Sleeping Position: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें सात से आठ घंटे नींद लेना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि हमारा पूरा दिन भागते दौड़ते निकल जाता है। और यदि हम नींद पूरी तरह से नहीं लेते है तो उसका असर हमारे शरीर पर दिखने लगता है। और उससे भी ज्यादा जरूरी है कि हम किस तरह से सोते है। क्योंकि सही तरीके से सोना भी हमारे लिए उतना ही आवश्यक है। अगर आप सही पोजीशन में सोते नहीं है तो आपको बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक की आपके कंधों, गर्दन और रीढ़ की हडडी पर भी इसका गलत असर पड़ सकता है। आईए जाने किस करवट में आपको सोना चाहिए-
करवट लेकर सोना

यदि आप करवट लेकर सोते है तो यह एक सही पोजीशन है। लेकिन इसमें आप बाई करवट पर सोएं। क्योंकि बाएं करवट पर सोने से खून का बहाव सही रहता है जिससे नींद अच्छी आती है। साथ ही आपकी रीढ़ की हडडी,कंधों और गर्दन को आराम भी मिलता है। करवट लेकर सोने से एक और फायदा होता है कि वायुमार्ग खुला रहता है जिससे आपको नींद सही से आती है। इसलिए बाई तरफ करवट पर सोएं। इससे आपको सुबह उठकर अच्छा महसूस होगा।
पीठ के बल सोना
यदि आपको अच्छी नींद चाहिए साथ ही आपके शरीर को आराम मिल सके। तो इसके लिए आप पीठ के बल सोएं। इससे आपकी कमर को आराम मिलता है। और आप अच्छी नींद ले पाते है। आपका दिन भर स्ट्रेस भी निकल जाता है। और यदि आप गर्भवती है तो आपको पीठ के बल सोना चाहिए । इस पोजीशन में सोना गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। इसलिए इस पोजीशन में सोना सबसे ज्यादा फायदेमंद बताया जाता है।
पेट के बल सोना

कई लोगों को पेट के बल सोना बेहद पसंद होता है। लेकिन वह सजग हो जाए क्योंकि यह पोजीशन सबसे ज्यादा गलत है। इसमें आपके पेट और कमर पर गलत असर पड़ता है। कमर पर खिंचाव पड़ता है। और पेट बहुत ज्यादा दबता है। साथ ही ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इस पोजीशन से आपको इतनी अधिक दिक्कत हो सकती है। कि आपको कब क्या बीमारी हो जाए पता भी नहीं चलेगा। इसलिए इस पोजीशन में सोने से बचें।
फेटल पोजीशन

यदि आप चाहते है कि आपको आराम से नींद आए साथ ही खर्राटें भी कम आए तो आप इस पोजीशन में सोंएं ।इसमे पैरों को मोड़कार करवट में सोना होता है। जिससे की आपको आराम मिल सके। आप इस पोजीशन पर सो सकते है। इससे आपको मानसिक और शारीरिक और शांति मिलती है। साथ ही मांसपेशियों में लचीलापन भी आता है। खराब मुद्रा के कारण मांसपेशियों या लिगामेंट में खिंचाव भी आ जाता है जो गंभीर दर्द और असहजता की स्थिति का कारण बनती है। इसलिए सही पोजीशन में सोएं।
