Hindi Story: रवि बड़ी ही बैचेनी से उस छोटे से रेलवे प्लेटफार्म पर टहल रहा था!!रात के 10 बज रहे थे!!चारों ओर एकदम सन्नाटा सा छाया हुआ था!!इक्का दुक्का मुसाफिर प्लेटफॉर्म पर बनी बेंच पर चादर ओढ़े सो रहे थे!!इस छोटे से गाँव के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का रात भर इंतज़ार करने को रवि विवश था!!
रवि एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर एक्जीक्यूटिव था!!वो अपने बेस्ट फ्रेंड और बचपन के साथी मोहित की शादी में शामिल होने उसके ख़ास आग्रह पर मोहित के गाँव आया हुआ था!!आते समय तो मोहित उसे लेने रेलवे स्टेशन पर आया था,पर अब नई—नई शादी के बाद होनेवाले संस्कारों की वजह से अभी उसे घर से बाहर नहीं आने दिया गया!!और मजे की बात तो ये,कि रवि को नई दुल्हन का चेहरा तक देखने को न मिला!!इस गाँव में घूँघट प्रथा का कुछ ज़्यादा ही चलन था!!और ऐसी मान्यता थी,कि एक सप्ताह तक नव दम्पति घर से बाहर नहीं निकल सकते,अन्यथा बुरी नजर लगने का भय रहता था!!और इसीलिए अब जाते समय रवि को अकेले ही गाँव से स्टेशन जाना पड़ रहा था !!
वैसे तो रवि ने टैक्सी बुलवाने की भी सोची,पर वो भी सम्भव न हो पाया क्योंकि
इस गांव तक पहुँचने वाला रास्ता भारी बारिश की वजह से पुल टूटने के कारण बन्द हो गया!!अब रवि के लिए शहर पहुँचने का एकमात्र जरिया थी सिर्फ ट्रेन!!
और इसी ट्रेन के इंतजार में वो इस बरसात की रात में प्लेटफॉर्म पर टहल रहा था!!जिसके आने में अब भी एक घण्टा बाक़ी था!!
तभी एनाउंसमेंट हुई….बारिश की वजह से ट्रेन तीन घण्टे देरी से आएगी!!
ओह्ह गॉड!!!रवि चिढ़ते हुए बड़बड़ाया…अब तीन घंटे तक इस छोटे से प्लेटफॉर्म पर वो कैसे रहेगा!!तेज बारिश हो रही थी!!पूरे प्लेटफॉर्म पर सिर्फ चार पीले बल्ब जल रहे थे…जो मध्दिम रोशनी फैला रहे थे!!वहाँ से आने जाने वाले मुसाफिरों की संख्या नगण्य रहती थी!!इसलिए सुविधाएं भी नगण्य ही थीं!!
रवि ने स्टेशन मास्टर के पास जा कर रिक्वेस्ट की…प्लीज़ सर!!मेरा नाम रवि है,और मैं पुणे जानेवाली एक्सप्रेस से जानेवाला हूँ!!पर अब वो तीन घँटे बाद आनेवाली है!!प्लीज़ तीन घण्टे रुकने का कुछ इंतजाम कर दीजिए मेरा!!आपकी मेहरबानी होगी!!”
स्टेशन मास्टर कुछ देर मौन सोचता रहा!!फिर बोला..ओके!!आप प्लेटफॉर्म के कॉर्नर पर बने वेटिंग रूम में ठहर सकते हैं!!पर हाँ!!वहां पँखे वगैरह नहीं है!!!वो क्या है न कि यहाँ कोई रुकता ही नहीं कभी!!तो जो फैन लगे भी थे वो कब से खराब हो गए हैं!!बस एक बल्ब लगा हुआ है!!
रवि खुशी से बोला…कोई बात नहीं सर!!मुझे तो बस किसी तरह तीन घँटे काटने है!!आप मुझे बस परमिशन दे दीजिए!!
