Overview: डरावने सपने खौफ के साथ बढ़ा सकते हैं बीमारी भी, अपनाएं ये उपाय
डरावने सपने केवल मानसिक अशांति नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकती है।
Frightening Dreams: डरावने सपने, जिन्हें हम अक्सर रात का एक बुरा अनुभव मानकर भूल जाते हैं, वास्तव में हमारे दिमाग और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार, जो लोग सप्ताह में कम से कम एक बार डरावने सपने देखते हैं, उन्हें उन लोगों की तुलना में दिमागी बीमारी का खतरा चार गुना अधिक होता है, जो शायद ही कभी ऐसे सपने देखते हैं। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि बुजुर्ग जो बार-बार डरावने सपने देखते हैं उन्हें डिमेंशिया होने की संभावना दोगुनी हो जाती है। आखिर सपने कैसे इंसान के दिमाग पर हावी हो जाते हैं और इससे कैसे निजात पाया जा सकता है चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या कहती है स्टडी

अमेरिका में हजारों लोगों पर किए गए कई अध्ययनों के डेटा के आधार पर, डरावने सपने सिर्फ मानसिक अशांति नहीं, बल्कि दिमागी समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। पुरुषों में यह जोखिम विशेष रूप से अधिक देखा गया है, जिससे इन सपनों को गंभीरता से लेने की जरूरत और बढ़ जाती है।
डरावने सपने और मानसिक स्वास्थ्य
अध्ययन में पाया गया कि बार-बार डरावने सपने दिमागी स्वास्थ्य के बिगड़ने का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ये सपने दिमाग में होने वाले न्यूरोलॉजिकल बदलावों को दर्शा सकते हैं, जो स्पष्ट लक्षण दिखने से बहुत पहले शुरू हो जाते हैं। खासकर पुरुषों में, डरावने सपने एक महत्वपूर्ण चेतावनी है, जो समय पर चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता को दर्शाते हैं। डरावने सपनों को केवल नींद की गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये शुरुआती उपचार और लाइफस्टाइल में बदलाव के जरिए डिमेंशिया को बढ़ने से रोका जा सकता है।
तनाव और नींद की गड़बड़ी का योगदान
डरावने सपने शरीर की हर प्रतिक्रिया से गहराई से जुड़े होते हैं। बार-बार डरावने सपने तनाव के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे कॉर्टिसॉल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, स्लीप साइकिल बाधित होती है और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। लंबे समय तक तनाव के कारण सूजन बढ़ सकती है, जो हार्ट और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों को बढ़ावा देती है। इस संबंध को समझने से यह स्पष्ट होता है कि डरावने सपनों को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य पर प्रभाव

डरावने सपनों का बार-बार आना न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि ओवरऑल स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय है। नियमित स्वास्थ्य जांच में डरावने सपनों की स्क्रीनिंग उन लोगों की पहचान करने में मदद कर सकती है, जिन्हें समय से पहले स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा है। शुरुआत में ही थेरेपी, नींद के पैटर्न में सुधार और तनाव प्रबंधन, डरावने सपनों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं और लाइफ को बेहतर बना सकते हैं।
डरावने सपनों को कम करने के उपाय
स्ट्रेस मैनेजमेंट: ध्यान, गहरी सांस लेने की तकनीक और योग तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे डरावने सपनों की आवृत्ति कम हो सकती है।
बेहतर नींद: नियमित नींद का समय, अंधेरा, शांत बेडरूम और सोने से पहले कैफीन से परहेज स्वस्थ नींद को बढ़ावा देता है।
कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी-आई): यह थेरेपी नींद की गड़बड़ियों, विशेष रूप से डरावने सपनों के कारणों को संबोधित करती है।
इमेज रिहर्सल थेरेपी: बार-बार आने वाले डरावने सपनों के सकारात्मक परिणामों की कल्पना करने से सपनों का स्वरूप बदल सकता है और उनकी आवृत्ति कम हो सकती है।
