‘जब हमारे इलाके में हेल्थ कैंप लगा था तब।’

‘आपको याद है तब कितना रक्तचाप था।’

‘पता नहीं, उस समय माताजी साथ गईं थी’ बाहर बैठी माताजी को बुलाया गया तो उन्हें कुछ याद नहीं था। डॉ. ने कहा ‘इनकी हालत गंभीर है, इन्हें तुरंत आई.सी.यू में ले जाइए।’ ‘हम विचार करते हैं डॉ. साहब।’

 ‘आप सब तो यहाँ ही हैं, फिर किससे पूछना है।’

बिना कोई जवाब दिये बेटे ने पिता को वहाँ से जबर्दस्ती उठाया और डॉ. के कैबिन से बाहर लाने से पहले उन्हें कह गया ‘अब इनकी तो उम्र हो गई है, ये सब तो चलता ही रहेगा।’

‘आप गलती कर रहे हैं’, डॉ. ने समझाने की कोशिश की पर नासमझ कभी समझते हैं क्या?

बाहर निकलते ही पिता जी लड़खड़ा कर गिर गए।

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