क्यों जरूरी हैं तुलसीपूजा हर घर में

तुलसी मात्र एक पोधा ही नहीं हैं,बल्कि तुलसी को भारत मैं माता की जगह प्राप्त हैं,प्राचीन समय से हर घर में ही तुलसी की पूजा करी जाती रही हैं ,रामायण काल हो या महाभारत काल या सिन्धु घाटी की सभ्यता सब में ही तुलसी पूजा और तुलसी चोरा की उल्लेख मिलती हैं,ये एक पवित्र पोधा हैं इसकी एक नहीं बहोत सारी लाभ हैं,वेद,पुराण,चरक सहिता सब तुलसी की बखानो से भरी हैं.           

क्या आप को पता हैं की  —

—-तुलसी की बिना विष्णु और कृशन पूजा अधूरी हैं

—-हनुमानजी को बहुत पसंद है तुलसी दल.

—-भगवान शिव और भगवान गणपति को तुलसी चराना महा पाप माना जाता हैं.

तुलसी पर जल  चरानी और एक पत्ता खानी सी सारी पाप धुल जाती हैं.

—-तुलसी का पत्ता कभी भी बासी नहीं माना जाता हैं.

—-तुलसी की सेवन से  शरीर ऊर्जावान होता हैं.बल मिलता हैं उम्र बढती हैं इसकी रोज सेवन सी रोग प्रतिरोधक ताकत बढती हैं.जो रोगों सी लड़नी में मदद भी करती हैं.कील,मुहासी,दाग दूर हो जाती हैं.

—–वास्तु की अनुसार तुलसी घर की सारी वास्तु दोष दूर कर देती हैं.घर की उत्तर में तुलसी लगानी सी सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं. परन्तु घर की दक्षिण मे तुलसी भूल कर भी न लगाये नहीं तो घर में वास्तु दोष बढ़ जाती हैं.

तुलसी की पत्र को चबाना नहीं चाहिए .बल्कि निगलना चाहिये.कयुकि तुलसी मैं पारा होता हैं जो दातों को ख़राब कर देता हैं.इतनी अधिक शुभता देने वाली तुलसी माता नाराज भी हो जाती है अगर उनकी पूजा और रख रखाव सही से  न करा जाये तब माता तुलसी की कृपा तो मिलना दूर पाप मिलता हैं जो जीवन को दुखों सी भर देता है.

वेद पुराण कहती हैं की हर घर में तुलसी की पूजा सुबह और शाम होनी    चाहिए.सुबह जल और शाम को घी का दीपक जलाये.शाम और रविवार को न तुलसी जी पर जल चराए और न ही तुलसी पत्र तोड़ कर खाए. तुलसी पोधा शोपीस मात्र घर में न रखीं उनकी पूजा अर्चना करनी का मन हो तब ही घर में लाये वर्ना नहीं.नहीं तो ये तुलसी माता का अपमान होगा.जिसका दंड भगवान विष्णु आपको देगे .तुलसी का पोधा कभी भी जमीन में न लगाये.इसको गमले या तुलसी चोरा में लगाये और ऊचाई पर रख कर पूजा करी.तुलसी पोधा सूखी ना इस बात  का ख़याल रखी हमेशा क्युकी तुलसी का पोधा घर में सूखना सही नहीं माना जाता ये घर में अशुभता लाता हैं.तुलसी का पोधा सूखती ही दोबारा नया पोधा लगा ले और पुराना पोधा अशुद्ध जगह में ना डाली बल्कि साफ़ जल में प्रवाहित कर दी.जब भी घर से बाहर जाये तुलसी माता को जल की पर्याप्त मात्रा देकर जाये ताकि तुलसी माता हरी भरी रही.जितनी माता हरी होगी उतना ही आपका जीवन हरा भरा रहिगा.तुलसी माता के लिये ये भी कहा जाता है की तुलसी का पोधा तो किसी को दे और ले सकते है पर तुलसी की बीज किसी को न दी यदि बीज किसी को दे देते है तो फिर उस घर सी तुलसी माता सदा की लिये विदा हो जाती हैं वहा कभी नहीं रहती.तो ये याद रखी कभी भी बीज न दी.साथ ही अशुद्ध अवस्था में तुलसी पत्र ना तोड़ी साथ ही एकादशी,रविवार,चन्द्र ग्रहण,सूर्य ग्रहण और सूतक काल में तुलसी जी को ना छुए ये महापाप माना जाता हैं भूल कर भी ऐसा न करे और ना किसी को ये करनी दे अगर कोई तोड़ी तो उसको भी माना करी .तुलसी को देवी का दर्जा दिया हैं खुद भगवान विष्णु ने.माता तुलसी का नाम विस्नुप्रिया भी हैं .माता तुलसी की पूजा से बुध ग्रह की दोष भी दूर हो जाता हैं तो फिर देर ना करे तुलसी माता की पूजा करे और जीवन मैं हर सुख पाये

 

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