Cholestasis of Pregnancy
Cholestasis of Pregnancy

Cholestasis of Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान शरीर में खुजली का होना एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह खतरनाक भी हो सकती है, अगर खुजली बहुत ज्यादा, लगातार या फिर तेज जलन के साथ हो रही हो। आइए इस लेख में जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान खुजली होने के क्या कारण है और किस अवस्था में यह आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकती है। हम इस लेख में खुजली के सामान्य तथा असामान्य लक्षणों की भी बात करेंगे, किस तरह के खुजली के लक्षण आपके शरीर में नजर आए तो आपको डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए, आइए जानते हैं;

प्रेगनेंसी में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे; त्वचा में खिंचाव, हार्मोनल बदलाव आदि। आइए जानते हैं, खुजली के सामान्य तथा असामान्य कारणों के बारे में;

खुजली के सामान्य कारण

त्वचा में खिंचाव; गर्भावस्था के बढ़ने के साथ-साथ पेट और स्तनों की त्वचा में खिंचाव होता है। खिंचाव के कारण त्वचा पतली तथा रूखी हो जाती है, जिससे पेट तथा स्तनों की त्वचा पर खुजली लगती है।

हार्मोनल कारण; गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर त्वचा की संवेदनशीलता को बढ़ा देता है, जिसके कारण खुजली होती है।

ब्लड फ्लो का बढ़ना; गर्भावस्था के दौरान शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, जिस कारण से भी खुजली होती है।

खुजली के असामान्य कारण

गर्भावस्था के आखिरी 3 महीने में कई बार लीवर के ठीक से काम ना कर पाने के कारण पित्तरस शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और वह खून में जमा होने लगता हैं, जिसके कारण शरीर में भयंकर खुजली होती है। इस अवस्था को इंट्राहैप्टिक कोलेस्टेसिस ऑफ़ प्रेगनेंसी (Intrahepatic Cholestasis of Pregnancy) कहते हैं। गर्भावस्था में इस तरह की परेशानी होने पर गर्व में पल रहे शिशु पर असर पड़ता है।

Cholestasis of Pregnancy
Cholestasis of Pregnancy

साधारण खुजली के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान साधारण खुजली सामान्यत पेट, स्तन, जांघों पर होता है। इस तरह की खुजली में असहजता होती है पर यह सहनीय होता है।

प्रेगनेंसी में गंभीर खुजली कोलेस्टेसिस के कारण होता है। यह लवर से जुड़ी एक प्रकार की बीमारी है, इसमें गर्भवती महिला के शरीर में बहुत तेज तथा असहनीय खुजली होती है। इस तरह की खुजली रात के समय बढ़ जाती है तथा हथेलियां और तलवों पर ज्यादा होती है। गर्भावस्था के दौरान कोलेस्टेसिस होने पर त्वचा तथा आंखों में पीलापन नजर आता है, पेशाब का रंग भी गहरा हो जाता है।

साधारण खुजली के कारण गर्भ में पल रहे शिशु पर कोई असर नहीं पड़ता है।

कोलेस्टेसिस से होने वाली खुजली का गर्भ में पल रहे शिशु पर असर होता है इस तरह की खुजली के कारण प्रीमेच्योर डिलीवरी हो सकती है या फिर मृत शिशु का जन्म हो सकता है।

अगर आपको रात के समय खुजली बढ़ जाए खुजली के साथ-साथ आपकी त्वचा तथा आंखों का रंग पीला पड़ने लगे या पेशाब का रंग गहरा होने लगे या फिर आपके बच्चे की हलचल में कमी महसूस हो तो बिना किसी देरी के तुरंत ही डॉक्टर से मिलें, यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकता है।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...