Thigh Fat Exercise:- शरीर के किसी विशेष हिस्से की चर्बी यानी फैट को कम करना आसान नहीं होता। खासकर उन लोगों के लिए जो डेस्क बाउंड लाइफस्टाइल के कारण पेट और जांघ की चर्बी से परेशान रहते हैं। डेस्क बाउंड लाइफस्टाइल के चलते व्यक्ति अधिकतर बैठा रहता है जिसके कारण उसके हिप्स और जांघों में अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है। जांघ की चर्बी सबक्यूटेनियस फैट से बनी होती है, जो त्वचा के नीचे स्थित फैट होता है। ये फैट लाइफस्टाइल के कारकों जैसे शारीरिक गतिविधि और डाइट पर निर्भर करता है। ये फैट काफी जिद्दी होता है जिसे घटाना काफी मुश्किल होता है। खासतौर पर महिलाओं को इस फैट को कम करने के लिए काफी मश्क्कत करनी पड़ती है। दो ऐसी एक्सरसाइज हैं जो जांघ की चर्बी को घटाने में मदद कर सकती हैं, वो हैं लॉन्जेस और स्क्वेट्स। कुछ लोग फैट बर्न करने के लिए लॉन्जेस को बेस्ट मानते हैं और वहीं कुछ लोग स्क्वेट्स करना पसंद करते हैं। इन दोनों ही एक्सरसाइज में से कौन सी अधिक बेहतर है और किससे अधिक मात्रा में फैट कम होता है चलिए जानते हैं इसके बारे में।
लॉन्जेस जांघों की चर्बी कम करती है

जांघों की चर्बी कम करने के लिए लॉन्जेस सबसे प्रभावी एक्सरसाइज में से एक है। ये न केवल आपके ग्लूट्स को टारगेट करती है बल्कि आपकी मांसपेशियों की ताकत में सुधार करते हुए, आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। ये जांघ की क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग पर भी काम करती है। लॉन्जेस के कुछ वेरिएशन जिसे आप आजमा सकते हैं, वे हैं फॉरवर्ड लॉन्ज, रिवर्स लॉन्ज, लेटरल लॉन्ज और कर्टसी लॉन्ज।
स्क्वेट्स जांघों की चर्बी कम करती है

स्क्वेट्स आपके निचले शरीर को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका है। ये आपके कोर पर काम करने के अलावा, स्क्वेट्स पैर की प्रमुख मांसपेशियों को टारगेट करने में मदद करती है, जिसमें ग्लूट्स, क्वाड्स, हैमस्ट्रिंग और केलविज शामिल हैं। स्क्वेट्स न केवल आपकी जांघ की चर्बी को कम करने में मदद करती है, बल्कि ये अधिक कैलोरी बर्न करने का काम भी करती है। इस एक्सरसाइज में चोट लगने का जोखिम कम होता है।
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लॉन्जेस और स्क्वेट्स क्या है बेहतर

जब आपकी जांघों का फैट कम करने के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज चुनने की बात आती है, तो लॉन्जेस और स्क्वेट्स दोनों ही प्रभावी साबित हो सकती हैं। जहां एक ओर लोग लॉन्जेस और इसके डिफरेंट वेरिएंट को पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोगों को स्क्वेट्स करना अधिक आसान और इंट्रेस्टिंग लगता है। इसे करते वक्त चोट लगने का जोखिम भी कम होता है। इसके अलावा स्क्वेट्स आपके शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने और निचले शरीर की मांसपेशियों को सक्रिय करने में भी आपकी मदद कर सकते हैं। आप केटलबेल, बारबेल और डंबल का उपयोग करके इसे और अधिक इफेक्टिव बना सकते हैं।
संतुलन की समस्या

लॉन्जेस करने से न केवल आपके निचले शरीर को टोन करने में मदद मिलती है बल्कि ये मांसपेशियों के असंतुलन को ठीक करने में भी सहायक होती है। इस एक्सरसाइज को नियमित रूप से करने से दोनों पैरों में शक्ति संतुलन में मदद मिलती है जिससे कमर के निचले हिस्से का दर्द कम हो सकता है।
आपको क्या करना चाहिए

यदि आप बेहतर परिणाम देखना चाहते हैं तो दोनों ही एक्सरसाइज को बारी-बारी से कर सकते हैं। एक जैसी एक्सरसाइज रुटीन कई बार उबाऊ हो जाती है, ऐसे में फैट कम करने के लिए लॉन्जेस और स्क्वेट्स दोनों को आजमा सकते हैं। दोनों ही एक्सरसाइज निचले शरीर को मजबूत बनाती हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करती हैं। इसके अलावा दोनों ही एक्सरसाइज से मांसपेशियां और कोर को मजबूती मिलती है। आप अपनी सहूलियत के अनुसार इस एक्सरसाइज की प्रेक्टिस कर सकते हैं।
