Hindi Funny Story: जब कभी बहुत संघर्ष के बाद कोई चीज मिलती है तो उसका मोल अनमोल होता है। ऐसा ही कुछ था जो मेरे छोटे चचेरे भाई चेतन के साथ हुआ। जब उसका सी.ए.का रिजल्ट आया तो घर में किसी की भी खुशी का पारावार ना रहा, क्योंकि चेतन था ही इतना मेहनती और लग्नशील ,उसने पहले ही प्रयास में सी. ए. के सारे एग्जाम क्लियर कर लिये थे।
हमारे अपने घर में पहला बच्चा था चेतन, जो सी. ए. बना था। चेतन शुरू से ही घर में अपने ताऊजी यानि मेरे पापाजी जी का बहुत लाड़ला रहा । वो बचपन में सुबह उठते ही अपनी तोतली आवाज में बोलता टाऊजी टाऊजी मुझे गोडी में ले लो, और सुबह सवेरे अखबार आने पर भाग कर दौड़ कर अखवार लाता और अपने ताऊजी की गोदी में बैठ जाता।
उसके ताऊजी भी उसे गोदी में लेकर बहुत ही इत्मीनान से अखबार पढ़ते और चाय पीते । चेतन को बचपन से ही मीठा बहुत पसंद था, उसमें भी आटे के लड्डू तो उसे बहुत ही पसंद थे ,पर बचपन में उसे थोड़ी सी जिगर की (पेट की) कुछ समस्या थी जिसकी वजह से डॉक्टर ने उसे ज्यादा मीठा खाने को मना किया था।
इसलिए घर में जब भी आटे के लड्डू बनते तो उन्हें उससे थोड़ा छुपा कर रखा जाता था। एक बार जब मां ने ढेर सारे आटे के लड्डू बनाए और बड़ी सी परात में एक सूती कपड़ा ढककर भंडार घर में रखकर उसकी हल्की सी संकल लगा दी।
शाम को जब मां ने लड्डूओं को डिब्बे में रखने के लिए कपड़ा हटाया तो देखा हर एक लड्डू थोड़ा-थोड़ा चखा गया था। हर एक लड्डू में छोटी छोटी उंगलियों के जैसे किसी चूहे ने थोड़ा सा कुतर दिया हो ऐसे निशान बने हुए थे।
मां ने जब भंडार घर में पीछे की तरफ नजर दौड़ाई तो देखा छोटा सा सांवला कन्हैया लड्डू चोर चेतन लड्डू से सनी अपनी उंगलियां जल्दी-जल्दी चाट रहा था। मां ने जैसे ही उसे कुछ कहना चाहा तो मां को देखकर तोतली आवाज में कहने लगा टाईजी टाईजी मैंने तो बस थोड़ा सा चखा है। मां तो हंसते-हंसते लोटपोट हो गईं और उसे गोदी में लेकर बाहर आई और उसका कारनामा जब सबको बताया तो सब हंसने लगे।
फिर उसके ताऊजी ने उससे पूछा क्यों भाई लड्डू चोर एक बात बता तेरा एक लड्डू से मन नहीं भरा जो तूने सारे लड्डू में से चखा था, इस पर वो नन्हा सा चेतन बोला,वो टाऊजी में चखकर देख रहा था कि कौन सा लड्डू सबसे ज्यादा अच्छा है।अब तो सबका हंस हंस कर बुरा हाल था।
और आज जब चेतन के सी .ए.पास करने पर उसके ताऊजी ने लड्डू मंगाए तो चेतन ने थोड़ा सा चखकर रख दिया। इस पर उसके ताऊजी ने कहा बेटा लड्डू चोर जी आज तो तुम जी भर के लड्डू खा सकते हो कोई तुझे नहीं डांटेगा।
बस फिर क्या था सांवला सलौना सा हमारे घर का कन्हैया चेतन शर्म से लाल हो गया।
Also read: मलाई वाला दही-हाय मैं शर्म से लाल हुई