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स्टेशन मास्टर ने टेबिल के ड्रावर से चाबी निकाली!!और रवि को देते हुए बोला…ये लीजिये!!आप को खुद ही लॉक खोलना पड़ेगा!!यहाँ तो बस दो कर्मचारी रहते हैं!!और वो भी आज बारिश की वजह से आ नहीं पाये!!
ओके!!नो प्रॉब्लम सर!!मैं मैनेज कर लूँगा…कहते हुए रवि चाबी लिए चल पड़ा वेटिंगरूम की ओर!!
रवि ने जैसे ही दरवाजा खोला…बड़ी ही तेज गंध महसूस हुई!!रवि समझ गया…कि महीनों से बन्द पड़े रूम में सीलन की महक भर गई है!!उसने खोज कर स्विच ऑन किया….रूम में हल्की पीली रोशनी फैल गयी!!!छोटे से रूम में दो कुर्सियां और कुछ टूटी हुई बेंचों के ढेर के सिवाय कुछ नहीं था!!
रवि ने फौरन अपने बैग से डियोड्रेंट की बोटल निकाली!!और रूम में स्प्रे किया!!ताकि सीलन की बदबू खत्म हो सके!!फिर एक चेयर पर बैठ कर दूसरे चेयर पर पैर लंबा कर वो रेस्ट करने लगा!!
मोबाईल का नेटवर्क तो यहाँ था ही नहीं!!उसने मोबाईल में प्री डाउनलोडेड म्यूजिक ऑन किया और आँखें मूंद कर सोने की कोशिश करने लगा!!
अचानक आहट सुनकर रवि ने अपनी आंखें खोली!!भला यहाँ कौन आया अब…सोचते हुए वो आगंतुक की ओर निहारने लगा!!
और जैसे ही उसने ठीक से उस आने वाले को देखा….तो बस देखता ही रह गया!!!!uff!!!रवि की आँखे मानो झपकना ही भूल गयीं!!!
वो आगंतुक एक युवती थी…जिसकी खूबसूरती इस मामूली पीले बल्ब की रोशनी में भी बिजली की तरह चमक रही थी!!उसका गोरा रंग लाल शिफॉन की साड़ी में उबाल मार रहा था!!उसके लंबे खुले बाल बारिश की वजह से चिपक रहे थे…जिन्हें वो झटक कर संवारने की कोशिश कर रही थी!!उसके लाल सुर्ख भरे भरे होंठ तो मानो बस गुलाब की पंखुड़ियां लग रहे थे!!!
रवि सुधबुध खो कर उसे निहारने में लगा था कि युवती अचानक उसे देखते हुए बोली…माफ कीजिये!!
पर क्या आप एक चेयर मुझे देंगे???
उसकी मीठी जलतरंग सी आवाज सुन रवि चौंक कर शर्मिंदा सा होता हुआ बोला…सॉरी!!मुझे ख्याल ही न रहा कि इस रूम में दो ही चेयर हैं!!और उसने एक चेयर युवती की ओर बढ़ा दी!!
युवती ने चेयर लेते हुए बड़ी अदा से …थैंक्यू!!कहा!!फिर बोली…वो बेंच बड़ी ही पुरानी और टूटी सी लग रही है!!इसलिए आपसे चेयर के लिए कहा!!
रवि ने भी स्माईल करते हुए कहा…वैसे आप जा कहाँ रही हैं??आपकी ट्रेन भी लेट हो गयी लगता है??क्या अकेली ही सफर कर रहीं हैं आप??
ओह माय गॉड!!इतने सवाल…वो युवती खिलखिला पड़ी!!फिर बोली…जी!!मेरी ट्रेन तीन घण्टे लेट चल रही है!!!और मैं पुणे जा रही हूँ!!मेरा घर है वहाँ!!
ओह्ह!!रवि खुश होता हुआ बोला…मुझे भी पुणे ही जाना है!!मतलब आप भी मेरी ही ट्रेन में जानेवाली हैं!
