jeevan jeene ki kala ka rahasya
jeevan jeene ki kala ka rahasya

Hindi Motivational Story: एक राजा बात-बात में लोगों को फाँसी की सजा सुना देता था। प्रजा दुःखी रहने लगी। राजा की एक ख़ूबी यह भी थी कि वह मरने वाले की अंतिम इच्छा ज़रूर पूरी करता था। एक बार उसके मंत्री से कुछ गलती हो गई। राजा ने उसे भी फाँसी पर लटकाने का हुक्म दे दिया। फाँसी का दिन नज़दीक आ गया। फाँसी वाले दिन राजा ने मंत्री से उसकी अंतिम इच्छा पूछी। मंत्री ने कहा ‘एक वर्ष के लिए आप अपना घोड़ा मुझे दे दीजिए। मेरे पास एक ऐसी गुप्त कला है, जिसके सहारे में घोड़े को उड़ने की कला सिखा सकता हूँ। यदि मैं मर गया तो ये गुप्त कला भी मेरे साथ चली जाएगी। राजा ने सोचा एक साल की तो बात है। अगर मेरा घोड़ा सचमुच उड़ने लगा तो मुझे काफ़ी प्रसिद्धी मिलेगी। अगर घोड़ा नहीं उड़ा तो एक वर्ष बाद तुम्हारी यह सजा बरकरार रहेगी राजा बोला।

घर पर जब परिजनों ने पूछा कि एक वर्ष बाद क्या होगा? मंत्री बोला, ’एक वर्ष किसने देखा है। हो सकता है राजा युद्ध में लड़ते हुए मारा जाए। हो सकता है घोड़ा ही मर जाए। हो सकता है राजा ही अपना राज पाट किसी अन्य राजा से हार जाए। इसलिए जो आज है उसमें ही जियो। वर्तमान में जीना ही जीने की कला का सबसे बड़ा रहस्य है।’

ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंNaye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)