ये शर्बत गर्मी से राहत दिलाएं, सेहत भी बनाएं: Sharbat Benefits
Sharbat Benefits

Sharbat Benefits: गर्मी का मौसम हो और कूल-कूल शर्बत न हों, ऐसा हो ही नहीं सकता। आलम यह होता है कि जितना मर्जी पानी पी लें, प्यास है कि बुझती ही नहीं और पानी न पियो तो डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है। क्योंकि पिया गया पानी उतनी मात्रा में शरीर से बाहर भी निकल जाता है।

एंटी गुणों से भरपूर ये शर्बत हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं और गर्मी के मौसम में कई बीमारियों केा दूर रखने में सहायक है। जानलेवा गर्मी के मौसम में लू के थपेड़ों से बचाकर शीतलता भी प्रदान करते हैं। जानलेवा गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक या लू के थपेड़ों से बचाकर आपको शीतलता भी प्रदान करते हैं। हमारे शरीर को एनर्जी देने के साथ इम्यूनिटी बूस्टर का काम भी करते हैं। आइये ऐसे ही कुछ शर्बत के बारे में जानें-

आम पना

गर्मियों में कच्चे आम, गुड़, काली मिर्च, जीरा मिला कर बना आम पना पीने से हीट स्ट्रोक से बचने का पारंपरिक तरीका है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं जिससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है। गर्मियों में नकसीर फूटने या नाक से खून आने को रोकता है। आम पना के नियमित सेवन से गर्मियों में शरीर में पानी की कमी से होने वाली डीहाइड्रेशन की समस्या दूर होती है। अधिक पसीना आने के बावजूद शरीर में नमक और आयरन की कमी नहीं होने देता जिससे एनीमिया होने का खतरा भी कम हो जाता है।

Sharbat Benefits
Sharbat Benefits-Panna

विटामिन सी, पेक्टिन और फाइबर से भरपूर पने से कोलेस्ट्राॅल लेवल कंट्रोल में रहता हैै। यह ब्लड में बैड कोलेस्ट्राॅल या एलडीएल को बढ़ने से रोकता है। नव्र्स में ब्लड के फ्लो केा बढ़ाता है जिससे हार्टबीट और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हार्ट अटैक का खतरा कम रहता है। पेक्टिन सोल्यूबल फाइबर हमारे शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकाल कर पाचन तंत्र को सुचारू रूप् से चलाने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन्स पेट में पथरी बनने से रोकते हैं । बदहजमी,अपच, डायरिया, दस्त, कब्ज जैसी पेट संबंधी समस्याओं के इलाज में यह काफी कारगर है। शक्ति को भी तेज करता है। विटामिन ए से भरपूर आम आई साइट में सुधार करता है। नाइट ब्लाइंडनेस, कैटैरेक्ट जैसी आंखों की समस्याओं मेें फायदेमंद है।

फालसे का शर्बत

फालसे का शर्बत
फालसे का शर्बत

तासीर ठंडी तासीर वाले काले-काले फालसे का शर्बत उमस भरी गर्मी से बचाने में आदर्ष ठंडा टाॅनिक भी कहा जाता है। लू लगने और उससे होने वाले बुखार से बचने का कारगर इलाज है। मस्तिष्क की गर्मी और खुष्की दूर करके आपको तरोताजा रखता है। चिड़चिड़ापन दूर करता है। उल्टी और घबराहट दूर करता है। बहुत ज्यादा धूप में रहने से स्किन में होने वाली लालिमा, जलन, सूजन और टैनिन को कम करने में मदद करता है। इसका कसैलापन षरीर से अतिरिक्त अम्लता कम करके पाचन संबंधी विकार को दूर करता है। पेट की गड़बड़ी तथा अपच दूर करता है और भूख बढ़ाता है। दस्त के उपचार में फालसे का ठंडा पेय सहायक होता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर में लोहे के अवषोषण में मदद करता है जिससे रक्त को साफ करके रक्त विकारों पर काबू पाने में मदद मिलती है औरएनीमिया होने का खतरा कम रहता है। विटामिन सी से भरपूर फालसा का शर्बत अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के रोगियों को होने वाली तकलीफ में राहत पहुंचाते हैं । खांसी-जुकाम को रोकने और गले में होने वाली समस्याओं से निजात पाने के लिए काफी प्रभावी है।

बेल का शर्बत

गर्मियों में बेल का शर्बत शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। बेल का एक गिलास शर्बत लू से बचाता है और शरीर को शीतलता प्रदान कर तरोताजा रखता है। खून को साफ करता है जिससे गर्मियों में स्किन पर होने वाली फोड़े-फुंसियों की समस्या में आराम रहता है। अपच, कब्ज, डायरिया, एसिडिटी जैसी पाचन और पेट संबंधी बीमारियों की रामबाण दवा है। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है। इसमें पेट के कीड़े मार कर भूख बढ़ाने में सहायक है।