जी…यही समझ लीजिए…वो युवती हँसती हुई बोली!!वैसे सच कहूँ तो मुझे बड़ा डर लग रहा था इस वेटिंग रूम में आते हुए!!कि पता नहीं कौन व्यक्ति होगा!!आजकल जमाना बहुत ख़राब है!!अकेली युवती को तो कितनी ही बातें सोचनी पड़ती हैं!!!
ओह्ह…रवि बोला!!मीन्स आप अकेली ही सफर कर रहीं हैं!!
जी…युवती ने तुरंत कहा!!वैसे तो आप भी अकेले ही सफर कर रहे हैं!!!
रवि हँस पड़ा!!सच में सोचा नहीं था कि इस सूनसान छोटे से रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में आप जैसी खूबसूरत साथी मिल जाएगी!!
वो युवती कुछ बोलने ही वाली थी कि अचानक ही तेज बिजली सी चमकी!!बादलों की गड़गड़ाहट से डर कर वो लपक कर रवि के पास आ गयी!!
वेटिंग रूम में जल रहा इकलौता बल्ब फ़्यूज़ हो गया!!ओह्ह…युवती चिल्लाई!!ये लाइट क्यों चली गयी??
रवि बोला…डरिये मत!!बल्ब फ़्यूज़ हो गया है!!मैं टॉर्च ऑन कर देता हूँ!!!और वो बैग से टॉर्च निकालने लगा!!
बैग उठाने के चक्कर में रवि का हाथ अंधेरे में युवती के हाथ से टकरा गया!!
युवती घबरा कर चिल्लाने को हुई…..पर रवि ने हल्के से उसका हाथ दबा कर सांत्वना दी!!
तभी बाहर दरवाजे पर टॉर्च की रौशनी चमकी!!!
रवि ने हड़बड़ाते हुए दरवाजे पर देखा तो स्टेशन मास्टर टॉर्च लिए खड़ा था!!रवि को देखते ही बोला…मुझे लगा ही कि यहाँ का बल्ब फ़्यूज़ हो गया होगा!!!इसलिए मैं टॉर्च ले कर आया हूँ!!मेरे पास और एक टॉर्च है!!आप इससे काम चला लीजिए!!और कोई प्रॉब्लम तो नहीं न आपको??
रवि बोला…नहीं!!नहीं!!अकेला होता तो शायद कोई प्रॉब्लम होती!!पर अब तो ये मैडम भी हैं साथ में तो..समय आराम से कट जाएगा!!
मैडम????स्टेशन मास्टर ने रवि को घुरते हुए पूछा!!यहाँ कौन सी मैडम है भला??
रवि झुंझलाते हुए बोला…ये मेरी ही बगल में तो खड़ी है….ये इधर देखिये न ज़रा!!
और जैसे ही रवि ने अपनी बगल की ओर देखा तो आँखें फैल गयीं…..वहाँ तो कोई भी नहीं था!!
रवि की जुबां जैसे जम गयी….अभी!!अभी ही तो वो यहीँ थी!!!मेरे साथ!!
स्टेशन मास्टर ने गम्भीरता से कहा…यहाँ वेटिंग रूम में तो क्या!!पूरे प्लेटफॉर्म पर भी कोई युवती नहीं है इस वक़्त!!लगता है आप कोई सपना देख रहे थे!!
रवि अपने हाथ को विस्फारित नेत्रों से देख रहा था…
जहाँ अभी तक उस अजनबी हसीना का स्पर्श ताज़ा था!!
स्टेशन मास्टर ने स्तब्ध खड़े रवि के हाथ में टॉर्च पकड़ाई और वहाँ से चलता बना!!
रवि अभी मूर्ति बना खड़ा ही था,कि उसके कंधे पर किसी ने स्पर्श किया!!रवि एकदम चिहुँक कर पलटा तो देखा….,वही लाल साड़ी वाली युवती खड़ी थी उसके करीब!!
रवि की आँखें भय से फैल गयी!!होंठ जैसे सिल गये!!उसकी ये दशा देख कर वो युवती बोली…”ओह्ह!!आप इस कदर सहम क्यों रहे हैं?हुआ क्या है?”
