Gossip and personality
Gossip and personality Credit: istock

Gossip and Backbiting Problem: वर्कप्‍लेस हो या फिर रिश्‍तेदारी हर किसी को दूसरों की अच्‍छाई और कमियों के बारे में बात करना पसंद होता है। हालांकि ये एक स्‍वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन कई बार ये आदत आपको मानसिक रूप से बीमार कर सकती है। जी हां, बैकबाइटिंग, जलन और ईर्ष्‍या एक प्राकृतिक मानवीय भावना है, लेकिन जब ये आदत नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो ये पकी आंतरिक शांति और रिश्‍तों को नुकसान पहुंचा सकती है। सामान्‍यतौर पर मन में नकारात्‍मक भावनाएं, दूसरों से आगे निकलने की होड़ और तनाव इस प्रकार की आदतों को बढ़ावा देती हैं। जिसका असर आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। नकारात्‍मक बातें, ईर्ष्‍या और जलन आपके शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर आपको कमजोर और बीमार बना सकती हैं। आखिर जलन और बैकबाइटिंग कैसे डालती हैं आपकी सेहत पर प्रभाव, चलिए जानते हैं इसके बारे में।

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क्‍या है बैकबाइटिंग और ईर्ष्‍या

 Gossip and Backbiting Problem
What is backbiting and jealousy

किसी भी बीमारी की जड़ त‍क पहुंचने से पहले उसके कारणों के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है। बैकबाइटिंग और ईर्ष्‍या एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका अनुभव हर व्‍यक्ति करता है लेकिन कई बार दूसरों की तरक्‍की और सफलता से प्रभावित होकर हम खुद को उससे कमतर आंकने लगते हैं। जो बैकबाइटिंग और ईर्ष्‍या का मुख्‍य कारण हो सकता है। ईर्ष्‍या एक प्रकार की नाराजगी है जो दूसरों के पास मौजूद लाभों और संपत्ति के कारण महसूस हो सकती है।

कैसे पनपती हैं नकारात्‍मक भावनाएं

जब किसी व्‍यक्ति को उसके मन मुताबिक सफलता या सुविधाएं प्राप्‍त नहीं होतीं तब वह नकारात्‍मक भावनाओं का शिकार हो सकता है। नकारात्‍मक भावनाओं के चलते व्‍यक्ति अन्‍य व्‍यक्तियों से तो दूरी बना ही लेता है बल्कि वह खुद को भी असहाय और कमजोर मानने लगता है। व्‍यक्ति की यही आदत उसे बैकबाइटिंग और ईर्ष्‍या करने को मजबूर कर देती है।

ईर्ष्‍यालु व्‍यक्ति की विशेषताएं

ईर्ष्‍यालु व्‍यक्तियों को उसकी कुछ विशेष आदतों की वहज से पहचाना जा सकता है।

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  • -जब आपके आस-पास के लोग सफल होते हैं, तो खुद को दुखी पाना
  • -किसी दूसरे व्‍यक्ति की सफलता के जश्‍न में शामिल न होना
  • -अन्‍य व्‍यक्ति की असफलता पर खुश होना
  • -हमेशा दूसरों की बुराई करना
  • -अक्‍सर दूसरों के कामों को आंकना
  • -दूसरे लोगों के बारे में बात करते समय झूठी तारीफ करना
  • -लोगों के बारे में अफवाहें या गलत जानकारी फैलाना

कैसे पड़ता है सेहत पर प्रभाव

क्‍यों करते हैं गॉसिप और बैकबाइटिंग
How does it affect health

लोगों के बारे में गॉसिप करना हर किसी पसंद होता है। खासकर महिलाओं के स्‍ट्रेस हॉर्मोन को कम करने में इसका विशेष योगदान हो सकता है। लेकिन जरूरत से ज्‍यादा किसी से जलन करना या बातें बनाना आपके हार्ट को भी प्रभावित कर सकता है। जब आप किसी के बारे में नकारात्‍मक बातें बोलते हैं तो शरीर में एड्रेनाइल नामक हॉर्मोन बढ़ता है जो हार्ट रेट को बढ़ाने में मदद करता है। कई बार ये हॉर्मोन हार्ट अटैक या हाई बीपी का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा बैकबाइटिंग आपकी भूख, सोचने की शक्ति और कार्यों को भी प्रभावित कर सकती है। साथ ही ये आदत तनाव और डिप्रेशन को भी बढ़ावा देती है।

कैसे बचें गॉसिप और बैकबा‍इटिंग से

गॉसिप और बैकबाइटिंग करना कई मामलों में हेल्‍दी होता है लेकिन जब ये भावनाएं आपको नकारात्‍मक बनाने लगती हैं तो इससे दूरी बनाना और समाधान निकालने में ही समझदारी है।

  • खुश रहें: जब भी आप किसी की बैकबाइटिंग करें तो उसकी खुशी और सफलता के बारे में अच्‍छा बोलें। अन्‍य व्‍यक्ति की खुशियों में शामिल हों न कि नकारात्‍मक विचारों के साथ दूसरों से दूरी बना लें।
  • लिखें: किसी भी व्‍यक्ति की बैकबाइटिंग या गॉसिंप करने की बजाय आप अपनी भावनाओं को लिखें। इससे आपकी नकारात्‍मक भावनाएं बाहर निकल जाएंगी और आप शांत महसूस करेंगे। इससे रिश्‍तों पर भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • नया सीखें: अपनी एनर्जी को चैनलाइज करने के लिए कुछ नया सीखें। खुद के लिए समय निकालें।
  • मार्गदर्शन: यदि आप बैकबाइटिंग या गॉसिप करने की आदत को छुड़ा नहीं पा रहे हैं तो मानसिक चिकित्‍सक की मदद लें।