Summary: रिवर्स वॉकिंग: शरीर ही नहीं, दिमाग के लिए भी फायदेमंद
रिवर्स वॉकिंग एक आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज है, जो मसल्स को स्ट्रॉन्ग करने के साथ ब्रेन को भी एक्टिव रखती है।यह घुटनों के दर्द, स्लो मेटाबॉलिज़्म और फोकस की समस्या में फायदेमंद साबित होती है, बस सही तरीके और सावधानी के साथ करें।
Backward Walking Benefits: वॉक करने के क्या फायदे हैं यह सभी हम बखूबी जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि उल्टा चलना हमारे शरीर के साथ हमारे ब्रेन के लिए भी अच्छा होता है। इसे रिवर्स वॉकिंग या बैकवर्ड वॉकिंग भी कहा जाता है। यह हमारे घुटनों और कमर के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। इसके अलावा उल्टा चलने से पैरों की मांसपेशियां भी बहुत मजबूत होती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं कि आप शुरुआत में पंद्रह मिनिट वॉक करने लग जाएं। आपको 5 मिनिट के साथ इस वॉक की शुरुआत करनी है और इसे धीरे धीरे बढ़ाना है। गति भी संतुलित ही रखनी है।
माइल्ड स्पेशल बच्चों के लिए भी है फायदेमंद
यह वॉक उन स्पेशल एबल्ड बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कि कंसंट्रेशन और फोकस की समस्या से जूझ रहे हैं। आप यह वॉक बच्चे को अपने साथ लेकर करवाएं आप खुद देखेंगी कि 1 महीने के अंदर ही उसमें कितना फर्क आएगा। इससे बैलेंसिंग भी अच्छी होती है। केवल स्पेशल एबलड बच्चों के लिए ही नहीं यह वॉक नॉर्मल बच्चों के फोकस को बढ़ाने में सहायक है। इतना ही नहीं अगर व्यस्क भी अपने मस्तिष्क को सक्रिय रखना चाहते हैं तो इसे अपने रुटीन में शामिल करें। सेहत तो अच्छी होगी ही। ब्रेन सेल्स भी एक्टिव होंगे। ऐसा इसलिए कि रिवर्स वॉकिंग करने से नई दिशा और मूवमेंट के अनुसार ब्रेन खुद को एडजसट करता है।
मेटाबॉलिक रेट भी होता है सही
यह हमारी लाइफ स्टाइल का कमाल है कि हम तनाव, नींद का पूरा ना होना जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन सभी चीजों का असर हमारे मेटाबॉलिक रेट पर भी पड़ता है। अक्सर बहुत सारे लोगों के साथ यह समस्या होती है कि कम खाने के बावजूद भी उनका वजन तेजी से बढ़ रहा होता है। इसकी वजह मेटाबॉलिक सिस्टम का धीमा होना है। अगर आप भी अपने मेटाबॉलिक रेट को दुरुस्त करना चाहते हैं तो रिवर्स वॉकिंग शुरु करें। आप एक नई किस्म की ऊर्जा को अपने अंदर महसूस करेंगे।
घुटनों के दर्द के लिए वरदान

अक्सर सीनियर सिटीजंस को घुटनों में दर्द की शिकायत रहती है। डॉक्टर अक्सर वॉक करने की सलाह देते हैं। लेकिन अगर आप रिवर्स वॉकिंग करेंगे तो आपके घुटनों पर भी ज्यादा स्ट्रेन नहीं पड़ेगा। बल्कि उल्टा चलने से घुटनों के आस पास की मसल्स रिलेक्स होती हैं। इसे करने से आपके घुटनों की कार्यक्षमता भी अच्छी होती है। रोजाना करने से घुटने कमजोर होने की समस्या भी नहीं रहती। इसके अलावा वे लोग जिन्हें गठिया रोग की शुरुआत हुई है उन्हें भी यह वॉक करनी चाहिए। लेकिन अगर आपको परेशानी ज्यादा है या आपने कोई सर्जरी करवाई है तो आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसे करें।
कुछ सावधानियां हैं जरुरी

रिवर्स वॉकिंग आपको सोचने में जितनी आसान लग रही है यह असल में उतनी आसान होती नहीं है। आप इसकी शुरुआत घर पर ही करें। आप अपनी छत या हॉल में यह वॉक कर सकते हैं जहां पर आप बिना मुढ़े लगातार चल सकते हैं। अपनी गति को हल्का ही रखें। अगर आप अपने घर के बड़े-बूढे या बच्चों को जब वॉक करवाएं तो उनके आस पास ही मौजूद रहें। इस वॉक को आपको हमेशा समतल जगह पर ही करना है।