रवि किसी तरह अटकते हुए बोला…”अभी तो आप यहाँ नहीं थीं,फिर अचानक ही कहाँ से आ गईं वापिस?”
रवि की बात सुनते ही वो युवती खिलखिला कर हँस पड़ी!!उसकी घुँघरू जैसी हँसी की खनक से वो छोटा सा वेटिंग रूम गूँज उठा!!फिर वो किसी तरह हँसी रोकती हुई बोली…”ओह,अब समझी मैं!!आप मुझे कोई चुड़ैल या आत्मा समझ रहे हैं!!हैं न!बिलकुल “वो कौन थी’टाईप की आत्मा!!” और वो फिर खिलखिला पड़ी!!
रवि ने किसी तरह अपने भय से काँपते शरीर को काबू में करते हुए पूछा…”लेकिन,अभी जब स्टेशन मास्टर यहाँ आया था,तब तो आप यहाँ नहीं दिखी थी उसे और न ही मुझे!!कहाँ गायब हो गईं थी यूँ?और स्टेशन मास्टर ने ही बताया कि,यहाँ प्लेटफॉर्म पर तो कोई युवती नहीं है!!तो तुम हो कौन?”
अब युवती के चेहरे पर गम्भीरता पसर गयी!वो धीमे स्वर में बोली…”सॉरी!!एक्चुअली मैं अपने घर से भाग कर कहीं दूर जा रही हूँ!!चोरी छुपे भाग कर यहाँ तक पहुँची हूँ,इसीलिए तो मेरे पास सामान के नाम पर बस यही एक मेरा हैंडबैग है!आप प्लीज़ किसी से मेरे बारे में कहियेगा मत,मैं किसी भी तरह बस पुणे पहुँचना चाहती हूं!!स्टेशन मास्टर के आते ही मैं लपक कर पुरानी टूटी पड़ी बेंचो के पीछे जा छुपी थी!!”
रवि ने गहरी नजरोँ से युवती को देखा,मानो उसके बोलने पर यकीन करने की कोशिश कर रहा हो,फिर कुछ सोचते हुए बोला…”ओके!तो ज़रा अपना परिचय देंगी आप?हैं कौन और कहाँ जाना चाहती हो?”
युवती ने धीरे से कहा…”मैं कोयल हूँ!!पुणे में जॉब करती हूँ!!मेरे मम्मीपापा नहीं हैं!पिछले महिने जब मैं अपने दादा दादी के पास मिलने गाँव आयी तो उन्होंने जबरदस्ती मेरी शादी तय कर दी!!कल ही मेरी शादी एक गाँव में रहने वाले युवक से हुई है!!दरअसल ये शादी मेरी मर्ज़ी के खिलाफ हुई थी!इसलिए मैं घर छोड़कर भाग रही हूँ!!”
रवि की आँखें फैल गयीं!!वो सोच में गुम हो गया…’कहीं ये मोहित की बीवी तो नहीं?’
रवि को यूँ गुमसुम देख कोयल बोली…”प्लीज,आप मेरी मदद कीजिए!!मुझे अपने साथ पुणे ले चलिये किसी तरह!!मैं वहाँ पहुँच कर अपनी जॉब करते हुए नई लाईफ स्टार्ट करूँगी!!”
रवि सोचने लगा…’कि इस वक़्त मोहित के घर पर कितनी गड़बड़ मची होगी!!लोग तरह- तरह की बातें कर रहे होंगे!!क्या वो मोहित को कॉल करके बता दे,कि उसकी बीवी यहाँ है!!’
शायद कोयल ने उसके मन की बात जान ली थी,वो रिक्वेस्ट करती हुई बोली….”प्लीज़!आप किसी को भी खबर न कीजिए मेरे बारे में!!वैसे भी यहाँ नेटवर्क नहीं है!!”
