मेनोपॉज के बाद क्या ब्लीडिंग आना है सामान्य?: Menopause Problems
Menopause Problems and Reasons

मेनोपॉज से जुड़ी ज़रूरी बातें

मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क की जरूरत होती है। आइए जानते हैं मेनोपॉज के बाद किन कारणों से हो सकती है ब्लीडिंग?

Menopause Problems: 40 से 45 की उम्र के बाद महिलाओं को मेनोपॉज की परेशानी होना सामान्य है। जब महिलाओं की प्रजनन क्षमता खत्म हो जाती है, तो इस स्थिति को मेनोपॉज कहा जाता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को ब्लीडिंग नहीं होनी चाहिए। साधारण शब्दों में समझें, तो जब महिलाओं का पीरियडस साइकल खत्म हो जाता है, तो उस स्थिति को मेनोपॉज कहा जाता है। अधिकतर 45 वर्ष के बाद महिलाओं को मेनोपॉज होता है।

अगर आपको लगातार 12 महिनों तक पीरियड्स नहीं हो रहा है तो आप समझ जाएं कि आपको मेनोपॉज हो चुका है। लेकिन कुछ स्थितियों में मेनोपॉज के बाद महिलाओं को ब्लीडिंग होती है। अगर आपको भी इस तरह की परेशानी हो रही है तो यह एक सामान्य स्थिति नहीं है। मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग या फिर स्पॉटिंग किसी परेशानी की ओर इशारा कर सकता है। आइए जानते हैं मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग की परेशानी का क्या हो सकता है कारण?

Menopause Problems: यूट्रीन पॉलिप्स

Menopause Problems
Menopause Problems in Utrines

यूट्रीन पॉलिप्स की परेशानी से ग्रसित महिलाओं को मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में महिलाओं के यूट्रस की यूट्रीन वॉल में अस्वाभाविक रूप से कोशिकाओं की ग्रोथ होने लगती है, जिसे यूट्रीन पॉलिप्स कहा जाता है। यह परेशानी यूट्रस के अंदरूनी हिस्से में होती है, जो धीरे-धीरे फैलकर गर्भाश्य छिद्र (यूट्रीन कैवेटी) तक फैल सकती है। अगर पॉलिप्स का समय पर इलाज नहीं कराया जाए, तो यह गंभीर रूप धारण कर सकती है। हालांकि, ध्यान रखें कि पॉलिप्स कैंसर के रूप नहीं बदलती हैं, लेकिन समय पर इसका इलाज जरूर होता है।

एंडोमेट्रियम का पतला या मोटा होना

Endometrial
Endometrial

मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से यूट्रीन कैवेटी में मौजूद एंडोमेट्रियम की परत मोटी या फिर पलती हो सकती है। इस स्थिति में भी मेनोपॉज के बाद महिलाओं को ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। ऐसे में अगर आपको ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से चांज कराएं। अगर इसका समय पर इलाज न कराया जाए, तो गंभीर रूप धारण कर सकती है।

वेजाइना की लेयर का पतला होना

Vaginal Layer
Thin Layer of Vaginal

मेनोपॉज की अवस्था में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसकी वजह से कई बार मेनोपॉज के बाद महिलाओं के वेजाइना की दीवार पतली हो जाती है। ऐसे में महिलाओं को मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग हो सकती है। इस स्थिति से बचाव के लिए आपको हार्मोनल थेरेपी की जरूरत होती है, जो आपके शरीर में हार्मोन लेवल वैलेंस में ला सकती है। इससे वेजाइनल हेल्थ को बेहतर किया जा सकता है।

कैंसर होने का जोखिम

Cancer
Cancer Problem

कई बार प्रजनन अंगों में होने वाले कैंसर की वजह से भी महिलाओं को मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग हो सकती है। इसलिए अगर आपको मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग की परेशानी हो रही है तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग या फिर स्पॉटिंग की परेशानी सामान्य नहीं होती है। यह किसी न किसी परेशानी की ओर इशारा कर सकती है। ऐसे में अगर आपको ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि गंभीर से गंभीर स्थिति से बचाव किया जा सके।