट्रीम डाइट या जिम प्लान नहीं अपनाया। उन्होंने सिर्फ खाने की टाइमिंग, मात्रा और क्वालिटी पर फोकस किया। यही वजह है कि उनका वजन स्थायी रूप से घटा और शरीर को कोई नुकसान नहीं हुआ।विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी वजन कम करने के लिए जीवनशैली में छोटे लेकिन स्मार्ट बदलाव ही सबसे असरदार होते हैं।
भारती की जर्नी से प्रेरणा
सोशल मीडिया पर भारती की फिटनेस जर्नी को लोगों ने खूब सराहा। उन्होंने बिना ग्लैमर और दिखावे के, रियल लाइफ चेंज शेयर किए। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है—वो जैसी हैं, वैसी ही सबके सामने आती हैं। यह दिखाता है कि आम इंसान भी, थोड़ा अनुशासन और जागरूकता लाकर, वजन घटाने की जंग जीत सकता है।