बेल का शर्बत
Sharbat

एंटी बैक्टीरियल, एंटी माइक्रोबिल और एंटी वाॅयरल गुणों से भरपूर बेल ब्रेस्ट, प्रोस्टेट जैसे केेंसर से बचाव करता है। इसमें मिलने वाली टेनिन तत्व पेट के अल्सर में फायदेमंद है। फेनोलिक यौगिक गैस्ट्रिक अल्सर से लड़ने में मदद करता है जो पेट में अम्लीय अम्लीय स्तर में असंतुलन के कारण होता है। लीवर में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालता है। डायबिटिक पेशेंट के लिए काफी अच्छा है क्योंकि इसमें मौजूद इंसुलिन और ग्लूकोज ब्लड शूगर के लेवल को नियंत्रित करने में सहायक है। बेल शरीर पर हाइर्पोिग्लसीमिक प्रभाव डालता है जिससे ग्लूकोज के उपयोग को कम करने और इंसुलिन हार्मोन बढ़ने से ब्लड शूगर के स्तर नियंत्रित रहता है। विटामिन सी से भरपूर बेल का शर्बत सांस की बीमारियों और क्रोनिक कोल्ड में फायदेमंद है।

तरबूज का शर्बत

तरबूज का शर्बत
Watermelon Sharbat

रस से भरपूर तरबूज अपने आपमें एक होल फूड भी है क्योंकि इसमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है जो शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ टमी फुलर का काम भी करता है। शर्बत में मौजूद मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन यानी पानी की मात्रा को बनाए रखता ह।।इसमे पाए जाने वाले विटामिन्स से भरपूर तरबूज का शर्बत इम्यून सिस्टम को मजबूती देता है। कब्ज, अपच जैसी पेट की समस्याओं में फायदेमंद है। इसमें मौजूद लाइकोपिन पिगमेंट और अमीनेा एसिड हाइपरटेंशन और हृदय रोग के खतरे को कम करता है। एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स बनने से रोकते हैं और प्रोस्टेट केंसर के खतरे को कम करते हैं। यह एनर्जी बूस्टर का काम करता है और मसल्स में होने वाले दर्द में आराम पहुंचाता है।

सत्तू का शर्बत

SHARBAT

चने दाल से बना सत्तू उत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है। गर्मियों में शरीर को शीतलता प्रदान करने का बेहतरीन पेय है। सत्तू अपने आपमें पोषक तत्वों से भरपूर बैलेंस डाइट है, इसलिए हर उम्र के व्यक्ति को इसका शर्बत पीने के लिए दिया जाता है।यह हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है और एनर्जी देता है। सत्तू का शर्बत हमारे पाचन तंत्र को सुचारू बनाए रखता है, खाने को जल्दी पचाता है। इसमें घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह बहुत जल्दी हमारे शरीर में डायजस्ट हो जाता है। यह हमारे शरीर से अतिरिक्त फैट या आॅयल को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से कील-मुंहासे जैसी स्किन की समस्या नहीं हो पाती। एनर्जी और स्टेमिना बूस्टर होने के कारण खिलाड़ियों के लिए वरदान है।

सेवन में सावधानियां

गर्मी को काटने और राहत प्रदान करने वाले ये शर्बत हालांकि हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं। हमारे शरीर को डीहाइड्रेशन से बचाने के साथ-साथ पोषक तत्वों की जरूरत को छोटी मात्रा में पूरा करते हैं। फिर भी इनका सेवन करना एक सीमा में ही श्रेेयस्कर है क्योंकि इसके अतिरेक से आपकी भूख भी खत्म हो सकती है। आपके पौष्टिक भोजन की भरपाई महज एक शर्बत तो नहीं कर सकता। एक व्यस्क व्यक्ति रोजाना एक से डेढ गिलास या 200-250 मिली शर्बत का सेवन कर सकते हैं। बशर्ते वे उन्हें खाना खाने के 2 घंटे पहले या दो घंटे बाद में लें तो बेहतर है। डायबिटीज की शिकायत वाले लोगों केा शर्बत में चीनी कम मात्रा में लेनी चाहिए ताकि उन्हें ब्लड मे शूगर लेवल बढ़ने का खतरा न रहे। इसी तरह ब्लड प्रेशर के मरीज को नमक कम लेना चाहिए।

बनाएं ये शर्बत और भी कूल

तुलसी के पत्तों वाला नींबू पानी या लेमनेड– गर्मियों में प्यास बुझाने, तरावट लाने, हीट स्ट्रोक से बचाने और तुरंत राहत पहुंचाने वाला नींबू पानी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसमें अगर 2-3 तुलसी के पत्ते भी पीस कर मिला दिए जाएं तो इसका प्रभाव दोगुना हो जाता है। विटामिन सी और मिनरल्स से भरपूर लेमनेड हमारे ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राॅल और डायबिटीज को नियंत्रित करता है। दिमाग को ठंडा रख यह हमें तनाव और अवसाद को दूर कर रिलेक्स करता है। सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों के इलाज में सहायक है।

तुलसी और तरबूज का शर्बत- इसी तरह तरबूज या का शर्बत बनाते समय अगर तुलसी के पत्ते भी मिक्स करें, तो यह ज्यादा प्रभावी होते हैं। खासकर बाहर काम करने वालों के लिए तो यह वरदान से कम नहीं हैं। यह शर्बत शरीर में पानी की कमी को बनाए रखता हैै और लू से तो बचाता ही है।

तुलसी और अनार का जूस- अनार के जूस में भी अगर तुलसी के पत्ते मिक्स करके शर्बत बनाए , तो यह गर्मियों में होने वाली समस्याओं में रामबाण का काम करता है।

ओरेंजेड- संतरे के जूस में नींबू का रस मिला कर बने शर्बत में सीजनल फलों के छोटे-छोटे पीस काट कर बनी स्मूदी गर्मी से राहत दिलाने का बेहतरीन ड्रिंक है।

(डाॅ चेतना बंसल, आहार विशेषज्ञ, अपोलोमेडिक्स अस्पताल, लखनउ)

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