कारण 
  • नाक, गले या मुंह का श्वास मार्ग संकरा हो, तो जब इस मार्ग से हवा गुजरती है तो इससे टिशूज में कंपन पैदा होती है जो खर्राटे का कारण बनती है। 
  • यदि नाक में किसी तरह की समस्या जैसे- इन्फेक्शन, हड्डी का बढ़ना या नेजल पैसेज में कोई ब्लोकेज हो तो भी खर्राटे आते है। 
  • स्मोकिंग करने वाले व्यक्तियों, मोटापे से पीड़ित और उक्त रक्त चाप से पीड़ित मरीजों को भी खर्राटे आने की समस्या हो सकती है। 
आजकल इसके उपचार के लिए बहुत सारे उपकरण और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है लेकिन अगर आप इन सबसे बचना चाहते हैं तो योगा खर्राटों की समस्या को दूर करने का एक अचूक और परमानेंट इलाज है। आइये जानते हैं ऐसे योगासनों के बारे में जो खर्राटों की समस्या को दूर करते हैं –
 
1.सिंह गर्जनासन 
 
इस आसन को करने के लिए अपने पंजों के ऊपर बैठें। अपने घुटनों को फैला लें और अपने हाथों को घुटनों के बीच में इस तरह से रखें कि उँगलियाँ अंदर की ओर रहें और हथेली बाहर की ओर। लंबी गहरी श्वास लें और श्वास छोड़ते हुए अपनी पूरी जीभ को बाहर की तरफ निकालें और अपने गले से ज़ोर से शेर के दहाड़ने जैसी आवाज निकालें। इस आसन को रोजाना 10-15 बार करने पर खर्राटों की समस्या समाप्त होती है। इससे जीभ तथा गले की मांसपेशियों का व्यायाम होता है जो इस समस्या को दूर करने में मदद करता है।
 
 2.उज्जायी प्राणायाम
 
सबसे पहले कमर- गर्दन सीधी करके बैठें। दोनों नोस्ट्रिल से लंबी गहरी सांस अंदर लें; सांस छोड़ते समय गले को संकुचित करते हुए हल्के खर्राटे लेने जैसी आवाज निकालें। इस अभ्यास को दिन में दो बार कम से कम 5- 10 बार अवश्य करें। यह गले की मांसपेशियों तथा श्वास नलिकाओं को उचित मसाज देता है तथा उनमें ब्लड सप्लाई को बढ़ाता है जिससे श्वास नलिकाओं का ब्लोकेज खत्म होता है। इसे लगातार करते रहने से कुछ ही दिनों में खर्राटों की समस्या दूर हो जाती है।
 

 

3.भ्रामरी प्राणायाम
 
रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए अपने हाथों की उँगलियों से अपने कानों और आँखों को हल्के से बंद करें। लंबी गहरी सांस लें फिर सांस छोड़ते हुए मुंह बंद रखते हुए भौरें के समान गुंजन करें। ऐसा 10-15 बार करें। इस प्राणायाम से गले और नेजल पैसेज की मांसपेशियाँ वाइब्रेट होती हैं जिससे उनकी मसाज तो होती ही है साथ ही ब्लोकेज भी दूर होता है।
 
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