रवि अब चेयर पर बैठते हुए बोला….”तो?तो आप चाहती क्या हैं?कि मैं एक घर से भागी हुई दुल्हन की भागने में मदद करूँ?”
कोयल ने पास आ कर रवि का हाथ पकड़ते हुए कहा…”क्या आपको लगता है,कि मैं कोई गलत काम कर रही हूँ?उल्टे मेरे साथ धोखा हुआ है!!”
रवि ने शाँत स्वर में पूछा..”माना कि,आप के साथ धोखा हुआ!पर क्या आप शादी से पहले ही पुणे नहीं आ सकती थीं?और अब आप मुझसे क्यों मदद चाह रही हैं?मैं तो आपको ठीक से जानता तक नहीं!!”
कोयल ने अब पलकें झपकाते हुए मधुर स्वर में कहा…”मैं क्या आपको अज़नबी लगती हूँ?मुझे तो आपको पहली बार देखते ही ऐसा लगा,मानो आपको बरसों से जानती हूँ मैं!!”
और उसने अपना सिर रवि के कँधे पर टिका दिया!!
रवि की तो सिट्टीपिट्टी ही गुम हो गयी!!वो हतप्रभ सोचने लगा…’ये किस दुविधा में फंस गया हूँ मैं!कहीं ये मोहित की बीवी निकली तो मेरा दोस्त मुझे जीवन भर माफ नहीं करेगा!!’पर कोयल के जुल्फ़ों से उठती महक और रेशमी हुस्न के जादू ने रवि को मजबूर कर दिया कोयल की बात मानने पर!!
रवि ने अपना हाथ बड़े प्यार से कोयल के कँधे पर रखते हुए कहा….”मैं तुम्हारी हर तरह की मदद करने के लिए तैयार हूँ!बोलो,क्या कर सकता हूँ मैं तुम्हारे लिए?”
कोयल ने रवि की ओर एक फ़्लाइंग किस उछाली,और मुस्कुरा कर बोली….”थैंक्स रवि!!मैं जानती थी कि,तुम जरूर मेरी हेल्प करोगे!!”फिर उसने अपना हैंडबैग रवि को देते हुए कहा…”ये बैग तुम अपने ही बैग के अंदर रख दो!!मैं पुणे जा कर ले लूँगी तुमसे!!”
रवि ने एक क्षण कोयल को ताका,फिर बोला…”पर तुम भला अपना हैंडबैग क्यों मुझे रखने के लिए दे रही हो?इसे मेरे बैग के अंदर रखने का क्या मतलब?”
कोयल तुनक कर बोली…”ओफ्फोह रवि,तुम भी न कितने सवाल करते हो!!अरे इस हैंडबैग में मेरी ज्यूलरी है,कहीं किसी चोर ने ट्रेन के सफर में चुरा ली तो?अब प्लीज़ ये सवाल करना बंद करो और इस बैग को जल्दी से रख लो अपने बैग में!!”
रवि ने फिर बिना कोई सवाल किए तुरंत ही कोयल का बैग ले कर अपने ट्रैवल बैग में रख लिया!!फिर कोयल की ओर देख मुस्कुरा कर बोला…”अब तो तुम्हें देख कर मुझे भी अज़ीब सा एहसास हो रहा है!!क्या मैं अपनी बाक़ी की ज़िंदगी के लिए भी तुम्हें हमसफ़र मान सकता हूँ?”
कोयल ने तुरंत ही पलकें झपकीं…”ओह रवि,सच!!मैं बहुत लकी हूँ जो मुझे तुम जैसा हमसफ़र मिल गया!!”
रवि ने बड़ी स्टाइल से सिर झुकाते हुए कहा…”रियली,मैं बहुत ही तक़दीर वाला हूँ,जो ऐसी ब्यूटीक्विन मुझे मिल गयी!!”
फिर रवि ने थोड़ा गम्भीर स्वर में कहा…”ओके बेबी,मैं बस अभी ट्रेन का टाईम पता करके आता हूँ!”
और फिर रवि बाहर चल दिया!!
