Benefits Of Leg Massage- यदि आप एथलीट हैं, ऑफिस जाते हैं या बैठे रहते हैं, तो कभी न कभी आप पैरों में दर्द और जकड़न की समस्या महसूस करते होंगे। पैरों को फैलाने और दबाने से यकीनन आराम मिलता होगा। कई बार दर्द की वजह से फिजियोथेरेपी का भी सहारा लेना पड़ता है। फिजियोथेरेपी मूल रूप से पैरों की स्ट्रेचिंग या मालिश होती है, जो मांसपेशियों को रिलेक्स करने में मदद करती है। हमारे पैर पूरा दिन चलते या खड़े रहते हैं। जितना अधिक हम चलेंगे उतना ही अधिक पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा। इसके विपरीत, हम जितना बैठे रहेंगे, पैरों का ब्लड सर्कुलेशन उतना ही कम होगा। यह हमारी नसों और पैरों के संचलन पर भी असर डालता है। ऐसे में पैरों के दर्द और सूजन को कम करने में मालिश या मयाज अहम भूमिका निभा सकती है। मसाज न सिर्फ नसों को आराम पहुंचाती है बल्कि मांसपेशियों की सूजन को भी कम कर सकती है। मसाज कई प्रकार की होती है जिसे जानना और समझना जरूरी है। साथ ही इसके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में भी हमें जानकारी होनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं लेग मसाज के बेनिफिट्स के बारे में।
Also read: स्टिफ पर्सन सिंड्रोम क्या है? क्या आप भी हैं इन लक्षणों से परेशान: Stiff Person Syndrome
ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

हमारी अत्यधिक सुस्त लाइफस्टाइल हमारे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन और फ्लो को बहुत स्लो बना देती है। एक सिंपल सी लेग मसाज से मांसपेशियों के मूवमेंट और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। मसाज से पैरों की नसों को खोलने में भी मदद मिलती है। पैरों में ब्लड जितनी तेजी से पंप करेगा, उतना ही पैरों में आराम मिलेगा। रात को सोने से पहले यदि 5-10 मिनट नारियल तेल से मसाज की जाए तो नींद में भी सुधार हो सकता है।
यूरिक एसिड से निजात दिलाए

कुछ लोगों को यूरिक एसिड की समस्या रहती है। जिससे उनके शरीर में सूजन और गांठें पड़ जाती हैं। गांठों को कम करने और नसों को आराम देने के लिए रात को सोते समय पैरों की मसाज करें। ऐसा करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर में बनने वाली गांठों से रिलीफ मिल सकता है। नियमित रूप से मसाज करने से यूरिक एसिड की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
चोट को रोकता है

पैरों की मसाज अपने आप में ही एक बेहतरीन एक्टिविटी है। ये चोट को रोकने में मदद करती है। पैरों में मसाज करने से मोबेलिटी को बढ़ावा मिलता है, मांसपेशियों के टिशू को फैलाता है और ब्लड की आपूर्ति में सुधार होता है। मांसपेशियों के ढीले होने से खेल या एक्सरसाइज करने से चोट लगने की संभावना काफी कम हो जाती है।
तनाव कम होता है

पैरों की मसाज करने से तनाव को काफी कम किया जा सकता है। इसके अलावा टेंशन को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। पैरों की मालिश आपकी हार्ट बीट को नीचे करती है और तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम दे सकती हैं। मसाज सभी नसों को शांत करती है और उन्हें ढीला करने में मदद करती है।
मसल्स रिकवरी
जो लोग एक्सरसाइज करने के शौकीन हैं, उन्हें हार्ड-कोर वर्कआउट के बाद दर्द परेशान कर सकता है। दर्द को मसल्स पेन या डीओएमएस के रूप में भी जाना जाता है। डीओएमएस मांसपेशियों के उपचार में मदद कर सकता है।
बालों का झड़ना कम करे

यदि आपके बाल बहुत अधिक झड़ते हैं तो आप नियमित रूप से अपने पैरों के तलवे की मसाज करें। पैरों की मसाज करने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। मसाज करने से बालों का रूखापन भी काफी हद तक कम हो जाता है। नियमित मसाज करने से बालों की चमक भी बढ़ती है। इसके अलावा चेहरे का ग्लो मेंटेन रहता है।
पीएमएस
प्रीमेंस्ट्रअल सिंड्रोम के कारण कई महिलाओं को मानसिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मूड स्वींग्स, माइग्रेन, तनाव और सिरदर्द जैसे दुष्प्रभाव मुख्य रूप से दिन-प्रतिदिन की एक्टिविटी में बाधा डाल सकते हैं। लेकिन एक बेहतरीन पैरों की मसाज इन प्रभावों को शांत करने में सहायता कर सकती है। इस दौरान प्रतिदिन पैरों की मसाज उपयोगी हो सकती है।