कुछ देर बाद जब वो आया तो कोयल बोली….”बड़ी देर कर दी आने में रवि,ट्रेन कितने बजे आयेगी?”
रवि ने गहरी नज़र कोयल पर डाली और गम्भीरता से कहा…”कोयल,ज़रा बताओगी कि तुम्हें मेरा नाम कैसे पता चल गया?मैंने तो तुम्हें बताया ही नहीं था अपना नाम!!”
कोयल एकदम हड़बड़ा उठी!!वो अटकते हुए बोली..”वो वो तुमने बताया तो था न मुझे!याद नहीं तुम्हें?”
रवि ने ताली बजाते हुए कहा….”वाओ!एक्सीलेंट!!क्या एक्टिंग है तुम्हारी!!पर बेबी,मुझे अच्छी तरह याद है कि मैंने कभी भी अपना नाम तुम्हें नहीं बताया था!”
कोयल अब बड़ी अदा से लहराती हुई बोली….”ओफ्फोह!!छोड़ो न ये सब!!ये बताओ ट्रेन कब आ रही है हमारी?”
रवि ने वेटिंग रूम के दरवाजे की ओर इशारा करते हुए कहा…”लो आ गयी तुम्हें ले जाने के लिए सवारी!!”
कोयल ने देखा कि,वेटिंग रूम के दरवाजे से रेलवे पुलिस के जवान अंदर आ रहे थे!और उनके साथ था स्टेशन मास्टर!!
रवि ने स्टेशन मास्टर से कहा…”लीजिये,अब तो आपको दिख रही है न ये युवती?”
स्टेशन मास्टर ने सिर झुका लिया!!तो रवि ने उन जवानों से कहा….”अरेस्ट कर लो इन दोनों को!!ये दोनों ही इस छोटे से गाँव के वेटिंग रूम में आने वाले युवकों को फँसा कर उनके जरिये लाखों का ड्रग्स मुंबई और पुणे भेजते थे!!”
फिर रवि ने उन दोनों को देखते हुए कहा….”अरे अरे,इस तरह घबरा क्यों रहे हो?तुम्हारा भांडा फ़ूट गया इसलिए?पर सच कहूँ बेबी,तो तुम्हारी ओवर एक्टिंग ने ही तुम्हारा भांडा फोड़ दिया!!मैं तो तुम्हें अपने दोस्त मोहित की बीवी ही समझ बैठा था!!पर जैसे ही तुमने मुझे रवि’कहकर पुकारा,तो मेरा माथा ठनका!!क्योंकि अपना नाम तो मैंने तुम्हें बताया ही नहीं था!!और तभी मुझे ध्यान आया कि,मोहित बता रहा था,कि उनके गाँव से बड़े पैमाने पर ड्रग्स महानगरों को भेजी जाती है!!बस मैं समझ गया कि स्टेशन मास्टर और तुम दोनों मिलकर ही ये सब जाल बिछाते हो,जिसमें भोलेभाले युवक फँस जाते हैं!!क्यों स्टेशन मास्टर साहब,आपने ही बताया था न मेरा नाम इसे?”
स्टेशन मास्टर गुस्से से कोयल को घूरने लगा!!रवि बोला…”मैंने स्टेशन के बाहर बाइक लिए एक युवक को कहकर
पुलिस जवानों को बुलवाया है!!अब आप दोनों जाओ अपने असली ठिकाने यानि जेल!!और मैं चला अपने घर,पुणे!वो देखो आ रही है मेरी ट्रेन!!”
और रवि ने अपने बैग से निकाल कर कोयल का हैंडबैग और अपना मोबाईल नम्बर पुलिस को दिया और चल पड़ा अपना बैग थामे ट्रेन की ओर!!
पीछे छूट गये स्टेशन मास्टर और कोयल…जो पुलिस की गिरफ्त में कसमसाते हुए चल दिये लॉकअप की ओर!!
दूर कहीं गाना बज रहा था…’एक अज़नबी हसीना से…”
